Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 15 अक्टूबर 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि गुरु 15 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 15 अक्टूबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़15 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 15 अक्टूबर
- 05:25–06:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:10 से
- 07:10–08:31शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
08:31–09:30अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · उत्तराफाल्गुनी में
- 12:13–12:56अभिजीत मुहूर्त
- 12:34–13:56लाभ चौघड़िया
- 13:56–15:17अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:38–17:59शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:59 के बाद
- 17:59–19:38अमृत चौघड़िया
- 00:35–02:14 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:53–05:32 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:32–07:11 शुक्रअमृत चौघड़िया
-
06:12–07:36 शुक्रअमृत कालहस्त में
- 05:26–06:19 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:10–08:31शुभयमगण्ड में
- 08:31–09:52रोगअशुभ
- 09:52–11:13उद्वेगअशुभ
- 11:13–12:34चरसामान्य
- 12:34–13:56लाभशुभ
- 13:56–15:17अमृतराहु काल में
- 15:17–16:38कालअशुभ
- 16:38–17:59शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:59–19:38अमृतशुभ
- 19:38–21:17चरसामान्य
- 21:17–22:56रोगअशुभ
- 22:56–00:35 शुक्रकालअशुभ
- 00:35–02:14 शुक्रलाभशुभ
- 02:14–03:53 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:53–05:32 शुक्रशुभ
- 05:32–07:11 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 15 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:17, शुभ
- शुभ, 07:10–08:31
- रोग, अशुभ, 08:31–09:52
- उद्वेग, अशुभ, 09:52–11:13
- चर, सामान्य, 11:13–12:34
- लाभ, शुभ, 12:34–13:56
- अमृत, शुभ, 13:56–15:17
- काल, अशुभ, 15:17–16:38
- शुभ, 16:38–17:59
- अमृत, शुभ, 17:59–19:38
- चर, सामान्य, 19:38–21:17
- रोग, अशुभ, 21:17–22:56
- काल, अशुभ, 22:56–00:35 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:35–02:14 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:14–03:53 शुक्र
- शुभ, 03:53–05:32 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:32–07:11 शुक्र
- यमगण्ड, 07:10–08:31, अशुभ
- गुलिक काल, 09:52–11:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:46–11:29, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:13–12:56, शुभ
- राहु काल, 13:56–15:17, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:06–15:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:19 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में मासिक शिवरात्रि गुरु 15 अक्टूबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि गुरु 15 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 15 अक्टूबर को 05:03 से शुक्र 16 अक्टूबर को 01:23 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (00:09 शुक्र–01:02 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.2° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:10। त्रयोदशी उससे पहले 05:03 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 01:23 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 1 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Myjava में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:22, त्रयोदशी की समाप्ति 08:33 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है। चतुर्दशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:53 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 07:10, त्रयोदशी की समाप्ति 05:03 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
गुरु 15 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:25–06:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:25–06:17।
बुध 14 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:01 बुध से सूर्योदय 07:10 तक थी, 13 घं 9 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 15 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:13–12:56
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:13–12:56।
गुरु 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:46–11:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:46–11:29 और 15:06–15:49।
गुरु 15 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:06–15:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:46–11:29 और 15:06–15:49।
यहाँ दिन, 07:10 से 17:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:46–11:29 और 15:06–15:49।
गुरु 15 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:10–08:31 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:10 से 17:59, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:59 से 07:11 शुक्र, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 15 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 13:56–15:17
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:56–15:17।
गुरु 15 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:10–08:31
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:10–08:31।
गुरु 15 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 09:52–11:13
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:52–11:13।
यहाँ दिन 07:10 से 17:59 तक है, 10 घं 49 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 15 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 17:59, 10 घं 49 मि का दिन।
गुरु 15 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 17:59, 10 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 155.4° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 153°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:28 को निकलेगा, हस्त में।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 333.6° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 178.2° + 155.4° = 333.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 02:36 शुक्र को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 337.2° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 15:15 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 01:23 शुक्र तक।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:10, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:10 से 07:11 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)
17 सितंबर और 16 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 13:00 गुरु से 16 अक्टूबर 21:31 शुक्र तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 03:35 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन (अधिक) है, और अमान्त गणना में आश्विन (अधिक)।
गुरु 15 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 10:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 198.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 15 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:15 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 06:15 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 15 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:50
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:15 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:15 शुक्र पर उदय होगा।