Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 10 जनवरी 1990
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 10 जनवरी को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 10 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़10 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 10 जनवरी
- 05:36–06:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:40 से
- 07:40–08:44लाभ चौघड़िया
- 08:44–09:48अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:48–10:08अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · आर्द्रा में
- 10:53–11:57शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:09–16:13लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:13 के बाद
- 18:09–20:05शुभ चौघड़िया
- 20:05–22:01अमृत चौघड़िया
- 03:48–05:44 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:36–06:38 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:40–08:44लाभशुभ
- 08:44–09:48अमृतयमगण्ड में
- 09:48–10:53कालअशुभ
- 10:53–11:57शुभगुलिक काल में
- 11:57–13:01रोगअशुभ
- 13:01–14:05उद्वेगअशुभ
- 14:05–15:09चरसामान्य
- 15:09–16:13लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:13–18:09उद्वेगअशुभ
- 18:09–20:05शुभ
- 20:05–22:01अमृतशुभ
- 22:01–23:56चरसामान्य
- 23:56–01:52 गुरुरोगअशुभ
- 01:52–03:48 गुरुकालअशुभ
- 03:48–05:44 गुरुलाभशुभ
- 05:44–07:40 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 10 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:36–06:38, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:40–08:44
- अमृत, शुभ, 08:44–09:48
- काल, अशुभ, 09:48–10:53
- शुभ, 10:53–11:57
- रोग, अशुभ, 11:57–13:01
- उद्वेग, अशुभ, 13:01–14:05
- चर, सामान्य, 14:05–15:09
- लाभ, शुभ, 15:09–16:13
- उद्वेग, अशुभ, 16:13–18:09
- शुभ, 18:09–20:05
- अमृत, शुभ, 20:05–22:01
- चर, सामान्य, 22:01–23:56
- रोग, अशुभ, 23:56–01:52 गुरु
- काल, अशुभ, 01:52–03:48 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:48–05:44 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:44–07:40 गुरु
- यमगण्ड, 08:44–09:48, अशुभ
- गुलिक काल, 10:53–11:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:40–12:14, अशुभ
- राहु काल, 11:57–13:01, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:36–06:38 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में पूर्णिमा बुध 10 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 10 जनवरी को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 10 जनवरी को 07:55 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 11 जनवरी को 05:56 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 10 जनवरी। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 10 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.9° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:40। त्रयोदशी उससे पहले 10:15 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 28 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:55 को शुरू हुई और 05:56 गुरु को समाप्त, 07:40 और 07:40 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्दशी है और गुरुवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 10 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:36–06:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:36–06:38।
मंगल 9 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:12 मंगल से सूर्योदय 07:40 तक थी, 15 घं 28 मि। इसे 1 घं 1 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 10 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:40–12:14
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:40–12:14।
यहाँ दिन, 07:40 से 16:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 34 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:40–12:14: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 10 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:40–08:44 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:40 से 16:13, 1 घं 4 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:13 से 07:40 गुरु, 1 घं 55 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 10 जनवरी को राहुकाल कब है? 11:57–13:01
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:01।
बुध 10 जनवरी को यमगंड कब है? 08:44–09:48
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:44–09:48।
बुध 10 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:53–11:57
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–11:57।
यहाँ दिन 07:40 से 16:13 तक है, 8 घं 33 मि। इसे 1 घं 4 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 10 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 16:13, 8 घं 33 मि का दिन।
बुध 10 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 16:13, 8 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 10 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 73.9° पर था: आर्द्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:00 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
बुध 10 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 339.9° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 266° + 73.9° = 339.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 18:18 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
बुध 10 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:03 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:55 तक है।
बुध 10 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:40, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:40 से 07:40 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 10 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 28 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 26 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
बुध 10 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
बुध 10 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2046 · शक 1911
विक्रम संवत 2046 6 अप्रैल 1989 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1989, 05:32 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 273.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2046 गिनता है; शक संवत 1911।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 10 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:10
चंद्रमा यहाँ 15:10 पर उदय होता है।
चंद्रमा 15:10 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।