Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 16 अप्रैल 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
16 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 16 अप्रैल
- 04:35–05:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 05:57–07:40अमृत चौघड़िया
- 09:23–11:06शुभ चौघड़िया
- 12:49–13:17अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:57–17:59लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
16:57–18:18अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · अश्विनी में
- 17:59–19:42अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:42 के बाद
- 23:32–00:48 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:05–03:22 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:22–04:38 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:33–05:14 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:40अमृतशुभ
- 07:40–09:23कालअशुभ
- 09:23–11:06शुभ
- 11:06–12:49रोगअशुभ
- 12:49–14:33उद्वेगअशुभ
- 14:33–16:16चरसामान्य
- 16:16–17:59लाभशुभ
- 17:59–19:42अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:42–20:59चरसामान्य
- 20:59–22:15रोगअशुभ
- 22:15–23:32कालअशुभ
- 23:32–00:48 मंगललाभशुभ
- 00:48–02:05 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:05–03:22 मंगलशुभ
- 03:22–04:38 मंगलअमृतशुभ
- 04:38–05:55 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 16 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:35–05:16, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:57–07:40
- काल, अशुभ, 07:40–09:23
- शुभ, 09:23–11:06
- रोग, अशुभ, 11:06–12:49
- उद्वेग, अशुभ, 12:49–14:33
- चर, सामान्य, 14:33–16:16
- लाभ, शुभ, 16:16–17:59
- अमृत, शुभ, 17:59–19:42
- चर, सामान्य, 19:42–20:59
- रोग, अशुभ, 20:59–22:15
- काल, अशुभ, 22:15–23:32
- लाभ, शुभ, 23:32–00:48 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:48–02:05 मंगल
- शुभ, 02:05–03:22 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:22–04:38 मंगल
- चर, सामान्य, 04:38–05:55 मंगल
- राहु काल, 07:40–09:23, अशुभ
- यमगण्ड, 11:06–12:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:17, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:17–14:12, अशुभ
- गुलिक काल, 14:33–16:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:02–16:57, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:14 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 16 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1.1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। अमावस्या उससे पहले 03:57 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 02:17 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 16 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Myjava में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:55, अमावस्या की समाप्ति 07:27 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 05:47 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 05:57, अमावस्या की समाप्ति 03:57 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
सोम 16 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:35–05:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:35–05:16।
रवि 15 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:40 रवि से सूर्योदय 05:57 तक थी, 10 घं 17 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 16 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:17।
सोम 16 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:17–14:12
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:17–14:12 और 16:02–16:57।
सोम 16 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:02–16:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:17–14:12 और 16:02–16:57।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:17–14:12 और 16:02–16:57।
सोम 16 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:40 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:42, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:42 से 05:55 मंगल, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 16 अप्रैल को राहुकाल कब है? 07:40–09:23
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:40–09:23।
सोम 16 अप्रैल को यमगंड कब है? 11:06–12:49
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:06–12:49।
सोम 16 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 14:33–16:16
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:33–16:16।
यहाँ दिन 05:57 से 19:42 तक है, 13 घं 45 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 16 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:42, 13 घं 45 मि का दिन।
सोम 16 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:42, 13 घं 45 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 3.1° पर था: अश्विनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 0° पर उसके पद 1 में आया। वह 23:41 को निकलेगा, भरणी में।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 5.1° थे: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 2° + 3.1° = 5.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 19:18 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 1.1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 15:10 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 02:17 मंगल तक।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:55 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 16 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 15 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
सोम 16 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 14:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 29.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 16 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:34
चंद्रमा यहाँ 06:34 पर उदय होता है।
सोम 16 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:08
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:34 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:08 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:34 पर उदय हुआ; वह फिर 20:08 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।