Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 4 नवंबर 1982
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
करवा चौथ
करवा चौथ गुरु 4 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। गुरु 4 नवंबर क्यों?
करवा चौथ: Myjava में हर तारीख़व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी गुरु 4 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। गुरु 4 नवंबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Myjava में हर तारीख़4 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 4 नवंबर
- 04:46–05:43ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:40 से
- 06:40–07:53शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:13–11:52अभिजीत मुहूर्त
- 11:32–12:45लाभ चौघड़िया
- 12:45–13:59अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 15:12–16:25शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:25 के बाद
- 16:25–18:12अमृत चौघड़िया
-
19:21–20:49अमृत कालमृगशिरा में
- 23:33–01:20 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:07–04:54 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:54–06:41 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:47–05:44 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:40–07:53शुभयमगण्ड में
- 07:53–09:06रोगअशुभ
- 09:06–10:19उद्वेगअशुभ
- 10:19–11:32चरसामान्य
- 11:32–12:45लाभशुभ
- 12:45–13:59अमृतराहु काल में
- 13:59–15:12कालअशुभ
- 15:12–16:25शुभ
रात का चौघड़िया
- 16:25–18:12अमृतशुभ
- 18:12–19:59चरसामान्य
- 19:59–21:46रोगअशुभ
- 21:46–23:33कालअशुभ
- 23:33–01:20 शुक्रलाभशुभ
- 01:20–03:07 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:07–04:54 शुक्रशुभ
- 04:54–06:41 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:43, शुभ
- शुभ, 06:40–07:53
- रोग, अशुभ, 07:53–09:06
- उद्वेग, अशुभ, 09:06–10:19
- चर, सामान्य, 10:19–11:32
- लाभ, शुभ, 11:32–12:45
- अमृत, शुभ, 12:45–13:59
- काल, अशुभ, 13:59–15:12
- शुभ, 15:12–16:25
- अमृत, शुभ, 16:25–18:12
- चर, सामान्य, 18:12–19:59
- रोग, अशुभ, 19:59–21:46
- काल, अशुभ, 21:46–23:33
- लाभ, शुभ, 23:33–01:20 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:20–03:07 शुक्र
- शुभ, 03:07–04:54 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:54–06:41 शुक्र
- यमगण्ड, 06:40–07:53, अशुभ
- गुलिक काल, 09:06–10:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:55–10:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:13–11:52, शुभ
- राहु काल, 12:45–13:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:49–14:28, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:44 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में करवा चौथ गुरु 4 नवंबर को क्यों है?
करवा चौथ गुरु 4 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
करवा चौथ का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी गुरु 4 नवंबर को 06:13 से शुक्र 5 नवंबर को 03:33 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल गुरु 4 नवंबर को है, 18:42 पर।
Myjava में संकष्टी चतुर्थी गुरु 4 नवंबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी गुरु 4 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी गुरु 4 नवंबर को 06:13 से शुक्र 5 नवंबर को 03:33 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल गुरु 4 नवंबर को है, 18:42 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.3° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। तृतीया उससे पहले 06:13 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 03:33 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Myjava में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:34, तृतीया की समाप्ति 10:43 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 06:40, तृतीया की समाप्ति 06:13 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
गुरु 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:43
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:43।
बुध 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:26 बुध से सूर्योदय 06:40 तक थी, 14 घं 14 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:13–11:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:13–11:52।
गुरु 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:55–10:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:55–10:34 और 13:49–14:28।
गुरु 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:49–14:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:55–10:34 और 13:49–14:28।
यहाँ दिन, 06:40 से 16:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:55–10:34 और 13:49–14:28।
गुरु 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:40–07:53 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:40 से 16:25, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:25 से 06:41 शुक्र, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:45–13:59
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:45–13:59।
गुरु 4 नवंबर को यमगंड कब है? 06:40–07:53
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:40–07:53।
गुरु 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 09:06–10:19
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:06–10:19।
यहाँ दिन 06:40 से 16:25 तक है, 9 घं 45 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 16:25, 9 घं 45 मि का दिन।
गुरु 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 16:25, 9 घं 45 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 54.1° पर था: मृगशिरा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:26 शुक्र को निकलेगा, आर्द्रा में।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 252° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197.9° + 54.1° = 252°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 08:46 को समाप्त होता है, फिर शिव।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.3° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:52 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 03:33 शुक्र तक।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:41 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 17 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 15 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
गुरु 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2039 · शक 1904
विक्रम संवत 2039 25 मार्च 1982 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1982, 11:17 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 217.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2039 गिनता है; शक संवत 1904।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:42
चंद्रमा यहाँ 18:42 पर उदय होता है।
गुरु 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:58
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:58 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:42 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:58 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:42 पर उदय होगा।