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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 15 जनवरी 2007

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 07:59 तक

फिर द्वादशी · 08:14 मंगल तक

एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

षटतिला एकादशी

पारण समय
07:37⁠–⁠08:14 मंगल
मंगल 16 जनवरी
व्रत आरंभ
07:37

षटतिला एकादशी सोम 15 जनवरी को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। सोम 15 जनवरी क्यों?

षटतिला एकादशी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:35 07:37 16:20अगला सूर्योदय 07:37 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:37–08:43अमृतशुभ
  • 08:43–09:48कालअशुभ
  • 09:48–10:53शुभ
  • 10:53–11:59रोगअशुभ
  • 11:59–13:04उद्वेगअशुभ
  • 13:04–14:09चरसामान्य
  • 14:09–15:14लाभशुभ
  • 15:14–16:20अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:20–18:14चरसामान्य
  • 18:14–20:09रोगअशुभ
  • 20:09–22:04कालअशुभ
  • 22:04–23:58लाभशुभ
  • 23:58–01:53 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:53–03:47 मंगलशुभ
  • 03:47–05:42 मंगलअमृतशुभ
  • 05:42–07:37 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 15 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:36, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:37–08:43
  • काल, अशुभ, 08:43–09:48
  • शुभ, 09:48–10:53
  • रोग, अशुभ, 10:53–11:59
  • उद्वेग, अशुभ, 11:59–13:04
  • चर, सामान्य, 13:04–14:09
  • लाभ, शुभ, 14:09–15:14
  • अमृत, शुभ, 15:14–16:20
  • चर, सामान्य, 16:20–18:14
  • रोग, अशुभ, 18:14–20:09
  • काल, अशुभ, 20:09–22:04
  • लाभ, शुभ, 22:04–23:58
  • उद्वेग, अशुभ, 23:58–01:53 मंगल
  • शुभ, 01:53–03:47 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:47–05:42 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:42–07:37 मंगल
  • राहु काल, 08:43–09:48, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:53–11:59, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:16, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:16–12:51, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:04–14:09, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:00–14:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:36 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में षटतिला एकादशी सोम 15 जनवरी को क्यों है?

षटतिला एकादशी सोम 15 जनवरी को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी एकादशी 07:38 06:59 05:00 06:00 08:00 09:00 रवि 14 जनवरी अरुणोदय 06:02–07:38
दशमी एकादशी 07:38 06:59 05:00 06:00 08:00 09:00 रवि 14 जनवरी अरुणोदय 06:02–07:38
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, रवि 14 जनवरी को 07:38 और सोम 15 जनवरी को 07:37। एकादशी (रवि 14 जनवरी 06:59 से सोम 15 जनवरी 07:59 तक) और द्वादशी (सोम 15 जनवरी 07:59 से मंगल 16 जनवरी 08:14 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: सोम 15 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: रवि 14 जनवरी को दशमी 06:59 तक है, उसके भीतर (06:02–07:38); सोम 15 जनवरी को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

षटतिला एकादशी: Myjava में हर तारीख़

सोम 15 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.8° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:37। दशमी उससे पहले 06:59 रवि पर समाप्त हुई। एकादशी 07:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 3 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ रवि 14 और सोम 15 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी रवि 14 जनवरी सुबह सोम 15 जनवरी सुबह Myjava UTC+1 06:59 07:59 07:38 एकादशी 07:37 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी रवि 14 जनवरी सुबह सोम 15 जनवरी सुबह Myjava UTC+1 06:59 07:59 07:38 एकादशी 07:37 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:59 रवि को, सूर्योदय 07:38 रवि से पहले, शुरू हुई और 07:59 को, अगले सूर्योदय 07:37 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

सोम 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:35–06:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:35–06:36।

सूर्यास्त 16:18 रवि सूर्योदय 07:37 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 14 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:18 रवि सूर्योदय 07:37 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 14 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 14 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:18 रवि से सूर्योदय 07:37 तक थी, 15 घं 19 मि। इसे 1 घं 1 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 15 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:16।

सोम 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:16–12:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:16–12:51 और 14:00–14:35।

सोम 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:00–14:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:16–12:51 और 14:00–14:35।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:37 से 16:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 34 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:16–12:51 और 14:00–14:35।

सोम 15 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:37–08:43 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:37 से 16:20, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:20 से 07:37 मंगल, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 15 जनवरी को राहुकाल कब है? 08:43–09:48

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:43–09:48।

सोम 15 जनवरी को यमगंड कब है? 10:53–11:59

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–11:59।

सोम 15 जनवरी को गुलिक काल कब है? 13:04–14:09

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:04–14:09।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:37 से 16:20 तक है, 8 घं 43 मि। इसे 1 घं 5 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 15 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:37, सूर्यास्त 16:20, 8 घं 43 मि का दिन।

सोम 15 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:37, सूर्यास्त 16:20, 8 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:15 चंद्रोदय 05:47 मंगल
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:15 चंद्रोदय 05:47 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 15 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 222.6° पर था: अनुराधा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 222.6° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 222.6° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 220° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:18 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

सोम 15 जनवरी को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 493.4° थे, एक चक्कर और 133.4°: वृद्धि।

सूर्य 270.8° + चंद्रमा 222.6° = 493.4° एक चक्कर + 133.4° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 270.8° + चंद्रमा 222.6° = 493.4° एक चक्कर + 133.4° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 270.8° + 222.6° = 493.4°, एक पूरा चक्कर और 133.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 06:37 मंगल को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

सोम 15 जनवरी को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 311.8° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 19:35 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 07:59 तक है।

सोम 15 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:37, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:37 से 07:37 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 20 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 19 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

सोम 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल सोम 15 जनवरी अमावस्या 20 दिस॰ पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 19 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल सोम 15 जनवरी अमावस्या 20 दिस॰ पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 19 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

सोम 15 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2063 · शक 1928

विक्रम संवत 2063 29 मार्च 2006 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2006 12:15 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 15 जनवरी सूर्य 270.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2006 12:15 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 15 जनवरी सूर्य 270.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2006, 12:15 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 286.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2063 गिनता है; शक संवत 1928।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 15 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:47 मंगल

चंद्रमा यहाँ 05:47 मंगल पर उदय होता है।

सोम 15 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:15

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:15 चंद्रोदय 05:47 मंगल
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 16:20 सूर्योदय 07:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:15 चंद्रोदय 05:47 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:15 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:47 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:15 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:47 मंगल पर उदय होगा।