Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 24 मार्च 2011
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
24 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 24 मार्च
- 04:11–04:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:45 से
- 05:45–07:18शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
07:18–07:48अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अनुराधा में
- 11:31–12:21अभिजीत मुहूर्त
- 11:56–13:29लाभ चौघड़िया
- 13:29–15:02अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:34–18:07शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:07 के बाद
- 18:07–19:34अमृत चौघड़िया
- 23:55–01:22 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:49–04:16 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:16–05:43 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:10–04:56 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:45–07:18शुभयमगण्ड में
- 07:18–08:50रोगअशुभ
- 08:50–10:23उद्वेगअशुभ
- 10:23–11:56चरसामान्य
- 11:56–13:29लाभशुभ
- 13:29–15:02अमृतराहु काल में
- 15:02–16:34कालअशुभ
- 16:34–18:07शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:07–19:34अमृतशुभ
- 19:34–21:01चरसामान्य
- 21:01–22:28रोगअशुभ
- 22:28–23:55कालअशुभ
- 23:55–01:22 शुक्रलाभशुभ
- 01:22–02:49 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:49–04:16 शुक्रशुभ
- 04:16–05:43 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 24 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:58, शुभ
- शुभ, 05:45–07:18
- रोग, अशुभ, 07:18–08:50
- उद्वेग, अशुभ, 08:50–10:23
- चर, सामान्य, 10:23–11:56
- लाभ, शुभ, 11:56–13:29
- अमृत, शुभ, 13:29–15:02
- काल, अशुभ, 15:02–16:34
- शुभ, 16:34–18:07
- अमृत, शुभ, 18:07–19:34
- चर, सामान्य, 19:34–21:01
- रोग, अशुभ, 21:01–22:28
- काल, अशुभ, 22:28–23:55
- लाभ, शुभ, 23:55–01:22 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:22–02:49 शुक्र
- शुभ, 02:49–04:16 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:16–05:43 शुक्र
- यमगण्ड, 05:45–07:18, अशुभ
- गुलिक काल, 08:50–10:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:52–10:42, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:21, शुभ
- राहु काल, 13:29–15:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:49–15:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:56 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 24 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 241.5° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:45। पञ्चमी उससे पहले 03:02 पर समाप्त हुई। षष्ठी 01:39 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 19 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?
नई दिल्ली में पञ्चमी है, Myjava में षष्ठी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:21, पञ्चमी की समाप्ति 07:32 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है। षष्ठी अगले सूर्योदय से पहले, 06:09 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:45, पञ्चमी की समाप्ति 03:02 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।
गुरु 24 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:11–04:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:11–04:58।
बुध 23 मार्च की रात सूर्यास्त 18:06 बुध से सूर्योदय 05:45 तक थी, 11 घं 39 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 24 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:21
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:21।
गुरु 24 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 09:52–10:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:52–10:42 और 14:49–15:39।
गुरु 24 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:52–10:42 और 14:49–15:39।
यहाँ दिन, 05:45 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:52–10:42 और 14:49–15:39।
गुरु 24 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:45–07:18 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:45 से 18:07, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:07 से 05:43 शुक्र, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 24 मार्च को राहुकाल कब है? 13:29–15:02
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:29–15:02।
गुरु 24 मार्च को यमगंड कब है? 05:45–07:18
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:45–07:18।
गुरु 24 मार्च को गुलिक काल कब है? 08:50–10:23
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:50–10:23।
यहाँ दिन 05:45 से 18:07 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 24 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 22 मि का दिन।
गुरु 24 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 24 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 220.6° पर था: अनुराधा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 220° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:14 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
गुरु 24 मार्च को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 559.8° थे, एक चक्कर और 199.8°: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 339.2° + 220.6° = 559.8°, एक पूरा चक्कर और 199.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 06:02 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
गुरु 24 मार्च को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 241.5° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 14:14 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 01:39 शुक्र तक।
गुरु 24 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:45, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:45 से 05:43 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 24 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 4 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 3 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
गुरु 24 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
गुरु 24 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2067 · शक 1932
विक्रम संवत 2067 15 मार्च 2010 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2010, 22:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 368° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2067 गिनता है; शक संवत 1932।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 24 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:38 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 00:38 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 24 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:38 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:38 शुक्र पर उदय होगा।