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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 23 अप्रैल 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 05:43 19:52अगला सूर्योदय 05:42 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:43–07:30कालअशुभ
  • 07:30–09:16शुभ
  • 09:16–11:02रोगअशुभ
  • 11:02–12:48उद्वेगअशुभ
  • 12:48–14:34चरसामान्य
  • 14:34–16:20लाभयमगण्ड में
  • 16:20–18:06अमृतशुभ
  • 18:06–19:52कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:52–21:06लाभशुभ
  • 21:06–22:20उद्वेगअशुभ
  • 22:20–23:33शुभ
  • 23:33–00:47 रविअमृतशुभ
  • 00:47–02:01 रविचरसामान्य
  • 02:01–03:14 रविरोगअशुभ
  • 03:14–04:28 रविकालअशुभ
  • 04:28–05:42 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 23 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:04, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:43–07:30
  • शुभ, 07:30–09:16
  • रोग, अशुभ, 09:16–11:02
  • उद्वेग, अशुभ, 11:02–12:48
  • चर, सामान्य, 12:48–14:34
  • लाभ, शुभ, 14:34–16:20
  • अमृत, शुभ, 16:20–18:06
  • काल, अशुभ, 18:06–19:52
  • लाभ, शुभ, 19:52–21:06
  • उद्वेग, अशुभ, 21:06–22:20
  • शुभ, 22:20–23:33
  • अमृत, शुभ, 23:33–00:47 रवि
  • चर, सामान्य, 00:47–02:01 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:01–03:14 रवि
  • काल, अशुभ, 03:14–04:28 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:28–05:42 रवि
  • गुलिक काल, 05:43–07:30, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:43–06:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:40–07:37, अशुभ
  • राहु काल, 09:16–11:02, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:20–13:16, शुभ
  • यमगण्ड, 14:34–16:20, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:02 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 23 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 265.5° आगे था: कृष्ण अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 265.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 265.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। सप्तमी उससे पहले 02:57 पर समाप्त हुई। अष्टमी 01:00 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 16 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?

नई दिल्ली में सप्तमी है, Myjava में अष्टमी।

सप्तमी अष्टमी अष्टमी नवमी शनि 23 अप्रैल सुबह रवि 24 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+2 06:27 02:57 04:30 01:00 05:48 सप्तमी 05:47 नवमी 05:43 अष्टमी 05:42 नवमी
सप्तमी अष्टमी अष्टमी नवमी शनि 23 अप्रैल सुबह रवि 24 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+2 06:27 02:57 04:30 01:00 05:48 सप्तमी 05:47 नवमी 05:43 अष्टमी 05:42 नवमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:48, सप्तमी की समाप्ति 06:27 से पहले हुआ: यह दिन सप्तमी है। अष्टमी अगले सूर्योदय से पहले, 04:30 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं होता: वह क्षय है।

Myjava · UTC+2

यहाँ सूर्योदय, 05:43, सप्तमी की समाप्ति 02:57 के बाद हुआ: यह दिन अष्टमी है।

शनि 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:04।

सूर्यास्त 19:51 शुक्र सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 22 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:51 शुक्र सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 22 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 22 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:51 शुक्र से सूर्योदय 05:43 तक थी, 9 घं 52 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 23 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:20–13:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:20–13:16।

शनि 23 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 05:43–06:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:43–06:40 और 06:40–07:37।

शनि 23 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:40–07:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:43–06:40 और 06:40–07:37।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:43 से 19:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:43–06:40 और 06:40–07:37।

शनि 23 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:43–07:30 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:43 से 19:52, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:52 से 05:42 रवि, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 23 अप्रैल को राहुकाल कब है? 09:16–11:02

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–11:02।

शनि 23 अप्रैल को यमगंड कब है? 14:34–16:20

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:34–16:20।

शनि 23 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 05:43–07:30

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:43–07:30।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:43 से 19:52 तक है, 14 घं 9 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 23 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 19:52, 14 घं 9 मि का दिन।

शनि 23 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 19:52, 14 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 03:35 रवि
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 03:35 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 274.3° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 274.3° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 274.3° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:23 को निकलेगा, श्रवण में।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 283.1° थे: साध्य।

सूर्य 8.8° + चंद्रमा 274.3° = 283.1° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 8.8° + चंद्रमा 274.3° = 283.1° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 8.8° + 274.3° = 283.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 22:00 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 265.5° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 265.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° बालव 264°–270° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 265.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° बालव 264°–270° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 13:56 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 01:00 रवि तक।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:42 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 1 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 30 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 23 अप्रैल अमावस्या 1 अप्रैल पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 23 अप्रैल अमावस्या 1 अप्रैल पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

शनि 23 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 23 अप्रैल सूर्य 8.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 23 अप्रैल सूर्य 8.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 21.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 23 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:35 रवि

चंद्रमा यहाँ 03:35 रवि पर उदय होता है।

शनि 23 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:56

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 03:35 रवि
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 19:52 सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:56 चंद्रोदय 03:35 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:35 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:35 रवि पर उदय होगा।