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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 26 अप्रैल 2021

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 09:14 तक

फिर पूर्णिमा · 05:31 मंगल तक

यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानें

त्योहार

हनुमान जयंती

हनुमान जयंती सोम 26 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। सोम 26 अप्रैल क्यों?

हनुमान जयंती: Myjava में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा सोम 26 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। सोम 26 अप्रैल क्यों?

पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:20 05:38 19:57अगला सूर्योदय 05:36 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:38–07:25अमृतशुभ
  • 07:25–09:12कालअशुभ
  • 09:12–11:00शुभ
  • 11:00–12:47रोगअशुभ
  • 12:47–14:35उद्वेगअशुभ
  • 14:35–16:22चरसामान्य
  • 16:22–18:10लाभशुभ
  • 18:10–19:57अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:57–21:10चरसामान्य
  • 21:10–22:22रोगअशुभ
  • 22:22–23:34कालअशुभ
  • 23:34–00:46 मंगललाभशुभ
  • 00:46–01:59 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:59–03:11 मंगलशुभ
  • 03:11–04:23 मंगलअमृतशुभ
  • 04:23–05:36 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 26 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–04:59, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:38–07:25
  • काल, अशुभ, 07:25–09:12
  • शुभ, 09:12–11:00
  • रोग, अशुभ, 11:00–12:47
  • उद्वेग, अशुभ, 12:47–14:35
  • चर, सामान्य, 14:35–16:22
  • लाभ, शुभ, 16:22–18:10
  • अमृत, शुभ, 18:10–19:57
  • चर, सामान्य, 19:57–21:10
  • रोग, अशुभ, 21:10–22:22
  • काल, अशुभ, 22:22–23:34
  • लाभ, शुभ, 23:34–00:46 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:46–01:59 मंगल
  • शुभ, 01:59–03:11 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:11–04:23 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:23–05:36 मंगल
  • राहु काल, 07:25–09:12, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:00–12:47, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:16, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:16–14:13, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:35–16:22, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:08–17:05, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–04:57 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में हनुमान जयंती सोम 26 अप्रैल को क्यों है?

हनुमान जयंती सोम 26 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 26 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:38
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 26 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:38
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

हनुमान जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 26 अप्रैल को 09:14 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और मंगल 27 अप्रैल को 05:31 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 26 अप्रैल। हनुमान जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

हनुमान जयंती: Myjava में हर तारीख़

Myjava में पूर्णिमा सोम 26 अप्रैल को क्यों है?

पूर्णिमा सोम 26 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 26 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:38
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 26 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:38
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 26 अप्रैल को 09:14 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और मंगल 27 अप्रैल को 05:31 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: सोम 26 अप्रैल। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़

सोम 26 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 165.9° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 165.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 165.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:38। त्रयोदशी उससे पहले 12:43 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:14 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 12 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा क्षय क्यों है?

पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा सोम 26 अप्रैल सुबह मंगल 27 अप्रैल सुबह Myjava UTC+2 09:14 05:31 05:38 चतुर्दशी 05:36 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा सोम 26 अप्रैल सुबह मंगल 27 अप्रैल सुबह Myjava UTC+2 09:14 05:31 05:38 चतुर्दशी 05:36 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 09:14 को शुरू हुई और 05:31 मंगल को समाप्त, 05:38 और 05:36 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को चतुर्दशी है और मंगलवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 26 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–04:59

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–04:59।

सूर्यास्त 19:56 रवि सूर्योदय 05:38 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 25 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:56 रवि सूर्योदय 05:38 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 25 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 25 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:56 रवि से सूर्योदय 05:38 तक थी, 9 घं 42 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 26 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:16।

सोम 26 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:16–14:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:16–14:13 और 16:08–17:05।

सोम 26 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:08–17:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:16–14:13 और 16:08–17:05।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:38 से 19:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:16–14:13 और 16:08–17:05।

सोम 26 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:38–07:25 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:38 से 19:57, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:57 से 05:36 मंगल, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 26 अप्रैल को राहुकाल कब है? 07:25–09:12

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:25–09:12।

सोम 26 अप्रैल को यमगंड कब है? 11:00–12:47

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:00–12:47।

सोम 26 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 14:35–16:22

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:35–16:22।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:38 से 19:57 तक है, 14 घं 19 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 26 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 19:57, 14 घं 19 मि का दिन।

सोम 26 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 19:57, 14 घं 19 मि का दिन।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:08
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 177.9° पर था: चित्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 177.9° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 177.9° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:35 को निकलेगा, स्वाती में।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 189.9° थे: वज्र।

सूर्य 12.0° + चंद्रमा 177.9° = 189.9° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 12.0° + चंद्रमा 177.9° = 189.9° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 12° + 177.9° = 189.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 20:45 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 165.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 165.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 165.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:01 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 09:14 तक है।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:38, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:38 से 05:36 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 12 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 11 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 26 अप्रैल पूर्णिमा 28 मार्च अमावस्या 12 अप्रैल पूर्णिमा 27 अप्रैल अमावस्या 11 मई
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 26 अप्रैल पूर्णिमा 28 मार्च अमावस्या 12 अप्रैल पूर्णिमा 27 अप्रैल अमावस्या 11 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

सोम 26 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2078 · शक 1943

विक्रम संवत 2078 12 अप्रैल 2021 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 2021 04:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 26 अप्रैल सूर्य 12.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 2021 04:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 26 अप्रैल सूर्य 12.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2021, 04:30 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 13.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2078 गिनता है; शक संवत 1943।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 26 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:08

चंद्रमा यहाँ 19:08 पर उदय होता है।

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:08
सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 19:57 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 19:08 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।