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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग रवि 10 अक्टूबर 2004

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 07:00 सोम तक

फिर त्रयोदशी · 06:52 मंगल तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत का पारण

इंदिरा एकादशी

पारण रवि 10 अक्टूबर, 12:37 से सूर्यास्त 18:09 तक
इंदिरा एकादशी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:19 07:02 18:09अगला सूर्योदय 07:04 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:02–08:25उद्वेगअशुभ
  • 08:25–09:49चरसामान्य
  • 09:49–11:12लाभशुभ
  • 11:12–12:36अमृतशुभ
  • 12:36–13:59कालअशुभ
  • 13:59–15:22शुभ
  • 15:22–16:46रोगअशुभ
  • 16:46–18:09उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:09–19:46शुभ
  • 19:46–21:23अमृतशुभ
  • 21:23–23:00चरसामान्य
  • 23:00–00:36 सोमरोगअशुभ
  • 00:36–02:13 सोमकालअशुभ
  • 02:13–03:50 सोमलाभशुभ
  • 03:50–05:27 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:27–07:04 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 10 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–06:11, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:02–08:25
  • चर, सामान्य, 08:25–09:49
  • लाभ, शुभ, 09:49–11:12
  • अमृत, शुभ, 11:12–12:36
  • काल, अशुभ, 12:36–13:59
  • शुभ, 13:59–15:22
  • रोग, अशुभ, 15:22–16:46
  • उद्वेग, अशुभ, 16:46–18:09
  • शुभ, 18:09–19:46
  • अमृत, शुभ, 19:46–21:23
  • चर, सामान्य, 21:23–23:00
  • रोग, अशुभ, 23:00–00:36 सोम
  • काल, अशुभ, 00:36–02:13 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:13–03:50 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:50–05:27 सोम
  • शुभ, 05:27–07:04 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:13–12:58, शुभ
  • यमगण्ड, 12:36–13:59, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:22–16:46, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:40–17:25, अशुभ
  • राहु काल, 16:46–18:09, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:20–06:12 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 10 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 312.3° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 312.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 312.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:02। एकादशी उससे पहले 06:29 पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:00 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 28 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, Myjava में द्वादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी रवि 10 अक्टूबर सुबह सोम 11 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+2 09:59 06:29 10:30 07:00 06:19 एकादशी 06:19 द्वादशी 07:02 द्वादशी 07:04 त्रयोदशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी रवि 10 अक्टूबर सुबह सोम 11 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+2 09:59 06:29 10:30 07:00 06:19 एकादशी 06:19 द्वादशी 07:02 द्वादशी 07:04 त्रयोदशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:19, एकादशी की समाप्ति 09:59 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।

Myjava · UTC+2

यहाँ सूर्योदय, 07:02, एकादशी की समाप्ति 06:29 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

रवि 10 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:19–06:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:19–06:11।

सूर्यास्त 18:11 शनि सूर्योदय 07:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 9 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:11 शनि सूर्योदय 07:02 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 9 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 9 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:11 शनि से सूर्योदय 07:02 तक थी, 12 घं 51 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 10 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:13–12:58

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:13–12:58।

रवि 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:40–17:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:40–17:25।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:02 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:40–17:25।

रवि 10 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:02–08:25 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:02 से 18:09, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:09 से 07:04 सोम, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 10 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 16:46–18:09

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:46–18:09।

रवि 10 अक्टूबर को यमगंड कब है? 12:36–13:59

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:36–13:59।

रवि 10 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 15:22–16:46

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:22–16:46।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:02 से 18:09 तक है, 11 घं 7 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 10 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 18:09, 11 घं 7 मि का दिन।

रवि 10 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 18:09, 11 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:09 चंद्रोदय 03:30 सोम
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:09 चंद्रोदय 03:30 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 125.6° पर था: मघा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 125.6° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 125.6° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 123°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:43 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 298.9° थे: शुभ।

सूर्य 173.3° + चंद्रमा 125.6° = 298.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 173.3° + चंद्रमा 125.6° = 298.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 173.3° + 125.6° = 298.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 20:42 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 312.3° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 312.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 312.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 18:50 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 07:00 सोम तक।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:02, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:02 से 07:04 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 14 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल रवि 10 अक्टूबर अमावस्या 14 सित॰ पूर्णिमा 28 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 28 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल रवि 10 अक्टूबर अमावस्या 14 सित॰ पूर्णिमा 28 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 28 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

रवि 10 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926

विक्रम संवत 2061 20 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2004 23:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 10 अक्टूबर सूर्य 173.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2004 23:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 10 अक्टूबर सूर्य 173.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2004, 23:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 196.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 10 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:30 सोम

चंद्रमा यहाँ 03:30 सोम पर उदय होता है।

रवि 10 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:09

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:09 चंद्रोदय 03:30 सोम
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 18:09 सूर्योदय 07:04 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:09 चंद्रोदय 03:30 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:30 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:30 सोम पर उदय होगा।