Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 3 अगस्त 1978
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 3 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 3 अगस्त क्यों?
अमावस्या: Myjava में हर तारीख़3 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 3 अगस्त
- 03:13–03:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:24 से
- 04:24–06:17शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:25–12:25अभिजीत मुहूर्त
- 11:55–13:47लाभ चौघड़िया
- 13:47–15:40अमृत चौघड़ियाराहु काल में
-
16:37–18:25अमृत कालपुष्य में
- 17:33–19:25शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:25 के बाद
- 19:25–20:33अमृत चौघड़िया
- 23:55–01:03 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:11–03:18 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 03:18–04:26 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 03:14–03:50 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:24–06:17शुभयमगण्ड में
- 06:17–08:10रोगअशुभ
- 08:10–10:02उद्वेगअशुभ
- 10:02–11:55चरसामान्य
- 11:55–13:47लाभशुभ
- 13:47–15:40अमृतराहु काल में
- 15:40–17:33कालअशुभ
- 17:33–19:25शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:25–20:33अमृतशुभ
- 20:33–21:40चरसामान्य
- 21:40–22:48रोगअशुभ
- 22:48–23:55कालअशुभ
- 23:55–01:03 शुक्रलाभशुभ
- 01:03–02:11 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:11–03:18 शुक्रशुभ
- 03:18–04:26 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 3 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:13–03:49, शुभ
- शुभ, 04:24–06:17
- रोग, अशुभ, 06:17–08:10
- उद्वेग, अशुभ, 08:10–10:02
- चर, सामान्य, 10:02–11:55
- लाभ, शुभ, 11:55–13:47
- अमृत, शुभ, 13:47–15:40
- काल, अशुभ, 15:40–17:33
- शुभ, 17:33–19:25
- अमृत, शुभ, 19:25–20:33
- चर, सामान्य, 20:33–21:40
- रोग, अशुभ, 21:40–22:48
- काल, अशुभ, 22:48–23:55
- लाभ, शुभ, 23:55–01:03 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:03–02:11 शुक्र
- शुभ, 02:11–03:18 शुक्र
- अमृत, शुभ, 03:18–04:26 शुक्र
- यमगण्ड, 04:24–06:17, अशुभ
- गुलिक काल, 08:10–10:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:25–10:25, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:25–12:25, शुभ
- राहु काल, 13:47–15:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:25–16:25, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:14–03:50 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में अमावस्या गुरु 3 अगस्त को क्यों है?
अमावस्या गुरु 3 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 2 अगस्त को 23:39 से शुक्र 4 अगस्त को 02:00 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 3 अगस्त के सूर्योदय (04:24) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 3 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.2° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:24। चतुर्दशी उससे पहले 23:39 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 02:00 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 20 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 3 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:13–03:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:13–03:49।
बुध 2 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:27 बुध से सूर्योदय 04:24 तक थी, 8 घं 57 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 3 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:25–12:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:25–12:25।
गुरु 3 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:25–10:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:25–10:25 और 15:25–16:25।
गुरु 3 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:25–16:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:25–10:25 और 15:25–16:25।
यहाँ दिन, 04:24 से 19:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:25–10:25 और 15:25–16:25।
गुरु 3 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:24–06:17 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:24 से 19:25, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:25 से 04:26 शुक्र, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 3 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:47–15:40
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:47–15:40।
गुरु 3 अगस्त को यमगंड कब है? 04:24–06:17
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:24–06:17।
गुरु 3 अगस्त को गुलिक काल कब है? 08:10–10:02
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:10–10:02।
यहाँ दिन 04:24 से 19:25 तक है, 15 घं 1 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 3 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 04:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:24, सूर्यास्त 19:25, 15 घं 1 मि का दिन।
गुरु 3 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:24, सूर्यास्त 19:25, 15 घं 1 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 97.1° पर था: पुष्य, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 96°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:48 को निकलेगा, अश्लेशा में।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 204° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 106.9° + 97.1° = 204°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 21:56 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 350.2° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 12:50 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 02:00 शुक्र तक।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 04:24, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:24 से 04:26 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 5 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
गुरु 3 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2035 · शक 1900
विक्रम संवत 2035 7 अप्रैल 1978 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1978, 16:15 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 113° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2035 गिनता है; शक संवत 1900।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 3 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:46
चंद्रमा यहाँ 18:46 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:46 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।