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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 21 फ़रवरी 2002

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:59 06:47 17:19अगला सूर्योदय 06:45 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:47–08:06शुभयमगण्ड में
  • 08:06–09:25रोगअशुभ
  • 09:25–10:44उद्वेगअशुभ
  • 10:44–12:03चरसामान्य
  • 12:03–13:22लाभशुभ
  • 13:22–14:41अमृतराहु काल में
  • 14:41–16:00कालअशुभ
  • 16:00–17:19शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:19–19:00अमृतशुभ
  • 19:00–20:41चरसामान्य
  • 20:41–22:21रोगअशुभ
  • 22:21–00:02 शुक्रकालअशुभ
  • 00:02–01:43 शुक्रलाभशुभ
  • 01:43–03:24 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:24–05:04 शुक्रशुभ
  • 05:04–06:45 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 21 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:53, शुभ
  • शुभ, 06:47–08:06
  • रोग, अशुभ, 08:06–09:25
  • उद्वेग, अशुभ, 09:25–10:44
  • चर, सामान्य, 10:44–12:03
  • लाभ, शुभ, 12:03–13:22
  • अमृत, शुभ, 13:22–14:41
  • काल, अशुभ, 14:41–16:00
  • शुभ, 16:00–17:19
  • अमृत, शुभ, 17:19–19:00
  • चर, सामान्य, 19:00–20:41
  • रोग, अशुभ, 20:41–22:21
  • काल, अशुभ, 22:21–00:02 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:02–01:43 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:43–03:24 शुक्र
  • शुभ, 03:24–05:04 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:04–06:45 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:47–08:06, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:25–10:44, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:18–11:00, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:24, शुभ
  • राहु काल, 13:22–14:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:31–15:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:51 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 98.7° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 98.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 98.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:47। अष्टमी उससे पहले 01:21 पर समाप्त हुई। नवमी 01:25 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 12 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 21 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:53

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:53।

सूर्यास्त 17:18 बुध सूर्योदय 06:47 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 20 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:18 बुध सूर्योदय 06:47 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 20 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 20 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:18 बुध से सूर्योदय 06:47 तक थी, 13 घं 29 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 21 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:24

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:24।

गुरु 21 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:18–11:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:18–11:00 और 14:31–15:13।

गुरु 21 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:31–15:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:18–11:00 और 14:31–15:13।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:47 से 17:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:18–11:00 और 14:31–15:13।

गुरु 21 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:47–08:06 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:47 से 17:19, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:19 से 06:45 शुक्र, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 21 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 13:22–14:41

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:22–14:41।

गुरु 21 फ़रवरी को यमगंड कब है? 06:47–08:06

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:47–08:06।

गुरु 21 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 09:25–10:44

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–10:44।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:47 से 17:19 तक है, 10 घं 32 मि। इसे 1 घं 19 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 21 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 17:19, 10 घं 32 मि का दिन।

गुरु 21 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 17:19, 10 घं 32 मि का दिन।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 शुक्र चंद्रोदय 10:47
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 शुक्र चंद्रोदय 10:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 47.2° पर था: रोहिणी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 47.2° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 47.2° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:08 को निकलेगा, मृगशिरा में।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 355.7° थे: वैधृति।

सूर्य 308.5° + चंद्रमा 47.2° = 355.7° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 308.5° + चंद्रमा 47.2° = 355.7° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 308.5° + 47.2° = 355.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 14:07 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 98.7° थी: नवमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 98.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 98.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 13:30 तक है, जब बढ़त 102° होगी; कौलव 01:25 शुक्र तक।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:47, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:47 से 06:45 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 12 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 14 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 21 फ़रवरी पूर्णिमा 28 जन॰ अमावस्या 12 फ़र॰ पूर्णिमा 27 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 21 फ़रवरी पूर्णिमा 28 जन॰ अमावस्या 12 फ़र॰ पूर्णिमा 27 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

गुरु 21 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923

विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 21 फ़रवरी सूर्य 308.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 21 फ़रवरी सूर्य 308.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 03:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 327.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 21 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:47

चंद्रमा यहाँ 10:47 पर उदय होता है।

गुरु 21 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:02 शुक्र

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 शुक्र चंद्रोदय 10:47
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:02 शुक्र चंद्रोदय 10:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:47 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:02 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:47 पर उदय हुआ; वह फिर 03:02 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।