Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 17 फ़रवरी 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
17 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 17 फ़रवरी
- 05:05–06:00ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:55 से
- 06:55–08:12अमृत चौघड़िया
- 09:29–10:46शुभ चौघड़िया
- 12:03–12:24अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:09–15:55लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
15:48–17:25अमृत कालज्येष्ठा में
- 15:55–17:12अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:12 के बाद
- 22:20–00:03 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:45–03:28 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:28–05:10 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:04–05:58 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:55–08:12अमृतशुभ
- 08:12–09:29कालअशुभ
- 09:29–10:46शुभ
- 10:46–12:03रोगअशुभ
- 12:03–13:21उद्वेगअशुभ
- 13:21–14:38चरसामान्य
- 14:38–15:55लाभशुभ
- 15:55–17:12अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:12–18:55चरसामान्य
- 18:55–20:37रोगअशुभ
- 20:37–22:20कालअशुभ
- 22:20–00:03 मंगललाभशुभ
- 00:03–01:45 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:45–03:28 मंगलशुभ
- 03:28–05:10 मंगलअमृतशुभ
- 05:10–06:53 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 17 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:05–06:00, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:55–08:12
- काल, अशुभ, 08:12–09:29
- शुभ, 09:29–10:46
- रोग, अशुभ, 10:46–12:03
- उद्वेग, अशुभ, 12:03–13:21
- चर, सामान्य, 13:21–14:38
- लाभ, शुभ, 14:38–15:55
- अमृत, शुभ, 15:55–17:12
- चर, सामान्य, 17:12–18:55
- रोग, अशुभ, 18:55–20:37
- काल, अशुभ, 20:37–22:20
- लाभ, शुभ, 22:20–00:03 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:03–01:45 मंगल
- शुभ, 01:45–03:28 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:28–05:10 मंगल
- चर, सामान्य, 05:10–06:53 मंगल
- राहु काल, 08:12–09:29, अशुभ
- यमगण्ड, 10:46–12:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:43–12:24, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:24–13:05, अशुभ
- गुलिक काल, 13:21–14:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:28–15:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–05:58 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 17 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 286.4° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:55। अष्टमी उससे पहले 10:44 रवि पर समाप्त हुई। नवमी 10:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 9 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 17 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:05–06:00
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:05–06:00।
रवि 16 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:11 रवि से सूर्योदय 06:55 तक थी, 13 घं 44 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 17 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:43–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:43–12:24।
सोम 17 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:24–13:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:24–13:05 और 14:28–15:09।
सोम 17 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:28–15:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:24–13:05 और 14:28–15:09।
यहाँ दिन, 06:55 से 17:12, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:24–13:05 और 14:28–15:09।
सोम 17 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:55–08:12 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:55 से 17:12, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:12 से 06:53 मंगल, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 17 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 08:12–09:29
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:12–09:29।
सोम 17 फ़रवरी को यमगंड कब है? 10:46–12:03
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:46–12:03।
सोम 17 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 13:21–14:38
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:21–14:38।
यहाँ दिन 06:55 से 17:12 तक है, 10 घं 17 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 17 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 17:12, 10 घं 17 मि का दिन।
सोम 17 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 17:12, 10 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 230.3° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 00:43 मंगल को निकलेगा, मूल में।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 534.2° थे, एक चक्कर और 174.2°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 303.9° + 230.3° = 534.2°, एक पूरा चक्कर और 174.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 04:12 मंगल को समाप्त होता है, फिर वज्र।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 286.4° थी: नवमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 22:20 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 282° हुई; गर 10:05 तक है।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:55, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:55 से 06:53 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 24 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 23 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
सोम 17 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941
विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 10:50 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 312.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 17 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:33 मंगल
चंद्रमा यहाँ 03:33 मंगल पर उदय होता है।
सोम 17 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:20
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:20 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:33 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:20 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:33 मंगल पर उदय होगा।