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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 22 मई 2001

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 06:03 तक

फिर अमावस्या · 04:46 बुध तक

यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं कारण जानें

त्योहार

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत मंगल 22 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 22 मई क्यों?

वट सावित्री व्रत: Myjava में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या मंगल 22 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 22 मई क्यों?

अमावस्या: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:52 04:59 20:33अगला सूर्योदय 04:58 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:59–06:56रोगअशुभ
  • 06:56–08:53उद्वेगअशुभ
  • 08:53–10:49चरसामान्य
  • 10:49–12:46लाभशुभ
  • 12:46–14:43अमृतगुलिक काल में
  • 14:43–16:40कालअशुभ
  • 16:40–18:36शुभराहु काल में
  • 18:36–20:33रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:33–21:36कालअशुभ
  • 21:36–22:39लाभशुभ
  • 22:39–23:42उद्वेगअशुभ
  • 23:42–00:46 बुधशुभ
  • 00:46–01:49 बुधअमृतशुभ
  • 01:49–02:52 बुधचरसामान्य
  • 02:52–03:55 बुधरोगअशुभ
  • 03:55–04:58 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 22 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:52–04:25, शुभ
  • रोग, अशुभ, 04:59–06:56
  • उद्वेग, अशुभ, 06:56–08:53
  • चर, सामान्य, 08:53–10:49
  • लाभ, शुभ, 10:49–12:46
  • अमृत, शुभ, 12:46–14:43
  • काल, अशुभ, 14:43–16:40
  • शुभ, 16:40–18:36
  • रोग, अशुभ, 18:36–20:33
  • काल, अशुभ, 20:33–21:36
  • लाभ, शुभ, 21:36–22:39
  • उद्वेग, अशुभ, 22:39–23:42
  • शुभ, 23:42–00:46 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:46–01:49 बुध
  • चर, सामान्य, 01:49–02:52 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:52–03:55 बुध
  • काल, अशुभ, 03:55–04:58 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:06–09:08, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:53–10:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:15–13:17, शुभ
  • गुलिक काल, 12:46–14:43, अशुभ
  • राहु काल, 16:40–18:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:55–00:29 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:51–04:25 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में वट सावित्री व्रत मंगल 22 मई को क्यों है?

वट सावित्री व्रत मंगल 22 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी अमावस्या 06:03 03:00 04:00 05:00 07:00 मंगल 22 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 04:59
चतुर्दशी अमावस्या 06:03 03:00 04:00 05:00 07:00 मंगल 22 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 04:59
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 22 मई को 06:03 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 23 मई को 04:46 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 22 मई। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

वट सावित्री व्रत: Myjava में हर तारीख़

Myjava में अमावस्या मंगल 22 मई को क्यों है?

अमावस्या मंगल 22 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी अमावस्या 06:03 03:00 04:00 05:00 07:00 मंगल 22 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 04:59
चतुर्दशी अमावस्या 06:03 03:00 04:00 05:00 07:00 मंगल 22 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 04:59
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 22 मई को 06:03 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 23 मई को 04:46 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 22 मई। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Myjava में हर तारीख़

मंगल 22 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.4° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 347.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:59। त्रयोदशी उससे पहले 06:49 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 7 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या क्षय क्यों है?

अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा मंगल 22 मई सुबह बुध 23 मई सुबह Myjava UTC+2 06:03 04:46 04:59 चतुर्दशी 04:58 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा मंगल 22 मई सुबह बुध 23 मई सुबह Myjava UTC+2 06:03 04:46 04:59 चतुर्दशी 04:58 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 06:03 को शुरू हुई और 04:46 बुध को समाप्त, 04:59 और 04:58 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को चतुर्दशी है और बुधवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।

मंगल 22 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:52–04:25

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:52–04:25।

सूर्यास्त 20:32 सोम सूर्योदय 04:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 21 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:32 सोम सूर्योदय 04:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 21 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 21 मई की रात सूर्यास्त 20:32 सोम से सूर्योदय 04:59 तक थी, 8 घं 27 मि। इसे 33 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 22 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:15–13:17

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:15–13:17।

मंगल 22 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:06–09:08

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–09:08, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:55–00:29 बुध।

मंगल 22 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:55–00:29 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–09:08, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:55–00:29 बुध।

सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 04:59 से 20:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 2 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:06–09:08 और 23:55–00:29 बुध।

मंगल 22 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:59–06:56 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:59 से 20:33, 1 घं 56 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:33 से 04:58 बुध, 1 घं 3 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 22 मई को राहुकाल कब है? 16:40–18:36

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:40–18:36।

मंगल 22 मई को यमगंड कब है? 08:53–10:49

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:53–10:49।

मंगल 22 मई को गुलिक काल कब है? 12:46–14:43

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:46–14:43।

सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 04:59 से 20:33 तक है, 15 घं 34 मि। इसे 1 घं 56 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 22 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:59, सूर्यास्त 20:33, 15 घं 34 मि का दिन।

मंगल 22 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:59, सूर्यास्त 20:33, 15 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:46
सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:46
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 22 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 24.7° पर था: भरणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 24.7° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 24.7° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:33 को निकलेगा, कृत्तिका में।

मंगल 22 मई को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 61.9° थे: शोभन।

सूर्य 37.2° + चंद्रमा 24.7° = 61.9° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 37.2° + चंद्रमा 24.7° = 61.9° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 37.2° + 24.7° = 61.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 12:54 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

मंगल 22 मई को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 347.4° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 347.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:31 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 06:03 तक है।

मंगल 22 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:59, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:59 से 04:58 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 22 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 23 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 23 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

मंगल 22 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 22 मई अमावस्या 23 अप्रैल पूर्णिमा 7 मई अमावस्या 23 मई पूर्णिमा 6 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 22 मई अमावस्या 23 अप्रैल पूर्णिमा 7 मई अमावस्या 23 मई पूर्णिमा 6 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

मंगल 22 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923

विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 22 मई सूर्य 37.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 03:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 22 मई सूर्य 37.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 03:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 56.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 22 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:46

चंद्रमा यहाँ 19:46 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:46
सूर्योदय 04:59 सूर्यास्त 20:33 सूर्योदय 04:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:46
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:46 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।