Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 23 मार्च 2012
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना शुक्र 23 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। शुक्र 23 मार्च क्यों?
चैत्र नवरात्रि: Myjava में हर तारीख़त्योहार
नव संवत्सर
नव संवत्सर शुक्र 23 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2069 आरंभ होता है। शुक्र 23 मार्च क्यों?
नव संवत्सर: Myjava में हर तारीख़23 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 23 मार्च
- 04:12–04:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:45 से
- 07:18–08:51लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:03–10:23अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:56–12:21अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:56–12:21शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:10–13:29शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:07 के बाद
- 21:01–22:28लाभ चौघड़िया
- 23:55–01:22 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:22–02:49 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:10–04:57 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:45–07:18चरसामान्य
- 07:18–08:51लाभगुलिक काल में
- 08:51–10:23अमृतशुभ
- 10:23–11:56कालअशुभ
- 11:56–13:29शुभ
- 13:29–15:01रोगअशुभ
- 15:01–16:34उद्वेगअशुभ
- 16:34–18:07चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:07–19:34रोगअशुभ
- 19:34–21:01कालअशुभ
- 21:01–22:28लाभशुभ
- 22:28–23:55उद्वेगअशुभ
- 23:55–01:22 शनिशुभ
- 01:22–02:49 शनिअमृतशुभ
- 02:49–04:16 शनिचरसामान्य
- 04:16–05:43 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 23 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:59, शुभ
- चर, सामान्य, 05:45–07:18
- लाभ, शुभ, 07:18–08:51
- अमृत, शुभ, 08:51–10:23
- काल, अशुभ, 10:23–11:56
- शुभ, 11:56–13:29
- रोग, अशुभ, 13:29–15:01
- उद्वेग, अशुभ, 15:01–16:34
- चर, सामान्य, 16:34–18:07
- रोग, अशुभ, 18:07–19:34
- काल, अशुभ, 19:34–21:01
- लाभ, शुभ, 21:01–22:28
- उद्वेग, अशुभ, 22:28–23:55
- शुभ, 23:55–01:22 शनि
- अमृत, शुभ, 01:22–02:49 शनि
- चर, सामान्य, 02:49–04:16 शनि
- रोग, अशुभ, 04:16–05:43 शनि
- गुलिक काल, 07:18–08:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:14–09:03, अशुभ
- राहु काल, 10:23–11:56, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:21, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:21–13:10, अशुभ
- यमगण्ड, 15:01–16:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:57 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में चैत्र नवरात्रि शुक्र 23 मार्च को क्यों है?
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना शुक्र 23 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 22 मार्च को 15:37 से शुक्र 23 मार्च को 17:30 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रातःकाल (05:45–08:14) उसके भीतर है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
Myjava में नव संवत्सर शुक्र 23 मार्च को क्यों है?
नव संवत्सर शुक्र 23 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2069 आरंभ होता है।
विक्रम संवत् 2069 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: शुक्र 23 मार्च, 05:45 पर। प्रतिपदा 17:30 तक है।
शुक्र 23 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 6.6° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:45। अमावस्या उससे पहले 15:37 गुरु पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 17:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 22 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 23 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:59।
गुरु 22 मार्च की रात सूर्यास्त 18:05 गुरु से सूर्योदय 05:45 तक थी, 11 घं 40 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 23 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:21
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:21।
शुक्र 23 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:14–09:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:14–09:03 और 12:21–13:10।
शुक्र 23 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:21–13:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:14–09:03 और 12:21–13:10।
यहाँ दिन, 05:45 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:14–09:03 और 12:21–13:10।
शुक्र 23 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:45–07:18 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:45 से 18:07, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:07 से 05:43 शनि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 23 मार्च को राहुकाल कब है? 10:23–11:56
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:23–11:56।
शुक्र 23 मार्च को यमगंड कब है? 15:01–16:34
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:01–16:34।
शुक्र 23 मार्च को गुलिक काल कब है? 07:18–08:51
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:18–08:51।
यहाँ दिन 05:45 से 18:07 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 23 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 22 मि का दिन।
शुक्र 23 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 345.5° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:03 को निकलेगा, रेवती में।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 684.4° थे, एक चक्कर और 324.4°: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 338.9° + 345.5° = 684.4°, एक पूरा चक्कर और 324.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 22:07 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 6.6° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 04:30 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 17:30 तक है।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:45, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:45 से 05:43 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 22 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
शुक्र 23 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934
विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 15:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 0.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 23 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:23
चंद्रमा यहाँ 19:23 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 19:23 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।