Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 7 अगस्त 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
7 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 7 अगस्त
- 04:17–04:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:30 से
- 07:21–09:12लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:27–11:03अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:41–11:03अमृत कालराहु काल छोड़कर · भरणी में
- 12:54–13:24अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:54–13:24शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 14:23–14:46शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 20:19 के बाद
- 22:37–23:46लाभ चौघड़िया
- 00:55–02:04 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:04–03:13 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:18–04:55 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:30–07:21चरसामान्य
- 07:21–09:12लाभगुलिक काल में
- 09:12–11:03अमृतशुभ
- 11:03–12:54कालअशुभ
- 12:54–14:46शुभ
- 14:46–16:37रोगअशुभ
- 16:37–18:28उद्वेगअशुभ
- 18:28–20:19चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 20:19–21:28रोगअशुभ
- 21:28–22:37कालअशुभ
- 22:37–23:46लाभशुभ
- 23:46–00:55 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:55–02:04 शनिशुभ
- 02:04–03:13 शनिअमृतशुभ
- 03:13–04:22 शनिचरसामान्य
- 04:22–05:31 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 7 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–04:53, शुभ
- चर, सामान्य, 05:30–07:21
- लाभ, शुभ, 07:21–09:12
- अमृत, शुभ, 09:12–11:03
- काल, अशुभ, 11:03–12:54
- शुभ, 12:54–14:46
- रोग, अशुभ, 14:46–16:37
- उद्वेग, अशुभ, 16:37–18:28
- चर, सामान्य, 18:28–20:19
- रोग, अशुभ, 20:19–21:28
- काल, अशुभ, 21:28–22:37
- लाभ, शुभ, 22:37–23:46
- उद्वेग, अशुभ, 23:46–00:55 शनि
- शुभ, 00:55–02:04 शनि
- अमृत, शुभ, 02:04–03:13 शनि
- चर, सामान्य, 03:13–04:22 शनि
- रोग, अशुभ, 04:22–05:31 शनि
- गुलिक काल, 07:21–09:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:28–09:27, अशुभ
- राहु काल, 11:03–12:54, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:24, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:24–14:23, अशुभ
- यमगण्ड, 16:37–18:28, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–04:55 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 7 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 270.8° आगे था: कृष्ण अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:30। सप्तमी उससे पहले 16:54 गुरु पर समाप्त हुई। अष्टमी 15:18 को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 31 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 7 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:17–04:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:17–04:53।
गुरु 6 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:20 गुरु से सूर्योदय 05:30 तक थी, 9 घं 10 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 7 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:24।
शुक्र 7 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:28–09:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:28–09:27 और 13:24–14:23।
शुक्र 7 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 13:24–14:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:28–09:27 और 13:24–14:23।
यहाँ दिन, 05:30 से 20:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:28–09:27 और 13:24–14:23।
शुक्र 7 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:30–07:21 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:30 से 20:19, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:19 से 05:31 शनि, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 7 अगस्त को राहुकाल कब है? 11:03–12:54
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:03–12:54।
शुक्र 7 अगस्त को यमगंड कब है? 16:37–18:28
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:37–18:28।
शुक्र 7 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:21–09:12
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:21–09:12।
यहाँ दिन 05:30 से 20:19 तक है, 14 घं 49 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 7 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 20:19, 14 घं 49 मि का दिन।
शुक्र 7 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 20:19, 14 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 21° पर था: भरणी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 20° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:19 को निकलेगा, कृत्तिका में।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 131.3° थे: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 110.3° + 21° = 131.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 08:47 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 270.8° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 04:02 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 270° हुई; कौलव 15:18 तक है।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:30, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:30 से 05:31 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 16 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
शुक्र 7 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 10:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 134.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 7 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:11 शनि
चंद्रमा यहाँ 00:11 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 7 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:07
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:07 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:11 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:07 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:11 शनि पर उदय होगा।