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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 5 अक्टूबर 2001

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 19:34 तक

फिर चतुर्थी · 20:06 शनि तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
19:54

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 5 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शुक्र 5 अक्टूबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:14 06:54 18:20अगला सूर्योदय 06:56 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:54–08:20चरसामान्य
  • 08:20–09:46लाभगुलिक काल में
  • 09:46–11:11अमृतशुभ
  • 11:11–12:37कालअशुभ
  • 12:37–14:03शुभ
  • 14:03–15:28रोगअशुभ
  • 15:28–16:54उद्वेगअशुभ
  • 16:54–18:20चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:20–19:54रोगअशुभ
  • 19:54–21:29कालअशुभ
  • 21:29–23:03लाभशुभ
  • 23:03–00:38 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:38–02:12 शनिशुभ
  • 02:12–03:47 शनिअमृतशुभ
  • 03:47–05:21 शनिचरसामान्य
  • 05:21–06:56 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 5 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:04, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:54–08:20
  • लाभ, शुभ, 08:20–09:46
  • अमृत, शुभ, 09:46–11:11
  • काल, अशुभ, 11:11–12:37
  • शुभ, 12:37–14:03
  • रोग, अशुभ, 14:03–15:28
  • उद्वेग, अशुभ, 15:28–16:54
  • चर, सामान्य, 16:54–18:20
  • रोग, अशुभ, 18:20–19:54
  • काल, अशुभ, 19:54–21:29
  • लाभ, शुभ, 21:29–23:03
  • उद्वेग, अशुभ, 23:03–00:38 शनि
  • शुभ, 00:38–02:12 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:12–03:47 शनि
  • चर, सामान्य, 03:47–05:21 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:21–06:56 शनि
  • गुलिक काल, 08:20–09:46, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:11–09:57, अशुभ
  • राहु काल, 11:11–12:37, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:14–13:00, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:00–13:46, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:28–16:54, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:05 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में संकष्टी चतुर्थी शुक्र 5 अक्टूबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 5 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया चतुर्थी 19:34 18:00 19:00 21:00 22:00 शुक्र 5 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 19:54
तृतीया चतुर्थी 19:34 18:00 21:00 22:00 शुक्र 5 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 19:54
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 5 अक्टूबर को 19:34 से शनि 6 अक्टूबर को 20:06 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 5 अक्टूबर को है, 19:54 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Myjava में हर तारीख़

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 209.9° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 209.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 209.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:54। द्वितीया उससे पहले 18:40 गुरु पर समाप्त हुई। तृतीया 19:34 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 2 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 5 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:04।

सूर्यास्त 18:22 गुरु सूर्योदय 06:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:22 गुरु सूर्योदय 06:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 4 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:22 गुरु से सूर्योदय 06:54 तक थी, 12 घं 32 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 5 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:14–13:00

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:14–13:00।

शुक्र 5 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:11–09:57

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:11–09:57 और 13:00–13:46।

शुक्र 5 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:00–13:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:11–09:57 और 13:00–13:46।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:54 से 18:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:11–09:57 और 13:00–13:46।

शुक्र 5 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:54–08:20 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:54 से 18:20, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:20 से 06:56 शनि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 5 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:11–12:37

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:11–12:37।

शुक्र 5 अक्टूबर को यमगंड कब है? 15:28–16:54

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:28–16:54।

शुक्र 5 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 08:20–09:46

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:20–09:46।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:54 से 18:20 तक है, 11 घं 26 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 5 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:54, सूर्यास्त 18:20, 11 घं 26 मि का दिन।

शुक्र 5 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:54, सूर्यास्त 18:20, 11 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:38 चंद्रोदय 19:54
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:38 चंद्रोदय 19:54
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 18° पर था: भरणी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 18.0° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 18.0° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:22 को निकलेगा, कृत्तिका में।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 186.1° थे: हर्षण।

सूर्य 168.1° + चंद्रमा 18.0° = 186.1° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 168.1° + चंद्रमा 18.0° = 186.1° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 168.1° + 18° = 186.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 07:48 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 209.9° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 209.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 209.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 07:10 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 19:34 तक।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:54, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:54 से 06:56 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

17 सितंबर और 16 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 12:27 सोम से 16 अक्टूबर 21:23 मंगल तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 06:37 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 अक्टूबर अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 16 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰
अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 अक्टूबर अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 16 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन (अधिक) है, और अमान्त गणना में आश्विन (अधिक)।

शुक्र 5 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923

विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 अक्टूबर सूर्य 168.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 अक्टूबर सूर्य 168.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 03:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 187.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 5 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:54

चंद्रमा यहाँ 19:54 पर उदय होता है।

शुक्र 5 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:38

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:38 चंद्रोदय 19:54
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:38 चंद्रोदय 19:54
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:38 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:54 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:38 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:54 पर उदय होगा।