Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 11 दिसंबर 2002
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
11 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 11 दिसंबर
- 05:27–06:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:32 से
- 07:32–08:34लाभ चौघड़िया
- 08:34–09:37अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:40–11:42शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:50–15:52लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 15:52 के बाद
- 17:50–19:48शुभ चौघड़िया
- 19:48–21:45अमृत चौघड़िया
-
23:32–01:18 गुरुअमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- 03:38–05:35 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:27–06:30 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:32–08:34लाभशुभ
- 08:34–09:37अमृतयमगण्ड में
- 09:37–10:40कालअशुभ
- 10:40–11:42शुभगुलिक काल में
- 11:42–12:45रोगअशुभ
- 12:45–13:47उद्वेगअशुभ
- 13:47–14:50चरसामान्य
- 14:50–15:52लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 15:52–17:50उद्वेगअशुभ
- 17:50–19:48शुभ
- 19:48–21:45अमृतशुभ
- 21:45–23:43चरसामान्य
- 23:43–01:40 गुरुरोगअशुभ
- 01:40–03:38 गुरुकालअशुभ
- 03:38–05:35 गुरुलाभशुभ
- 05:35–07:33 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 11 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:32–08:34
- अमृत, शुभ, 08:34–09:37
- काल, अशुभ, 09:37–10:40
- शुभ, 10:40–11:42
- रोग, अशुभ, 11:42–12:45
- उद्वेग, अशुभ, 12:45–13:47
- चर, सामान्य, 13:47–14:50
- लाभ, शुभ, 14:50–15:52
- उद्वेग, अशुभ, 15:52–17:50
- शुभ, 17:50–19:48
- अमृत, शुभ, 19:48–21:45
- चर, सामान्य, 21:45–23:43
- रोग, अशुभ, 23:43–01:40 गुरु
- काल, अशुभ, 01:40–03:38 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:38–05:35 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:35–07:33 गुरु
- यमगण्ड, 08:34–09:37, अशुभ
- गुलिक काल, 10:40–11:42, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:26–11:59, अशुभ
- राहु काल, 11:42–12:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:30 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 11 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 85.7° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:32। सप्तमी उससे पहले 03:50 पर समाप्त हुई। अष्टमी 05:53 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 4 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?
नई दिल्ली में सप्तमी है, Myjava में अष्टमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:03, सप्तमी की समाप्ति 08:20 से पहले हुआ: यह दिन सप्तमी है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 07:32, सप्तमी की समाप्ति 03:50 के बाद हुआ: यह दिन अष्टमी है।
बुध 11 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:27–06:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:27–06:29।
मंगल 10 दिसंबर की रात सूर्यास्त 15:53 मंगल से सूर्योदय 07:32 तक थी, 15 घं 39 मि। इसे 1 घं 2 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 11 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:26–11:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:26–11:59।
यहाँ दिन, 07:32 से 15:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 33 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:26–11:59: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 11 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:32–08:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:32 से 15:52, 1 घं 2 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 15:52 से 07:33 गुरु, 1 घं 57 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 11 दिसंबर को राहुकाल कब है? 11:42–12:45
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:42–12:45।
बुध 11 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:34–09:37
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:34–09:37।
बुध 11 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 10:40–11:42
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:40–11:42।
यहाँ दिन 07:32 से 15:52 तक है, 8 घं 20 मि। इसे 1 घं 2 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 11 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:32, सूर्यास्त 15:52, 8 घं 20 मि का दिन।
बुध 11 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 15:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:32, सूर्यास्त 15:52, 8 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 320.9° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 08:23 गुरु को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 556° थे, एक चक्कर और 196°: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 235.1° + 320.9° = 556°, एक पूरा चक्कर और 196°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 14:51 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 85.7° थी: अष्टमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:48 तक है, जब बढ़त 90° होगी; बव 05:53 गुरु तक।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:32, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:32 से 07:33 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 4 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
बुध 11 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2059 · शक 1924
विक्रम संवत 2059 12 अप्रैल 2002 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 2002, 21:21 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 236.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2059 गिनता है; शक संवत 1924।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 11 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:37
चंद्रमा यहाँ 12:37 पर उदय होता है।
बुध 11 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:34
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:34 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:37 पर उदय हुआ; वह फिर 23:34 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।