Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 7 मार्च 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि सोम 7 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 7 मार्च क्यों?
महाशिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 7 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 7 मार्च क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़7 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 7 मार्च
- 04:37–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:18 से
- 06:18–07:44अमृत चौघड़िया
- 09:09–10:35शुभ चौघड़िया
- 12:00–12:23अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
-
12:00–12:23अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · धनिष्ठा में
- 15:26–16:17लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:17–17:42अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:42 के बाद
- 22:25–23:59लाभ चौघड़िया
- 01:34–03:08 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:08–04:42 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:36–05:26 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:18–07:44अमृतशुभ
- 07:44–09:09कालअशुभ
- 09:09–10:35शुभ
- 10:35–12:00रोगअशुभ
- 12:00–13:26उद्वेगअशुभ
- 13:26–14:51चरसामान्य
- 14:51–16:17लाभशुभ
- 16:17–17:42अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:42–19:17चरसामान्य
- 19:17–20:51रोगअशुभ
- 20:51–22:25कालअशुभ
- 22:25–23:59लाभशुभ
- 23:59–01:34 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:34–03:08 मंगलशुभ
- 03:08–04:42 मंगलअमृतशुभ
- 04:42–06:16 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 7 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:28, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:18–07:44
- काल, अशुभ, 07:44–09:09
- शुभ, 09:09–10:35
- रोग, अशुभ, 10:35–12:00
- उद्वेग, अशुभ, 12:00–13:26
- चर, सामान्य, 13:26–14:51
- लाभ, शुभ, 14:51–16:17
- अमृत, शुभ, 16:17–17:42
- चर, सामान्य, 17:42–19:17
- रोग, अशुभ, 19:17–20:51
- काल, अशुभ, 20:51–22:25
- लाभ, शुभ, 22:25–23:59
- उद्वेग, अशुभ, 23:59–01:34 मंगल
- शुभ, 01:34–03:08 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:08–04:42 मंगल
- चर, सामान्य, 04:42–06:16 मंगल
- राहु काल, 07:44–09:09, अशुभ
- यमगण्ड, 10:35–12:00, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:38–12:23, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:23–13:09, अशुभ
- गुलिक काल, 13:26–14:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:40–15:26, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:26 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में महाशिवरात्रि सोम 7 मार्च को क्यों है?
महाशिवरात्रि सोम 7 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 7 मार्च को 08:50 से मंगल 8 मार्च को 06:04 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (23:34–00:25 मंगल) उसके भीतर है।
Myjava में मासिक शिवरात्रि सोम 7 मार्च को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 7 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 7 मार्च को 08:50 से मंगल 8 मार्च को 06:04 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (23:34–00:25 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 7 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 334.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। द्वादशी उससे पहले 11:05 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 08:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 22 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्दशी क्षय क्यों है?
चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 08:50 को शुरू हुई और 06:04 मंगल को समाप्त, 06:18 और 06:16 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को त्रयोदशी है और मंगलवार को अमावस्या: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 7 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:28।
रवि 6 मार्च की रात सूर्यास्त 17:41 रवि से सूर्योदय 06:18 तक थी, 12 घं 37 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 7 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:38–12:23
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:38–12:23।
सोम 7 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:23–13:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:23–13:09 और 14:40–15:26।
सोम 7 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:40–15:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:23–13:09 और 14:40–15:26।
यहाँ दिन, 06:18 से 17:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:23–13:09 और 14:40–15:26।
सोम 7 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:18–07:44 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:18 से 17:42, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:42 से 06:16 मंगल, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 7 मार्च को राहुकाल कब है? 07:44–09:09
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:44–09:09।
सोम 7 मार्च को यमगंड कब है? 10:35–12:00
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:35–12:00।
सोम 7 मार्च को गुलिक काल कब है? 13:26–14:51
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:26–14:51।
यहाँ दिन 06:18 से 17:42 तक है, 11 घं 24 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 7 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 17:42, 11 घं 24 मि का दिन।
सोम 7 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 17:42, 11 घं 24 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 7 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 297.6° पर था: धनिष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 296°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:22 को निकलेगा, शतभिषा में।
सोम 7 मार्च को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 620.6° थे, एक चक्कर और 260.6°: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 323° + 297.6° = 620.6°, एक पूरा चक्कर और 260.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 15:47 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
सोम 7 मार्च को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 334.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 22:02 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 08:50 तक है।
सोम 7 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:16 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 7 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 8 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 9 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
सोम 7 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
सोम 7 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 10:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 347.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 7 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:50 मंगल
चंद्रमा यहाँ 05:50 मंगल पर उदय होता है।
सोम 7 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:53
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:53 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:50 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:53 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:50 मंगल पर उदय होगा।