Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 12 अक्टूबर 2004
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 12 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 12 अक्टूबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़12 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 अक्टूबर
- 05:21–06:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 11:13–12:35लाभ चौघड़िया
- 12:13–12:35अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:35–13:58अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:20–16:43शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
16:43–16:56अमृत कालराहु काल छोड़कर · उत्तराफाल्गुनी में
- सूर्यास्त 18:05 के बाद
- 19:43–21:20लाभ चौघड़िया
- 22:58–23:18शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:10–00:36 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:36–02:14 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:22–06:15 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:28रोगअशुभ
- 08:28–09:50उद्वेगअशुभ
- 09:50–11:13चरसामान्य
- 11:13–12:35लाभशुभ
- 12:35–13:58अमृतगुलिक काल में
- 13:58–15:20कालअशुभ
- 15:20–16:43शुभराहु काल में
- 16:43–18:05रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:05–19:43कालअशुभ
- 19:43–21:20लाभशुभ
- 21:20–22:58उद्वेगअशुभ
- 22:58–00:36 बुधशुभ
- 00:36–02:14 बुधअमृतशुभ
- 02:14–03:51 बुधचरसामान्य
- 03:51–05:29 बुधरोगअशुभ
- 05:29–07:07 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:21–06:13, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:05–08:28
- उद्वेग, अशुभ, 08:28–09:50
- चर, सामान्य, 09:50–11:13
- लाभ, शुभ, 11:13–12:35
- अमृत, शुभ, 12:35–13:58
- काल, अशुभ, 13:58–15:20
- शुभ, 15:20–16:43
- रोग, अशुभ, 16:43–18:05
- काल, अशुभ, 18:05–19:43
- लाभ, शुभ, 19:43–21:20
- उद्वेग, अशुभ, 21:20–22:58
- शुभ, 22:58–00:36 बुध
- अमृत, शुभ, 00:36–02:14 बुध
- चर, सामान्य, 02:14–03:51 बुध
- रोग, अशुभ, 03:51–05:29 बुध
- काल, अशुभ, 05:29–07:07 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:17–10:01, अशुभ
- यमगण्ड, 09:50–11:13, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:13–12:57, शुभ
- गुलिक काल, 12:35–13:58, अशुभ
- राहु काल, 15:20–16:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:18–00:10 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:15 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में मासिक शिवरात्रि मंगल 12 अक्टूबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 12 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 12 अक्टूबर को 06:52 से बुध 13 अक्टूबर को 06:06 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:10 बुध–01:02 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 336.1° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। त्रयोदशी उससे पहले 06:52 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:06 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 28 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Myjava में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:20, त्रयोदशी की समाप्ति 10:22 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 07:05, त्रयोदशी की समाप्ति 06:52 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
मंगल 12 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:21–06:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:21–06:13।
सोम 11 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:07 सोम से सूर्योदय 07:05 तक थी, 12 घं 58 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 12 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:13–12:57
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:13–12:57।
मंगल 12 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:17–10:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:17–10:01, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:18–00:10 बुध।
मंगल 12 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:18–00:10 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:17–10:01, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:18–00:10 बुध।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:17–10:01 और 23:18–00:10 बुध।
मंगल 12 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:28 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:05, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:05 से 07:07 बुध, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 12 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:20–16:43
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:20–16:43।
मंगल 12 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:50–11:13
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:13।
मंगल 12 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:35–13:58
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:35–13:58।
यहाँ दिन 07:05 से 18:05 तक है, 11 घं 0 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 12 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 0 मि का दिन।
मंगल 12 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 0 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 151.4° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 150° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:33 को निकलेगा, हस्त में।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 326.7° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 175.3° + 151.4° = 326.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 18:13 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 336.1° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:33 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 06:06 बुध तक।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:07 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 14 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
मंगल 12 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926
विक्रम संवत 2061 20 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2004, 23:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 198.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 12 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:01 बुध
चंद्रमा यहाँ 06:01 बुध पर उदय होता है।
मंगल 12 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:40
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:01 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:01 बुध पर उदय होगा।