Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 29 दिसंबर 2000
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
29 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 29 दिसंबर
- 05:37–06:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:42 से
- 08:45–09:47लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:55–10:49अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:51–12:08अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:51–12:08शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:41–12:54शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 16:00 के बाद
- 19:56–21:54लाभ चौघड़िया
- 23:51–01:49 शनिशुभ चौघड़िया
-
00:47–02:36 शनिअमृत कालधनिष्ठा में
- 01:49–03:47 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:37–06:40 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:42–08:45चरसामान्य
- 08:45–09:47लाभगुलिक काल में
- 09:47–10:49अमृतशुभ
- 10:49–11:51कालअशुभ
- 11:51–12:54शुभ
- 12:54–13:56रोगअशुभ
- 13:56–14:58उद्वेगअशुभ
- 14:58–16:00चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 16:00–17:58रोगअशुभ
- 17:58–19:56कालअशुभ
- 19:56–21:54लाभशुभ
- 21:54–23:51उद्वेगअशुभ
- 23:51–01:49 शनिशुभ
- 01:49–03:47 शनिअमृतशुभ
- 03:47–05:45 शनिचरसामान्य
- 05:45–07:42 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 29 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:37–06:39, शुभ
- चर, सामान्य, 07:42–08:45
- लाभ, शुभ, 08:45–09:47
- अमृत, शुभ, 09:47–10:49
- काल, अशुभ, 10:49–11:51
- शुभ, 11:51–12:54
- रोग, अशुभ, 12:54–13:56
- उद्वेग, अशुभ, 13:56–14:58
- चर, सामान्य, 14:58–16:00
- रोग, अशुभ, 16:00–17:58
- काल, अशुभ, 17:58–19:56
- लाभ, शुभ, 19:56–21:54
- उद्वेग, अशुभ, 21:54–23:51
- शुभ, 23:51–01:49 शनि
- अमृत, शुभ, 01:49–03:47 शनि
- चर, सामान्य, 03:47–05:45 शनि
- रोग, अशुभ, 05:45–07:42 शनि
- गुलिक काल, 08:45–09:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:22–09:55, अशुभ
- राहु काल, 10:49–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:08, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:08–12:41, अशुभ
- यमगण्ड, 13:56–14:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:37–06:40 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 38.5° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:42। तृतीया उससे पहले 02:10 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 04:52 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 25 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 29 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:37–06:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:37–06:39।
गुरु 28 दिसंबर की रात सूर्यास्त 16:00 गुरु से सूर्योदय 07:42 तक थी, 15 घं 42 मि। इसे 1 घं 2 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 29 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:08
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:08।
शुक्र 29 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:22–09:55
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:22–09:55 और 12:08–12:41।
शुक्र 29 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:08–12:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:22–09:55 और 12:08–12:41।
यहाँ दिन, 07:42 से 16:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 33 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:22–09:55 और 12:08–12:41।
शुक्र 29 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:42–08:45 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:42 से 16:00, 1 घं 2 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:00 से 07:42 शनि, 1 घं 57 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 29 दिसंबर को राहुकाल कब है? 10:49–11:51
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–11:51।
शुक्र 29 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:56–14:58
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 13:56–14:58।
शुक्र 29 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:45–09:47
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:45–09:47।
यहाँ दिन 07:42 से 16:00 तक है, 8 घं 18 मि। इसे 1 घं 2 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 29 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 16:00, 8 घं 18 मि का दिन।
शुक्र 29 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 16:00, 8 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 292.5° पर था: श्रवण, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 290° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:26 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 546.5° थे, एक चक्कर और 186.5°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 254° + 292.5° = 546.5°, एक पूरा चक्कर और 186.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 08:04 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 38.5° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 15:32 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 04:52 शनि तक।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:42, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:42 से 07:42 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 25 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 24 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
शुक्र 29 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2057 · शक 1922
विक्रम संवत 2057 4 अप्रैल 2000 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2000, 20:12 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 262.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2057 गिनता है; शक संवत 1922।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 29 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:09
चंद्रमा यहाँ 10:09 पर उदय होता है।
शुक्र 29 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:35
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:09 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:35 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:09 पर उदय हुआ; वह फिर 19:35 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।