Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग रवि 15 जून 2003
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
15 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जून
- 03:42–04:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:45 से
-
06:41–08:08अमृत कालमूल में
- 08:47–10:48लाभ चौघड़िया
- 10:48–12:50अमृत चौघड़िया
- 12:17–12:50अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:51–16:52शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:54 के बाद
- 20:54–21:53शुभ चौघड़िया
- 21:53–22:52अमृत चौघड़िया
- 01:48–02:47 सोमलाभ चौघड़िया
- 03:46–04:45 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:42–04:14 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:45–06:46उद्वेगअशुभ
- 06:46–08:47चरसामान्य
- 08:47–10:48लाभशुभ
- 10:48–12:50अमृतशुभ
- 12:50–14:51कालअशुभ
- 14:51–16:52शुभ
- 16:52–18:53रोगअशुभ
- 18:53–20:54उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:54–21:53शुभ
- 21:53–22:52अमृतशुभ
- 22:52–23:51चरसामान्य
- 23:51–00:50 सोमरोगअशुभ
- 00:50–01:48 सोमकालअशुभ
- 01:48–02:47 सोमलाभशुभ
- 02:47–03:46 सोमउद्वेगअशुभ
- 03:46–04:45 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:14, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 04:45–06:46
- चर, सामान्य, 06:46–08:47
- लाभ, शुभ, 08:47–10:48
- अमृत, शुभ, 10:48–12:50
- काल, अशुभ, 12:50–14:51
- शुभ, 14:51–16:52
- रोग, अशुभ, 16:52–18:53
- उद्वेग, अशुभ, 18:53–20:54
- शुभ, 20:54–21:53
- अमृत, शुभ, 21:53–22:52
- चर, सामान्य, 22:52–23:51
- रोग, अशुभ, 23:51–00:50 सोम
- काल, अशुभ, 00:50–01:48 सोम
- लाभ, शुभ, 01:48–02:47 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:47–03:46 सोम
- शुभ, 03:46–04:45 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:17–13:22, शुभ
- यमगण्ड, 12:50–14:51, अशुभ
- गुलिक काल, 16:52–18:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:45–19:49, अशुभ
- राहु काल, 18:53–20:54, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:14 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 15 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 188.9° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:45। पूर्णिमा उससे पहले 13:15 शनि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 10:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 14 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 15 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:42–04:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:42–04:14।
शनि 14 जून की रात सूर्यास्त 20:53 शनि से सूर्योदय 04:45 तक थी, 7 घं 52 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 15 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:17–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:17–13:22।
रवि 15 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 18:45–19:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:45–19:49।
यहाँ दिन, 04:45 से 20:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:45–19:49।
रवि 15 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:45–06:46 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:45 से 20:54, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:54 से 04:45 सोम, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 15 जून को राहुकाल कब है? 18:53–20:54
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:53–20:54।
रवि 15 जून को यमगंड कब है? 12:50–14:51
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:50–14:51।
रवि 15 जून को गुलिक काल कब है? 16:52–18:53
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:52–18:53।
यहाँ दिन 04:45 से 20:54 तक है, 16 घं 9 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 15 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:54, 16 घं 9 मि का दिन।
रवि 15 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:54, 16 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 15 जून को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 248.6° पर था: मूल, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 246°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:29 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
रवि 15 जून को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 308.3° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 59.7° + 248.6° = 308.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 22:47 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
रवि 15 जून को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 188.9° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 23:41 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 186° हुई; कौलव 10:11 तक है।
रवि 15 जून को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 04:45, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:45 से 04:45 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 15 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 31 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
रवि 15 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
रवि 15 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925
विक्रम संवत 2060 1 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2003, 21:18 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 71.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 15 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:33
चंद्रमा यहाँ 22:33 पर उदय होता है।
रवि 15 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:11
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:33 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:33 पर उदय होगा।