Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 27 जुलाई 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
27 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 27 जुलाई
- 04:07–04:41ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:16 से
- 05:16–07:11लाभ चौघड़िया
- 07:11–09:06अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:00–12:55शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:40–20:35लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:35 के बाद
- 21:40–22:45शुभ चौघड़िया
- 22:45–23:51अमृत चौघड़िया
-
00:53–02:40 गुरुअमृत कालपुनर्वसु में
- 03:07–04:12 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:07–04:42 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:16–07:11लाभशुभ
- 07:11–09:06अमृतयमगण्ड में
- 09:06–11:00कालअशुभ
- 11:00–12:55शुभगुलिक काल में
- 12:55–14:50रोगअशुभ
- 14:50–16:45उद्वेगअशुभ
- 16:45–18:40चरसामान्य
- 18:40–20:35लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:35–21:40उद्वेगअशुभ
- 21:40–22:45शुभ
- 22:45–23:51अमृतशुभ
- 23:51–00:56 गुरुचरसामान्य
- 00:56–02:01 गुरुरोगअशुभ
- 02:01–03:07 गुरुकालअशुभ
- 03:07–04:12 गुरुलाभशुभ
- 04:12–05:17 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 27 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:41, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:16–07:11
- अमृत, शुभ, 07:11–09:06
- काल, अशुभ, 09:06–11:00
- शुभ, 11:00–12:55
- रोग, अशुभ, 12:55–14:50
- उद्वेग, अशुभ, 14:50–16:45
- चर, सामान्य, 16:45–18:40
- लाभ, शुभ, 18:40–20:35
- उद्वेग, अशुभ, 20:35–21:40
- शुभ, 21:40–22:45
- अमृत, शुभ, 22:45–23:51
- चर, सामान्य, 23:51–00:56 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:56–02:01 गुरु
- काल, अशुभ, 02:01–03:07 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:07–04:12 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:12–05:17 गुरु
- यमगण्ड, 07:11–09:06, अशुभ
- गुलिक काल, 11:00–12:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:25–13:26, अशुभ
- राहु काल, 12:55–14:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:42 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 27 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 342.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:16। त्रयोदशी उससे पहले 15:17 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 17:42 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 13 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 27 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:07–04:41
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:07–04:41।
मंगल 26 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:36 मंगल से सूर्योदय 05:16 तक थी, 8 घं 40 मि। इसे 34 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 27 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:25–13:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:25–13:26।
यहाँ दिन, 05:16 से 20:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 1 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:25–13:26: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 27 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:16–07:11 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:16 से 20:35, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:35 से 05:17 गुरु, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 27 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:55–14:50
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:55–14:50।
बुध 27 जुलाई को यमगंड कब है? 07:11–09:06
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:11–09:06।
बुध 27 जुलाई को गुलिक काल कब है? 11:00–12:55
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:00–12:55।
यहाँ दिन 05:16 से 20:35 तक है, 15 घं 19 मि। इसे 1 घं 54 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 27 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:16, सूर्यास्त 20:35, 15 घं 19 मि का दिन।
बुध 27 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:16, सूर्यास्त 20:35, 15 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 27 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 82.3° पर था: पुनर्वसु, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:34 गुरु को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 27 जुलाई को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 182.2° थे: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 99.9° + 82.3° = 182.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 13:35 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
बुध 27 जुलाई को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 342.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 04:31 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 17:42 तक है।
बुध 27 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:16, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:16 से 05:17 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 29 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 28 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
बुध 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
बुध 27 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 112.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 27 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:21 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:21 गुरु पर उदय होता है।
बुध 27 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:27
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:27 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:21 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:27 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:21 गुरु पर उदय होगा।