Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 19 जनवरी 1985
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 19 जनवरी को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 19 जनवरी क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़19 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 19 जनवरी
- 05:33–06:33ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:34 से
- 08:45–09:47शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:42–12:18अभिजीत मुहूर्त
- 13:07–14:13लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:13–15:20अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:26 के बाद
- 16:26–18:20लाभ चौघड़िया
- 20:13–22:06शुभ चौघड़िया
- 22:06–00:00 रविअमृत चौघड़िया
-
03:08–04:44 रविअमृत कालपूर्वाषाढा में
- 05:40–07:33 रविलाभ चौघड़िया
- 05:32–06:33 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:34–08:41कालअशुभ
- 08:41–09:47शुभ
- 09:47–10:54रोगअशुभ
- 10:54–12:00उद्वेगअशुभ
- 12:00–13:07चरसामान्य
- 13:07–14:13लाभयमगण्ड में
- 14:13–15:20अमृतशुभ
- 15:20–16:26कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:26–18:20लाभशुभ
- 18:20–20:13उद्वेगअशुभ
- 20:13–22:06शुभ
- 22:06–00:00 रविअमृतशुभ
- 00:00–01:53 रविचरसामान्य
- 01:53–03:46 रविरोगअशुभ
- 03:46–05:40 रविकालअशुभ
- 05:40–07:33 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 19 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:33, शुभ
- काल, अशुभ, 07:34–08:41
- शुभ, 08:41–09:47
- रोग, अशुभ, 09:47–10:54
- उद्वेग, अशुभ, 10:54–12:00
- चर, सामान्य, 12:00–13:07
- लाभ, शुभ, 13:07–14:13
- अमृत, शुभ, 14:13–15:20
- काल, अशुभ, 15:20–16:26
- लाभ, शुभ, 16:26–18:20
- उद्वेग, अशुभ, 18:20–20:13
- शुभ, 20:13–22:06
- अमृत, शुभ, 22:06–00:00 रवि
- चर, सामान्य, 00:00–01:53 रवि
- रोग, अशुभ, 01:53–03:46 रवि
- काल, अशुभ, 03:46–05:40 रवि
- लाभ, शुभ, 05:40–07:33 रवि
- गुलिक काल, 07:34–08:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:34–08:10, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:10–08:45, अशुभ
- राहु काल, 09:47–10:54, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:18, शुभ
- यमगण्ड, 13:07–14:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:33 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में मासिक शिवरात्रि शनि 19 जनवरी को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 19 जनवरी को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 19 जनवरी को 04:23 से रवि 20 जनवरी को 03:43 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (23:29–00:30 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 19 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.7° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:34। त्रयोदशी उससे पहले 04:23 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 03:43 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 7 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Myjava में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:14, त्रयोदशी की समाप्ति 08:53 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 07:34, त्रयोदशी की समाप्ति 04:23 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
शनि 19 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:33
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:33।
शुक्र 18 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:25 शुक्र से सूर्योदय 07:34 तक थी, 15 घं 9 मि। इसे 1 घं 0 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 19 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:18।
शनि 19 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:34–08:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:34–08:10 और 08:10–08:45।
शनि 19 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:10–08:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:34–08:10 और 08:10–08:45।
यहाँ दिन, 07:34 से 16:26, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 35 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:34–08:10 और 08:10–08:45।
शनि 19 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:34–08:41 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:34 से 16:26, 1 घं 6 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:26 से 07:33 रवि, 1 घं 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 19 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:47–10:54
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:47–10:54।
शनि 19 जनवरी को यमगंड कब है? 13:07–14:13
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:07–14:13।
शनि 19 जनवरी को गुलिक काल कब है? 07:34–08:41
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:34–08:41।
यहाँ दिन 07:34 से 16:26 तक है, 8 घं 52 मि। इसे 1 घं 6 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 19 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 16:26, 8 घं 52 मि का दिन।
शनि 19 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 16:26, 8 घं 52 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 19 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 253.1° पर था: मूल, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:55 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शनि 19 जनवरी को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 528.6° थे, एक चक्कर और 168.6°: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 275.5° + 253.1° = 528.6°, एक पूरा चक्कर और 168.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 15:24 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
शनि 19 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 337.7° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 16:00 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 03:43 रवि तक।
शनि 19 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:34, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:34 से 07:33 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 19 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 22 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 13 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 21 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 19 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
शनि 19 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2041 · शक 1906
विक्रम संवत 2041 1 अप्रैल 1984 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1984, 14:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 287.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2041 गिनता है; शक संवत 1906।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 19 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:20
चंद्रमा यहाँ 14:20 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 14:20 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।