Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 29 जनवरी 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
शुक्ल पक्ष · 08:49 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें पञ्चमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी बुध 29 जनवरी को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में पञ्चमी है। बुध 29 जनवरी क्यों?
वसंत पंचमी: Myjava में हर तारीख़29 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 29 जनवरी
- 05:26–06:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:24 से
- 07:24–08:33लाभ चौघड़िया
- 08:33–09:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:53–12:02शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:31–16:41लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:41 के बाद
- 18:31–20:21शुभ चौघड़िया
- 20:21–22:12अमृत चौघड़िया
- 03:42–05:32 गुरुलाभ चौघड़िया
-
05:18–07:06 गुरुअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 05:25–06:24 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:24–08:33लाभशुभ
- 08:33–09:43अमृतयमगण्ड में
- 09:43–10:53कालअशुभ
- 10:53–12:02शुभगुलिक काल में
- 12:02–13:12रोगअशुभ
- 13:12–14:22उद्वेगअशुभ
- 14:22–15:31चरसामान्य
- 15:31–16:41लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:41–18:31उद्वेगअशुभ
- 18:31–20:21शुभ
- 20:21–22:12अमृतशुभ
- 22:12–00:02 गुरुचरसामान्य
- 00:02–01:52 गुरुरोगअशुभ
- 01:52–03:42 गुरुकालअशुभ
- 03:42–05:32 गुरुलाभशुभ
- 05:32–07:23 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 29 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:25, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:24–08:33
- अमृत, शुभ, 08:33–09:43
- काल, अशुभ, 09:43–10:53
- शुभ, 10:53–12:02
- रोग, अशुभ, 12:02–13:12
- उद्वेग, अशुभ, 13:12–14:22
- चर, सामान्य, 14:22–15:31
- लाभ, शुभ, 15:31–16:41
- उद्वेग, अशुभ, 16:41–18:31
- शुभ, 18:31–20:21
- अमृत, शुभ, 20:21–22:12
- चर, सामान्य, 22:12–00:02 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:02–01:52 गुरु
- काल, अशुभ, 01:52–03:42 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:42–05:32 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:32–07:23 गुरु
- यमगण्ड, 08:33–09:43, अशुभ
- गुलिक काल, 10:53–12:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:44–12:21, अशुभ
- राहु काल, 12:02–13:12, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:24 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में वसंत पंचमी बुध 29 जनवरी को क्यों है?
वसंत पंचमी बुध 29 जनवरी को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में पञ्चमी है।
सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। पञ्चमी बुध 29 जनवरी को 06:16 पर लगी, उस सुबह के पूर्वाह्न से पहले, और गुरु 30 जनवरी को 08:49 पर उतरी, अगले पूर्वाह्न के बीच में। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसे पञ्चमी पूरा भरती है: बुध 29 जनवरी। वसंत पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; पूर्वाह्न Tithika की परिपाटी है।
बुध 29 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 48.5° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:24। चतुर्थी उससे पहले 06:16 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:49 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 24 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पञ्चमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
पञ्चमी यहाँ बुध 29 और गुरु 30 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 06:16 को, सूर्योदय 07:24 से पहले, शुरू हुई और 08:49 गुरु को, अगले सूर्योदय 07:23 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पञ्चमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Myjava में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:11, चतुर्थी की समाप्ति 10:46 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 07:24, चतुर्थी की समाप्ति 06:16 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
बुध 29 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:26–06:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:26–06:25।
मंगल 28 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:39 मंगल से सूर्योदय 07:24 तक थी, 14 घं 45 मि। इसे 59 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 29 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:44–12:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:44–12:21।
यहाँ दिन, 07:24 से 16:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:44–12:21: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 29 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:24–08:33 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:24 से 16:41, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:41 से 07:23 गुरु, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 29 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:02–13:12
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:02–13:12।
बुध 29 जनवरी को यमगंड कब है? 08:33–09:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:33–09:43।
बुध 29 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:53–12:02
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:02।
यहाँ दिन 07:24 से 16:41 तक है, 9 घं 17 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 29 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 16:41, 9 घं 17 मि का दिन।
बुध 29 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 16:41, 9 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 29 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 333.2° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:43 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
बुध 29 जनवरी को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 617.9° थे, एक चक्कर और 257.9°: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 284.7° + 333.2° = 617.9°, एक पूरा चक्कर और 257.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 23:51 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
बुध 29 जनवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 48.5° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 19:32 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 08:49 गुरु तक।
बुध 29 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:24, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:24 से 07:23 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 29 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 24 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 23 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 29 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
बुध 29 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941
विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 10:50 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 293.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 29 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:44
चंद्रमा यहाँ 09:44 पर उदय होता है।
बुध 29 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:24
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:44 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:24 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:44 पर उदय हुआ; वह फिर 21:24 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।