Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 13 जनवरी 2001
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
लोहड़ी
लोहड़ी शनि 13 जनवरी को है, रवि 14 जनवरी की मकर संक्रांति से पहले की शाम। शनि 13 जनवरी क्यों?
लोहड़ी: Myjava में हर तारीख़13 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 जनवरी
- 05:35–06:37ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:38 से
- 08:48–09:48शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:41–12:15अभिजीत मुहूर्त
- 13:03–14:08लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:08–15:13अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:18 के बाद
- 16:18–18:13लाभ चौघड़िया
-
17:14–18:42अमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 20:08–22:03शुभ चौघड़िया
- 22:03–23:58अमृत चौघड़िया
- 05:43–07:38 रविलाभ चौघड़िया
- 05:35–06:36 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:38–08:43कालअशुभ
- 08:43–09:48शुभ
- 09:48–10:53रोगअशुभ
- 10:53–11:58उद्वेगअशुभ
- 11:58–13:03चरसामान्य
- 13:03–14:08लाभयमगण्ड में
- 14:08–15:13अमृतशुभ
- 15:13–16:18कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:18–18:13लाभशुभ
- 18:13–20:08उद्वेगअशुभ
- 20:08–22:03शुभ
- 22:03–23:58अमृतशुभ
- 23:58–01:53 रविचरसामान्य
- 01:53–03:48 रविरोगअशुभ
- 03:48–05:43 रविकालअशुभ
- 05:43–07:38 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:37, शुभ
- काल, अशुभ, 07:38–08:43
- शुभ, 08:43–09:48
- रोग, अशुभ, 09:48–10:53
- उद्वेग, अशुभ, 10:53–11:58
- चर, सामान्य, 11:58–13:03
- लाभ, शुभ, 13:03–14:08
- अमृत, शुभ, 14:08–15:13
- काल, अशुभ, 15:13–16:18
- लाभ, शुभ, 16:18–18:13
- उद्वेग, अशुभ, 18:13–20:08
- शुभ, 20:08–22:03
- अमृत, शुभ, 22:03–23:58
- चर, सामान्य, 23:58–01:53 रवि
- रोग, अशुभ, 01:53–03:48 रवि
- काल, अशुभ, 03:48–05:43 रवि
- लाभ, शुभ, 05:43–07:38 रवि
- गुलिक काल, 07:38–08:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:38–08:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:13–08:48, अशुभ
- राहु काल, 09:48–10:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:15, शुभ
- यमगण्ड, 13:03–14:08, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:36 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में लोहड़ी शनि 13 जनवरी को क्यों है?
लोहड़ी शनि 13 जनवरी को है, रवि 14 जनवरी की मकर संक्रांति से पहले की शाम।
लोहड़ी की आग मकर संक्रांति से पहले की शाम जलाई जाती है। सूर्य 00:43 रवि पर मकर में प्रवेश करता है, और मकर संक्रांति रवि 14 जनवरी को है: शनि 13 जनवरी। लोहड़ी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 13 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 228.1° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:38। चतुर्थी उससे पहले 07:32 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 05:00 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 9 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Myjava में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:15, चतुर्थी की समाप्ति 12:02 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 07:38, चतुर्थी की समाप्ति 07:32 के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
शनि 13 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:35–06:37
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:35–06:37।
शुक्र 12 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:16 शुक्र से सूर्योदय 07:38 तक थी, 15 घं 22 मि। इसे 1 घं 1 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 13 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:15।
शनि 13 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:38–08:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:38–08:13 और 08:13–08:48।
शनि 13 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:13–08:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:38–08:13 और 08:13–08:48।
यहाँ दिन, 07:38 से 16:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 34 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:38–08:13 और 08:13–08:48।
शनि 13 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:38–08:43 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:38 से 16:18, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:18 से 07:38 रवि, 1 घं 55 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 13 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:48–10:53
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:48–10:53।
शनि 13 जनवरी को यमगंड कब है? 13:03–14:08
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:03–14:08।
शनि 13 जनवरी को गुलिक काल कब है? 07:38–08:43
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:38–08:43।
यहाँ दिन 07:38 से 16:18 तक है, 8 घं 40 मि। इसे 1 घं 5 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 13 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:38, सूर्यास्त 16:18, 8 घं 40 मि का दिन।
शनि 13 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:38, सूर्यास्त 16:18, 8 घं 40 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 13 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 137.3° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 136°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:06 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
शनि 13 जनवरी को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 406.6° थे, एक चक्कर और 46.6°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 269.3° + 137.3° = 406.6°, एक पूरा चक्कर और 46.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 18:01 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
शनि 13 जनवरी को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 228.1° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 18:12 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 05:00 रवि तक।
शनि 13 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:38, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:38 से 07:38 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 13 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 25 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 24 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 13 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
शनि 13 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2057 · शक 1922
विक्रम संवत 2057 4 अप्रैल 2000 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2000, 20:12 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 277.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2057 गिनता है; शक संवत 1922।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 13 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:05
चंद्रमा यहाँ 21:05 पर उदय होता है।
शनि 13 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:11
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:05 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:05 पर उदय होगा।