Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 30 जून 1978
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
योगिनी एकादशी
योगिनी एकादशी शुक्र 30 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शुक्र 30 जून क्यों?
योगिनी एकादशी: Myjava में हर तारीख़30 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 30 जून
- 02:46–03:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 03:49 से
- 05:50–07:51लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:07–09:52अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:52–12:25अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:52–12:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:29–13:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 19:56 के बाद
-
20:13–21:56अमृत कालभरणी में
- 21:54–22:54लाभ चौघड़िया
- 23:53–00:52 शनिशुभ चौघड़िया
- 00:52–01:51 शनिअमृत चौघड़िया
- 02:46–03:18 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 03:49–05:50चरसामान्य
- 05:50–07:51लाभगुलिक काल में
- 07:51–09:52अमृतशुभ
- 09:52–11:52कालअशुभ
- 11:52–13:53शुभ
- 13:53–15:54रोगअशुभ
- 15:54–17:55उद्वेगअशुभ
- 17:55–19:56चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 19:56–20:55रोगअशुभ
- 20:55–21:54कालअशुभ
- 21:54–22:54लाभशुभ
- 22:54–23:53उद्वेगअशुभ
- 23:53–00:52 शनिशुभ
- 00:52–01:51 शनिअमृतशुभ
- 01:51–02:50 शनिचरसामान्य
- 02:50–03:50 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 30 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 02:46–03:17, शुभ
- चर, सामान्य, 03:49–05:50
- लाभ, शुभ, 05:50–07:51
- अमृत, शुभ, 07:51–09:52
- काल, अशुभ, 09:52–11:52
- शुभ, 11:52–13:53
- रोग, अशुभ, 13:53–15:54
- उद्वेग, अशुभ, 15:54–17:55
- चर, सामान्य, 17:55–19:56
- रोग, अशुभ, 19:56–20:55
- काल, अशुभ, 20:55–21:54
- लाभ, शुभ, 21:54–22:54
- उद्वेग, अशुभ, 22:54–23:53
- शुभ, 23:53–00:52 शनि
- अमृत, शुभ, 00:52–01:51 शनि
- चर, सामान्य, 01:51–02:50 शनि
- रोग, अशुभ, 02:50–03:50 शनि
- गुलिक काल, 05:50–07:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:02–08:07, अशुभ
- राहु काल, 09:52–11:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:20–12:25, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:25–13:29, अशुभ
- यमगण्ड, 15:54–17:55, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:46–03:18 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में योगिनी एकादशी शुक्र 30 जून को क्यों है?
योगिनी एकादशी शुक्र 30 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 30 जून को सूर्योदय पर है, 03:49: शुक्र 30 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 01:25 पर, उससे (02:13–03:49) पहले, समाप्त हुई।
शुक्र 30 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 301.1° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:49। दशमी उससे पहले 01:25 पर समाप्त हुई। एकादशी 02:41 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 20 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Myjava में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:26, दशमी की समाप्ति 05:55 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 03:49, दशमी की समाप्ति 01:25 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
शुक्र 30 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:46–03:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:46–03:17।
गुरु 29 जून की रात सूर्यास्त 19:56 गुरु से सूर्योदय 03:49 तक थी, 7 घं 53 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 30 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:20–12:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:20–12:25।
शुक्र 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:02–08:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:02–08:07 और 12:25–13:29।
शुक्र 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:25–13:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:02–08:07 और 12:25–13:29।
यहाँ दिन, 03:49 से 19:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:02–08:07 और 12:25–13:29।
शुक्र 30 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
03:49–05:50 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 03:49 से 19:56, 2 घं 0 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:56 से 03:50 शनि, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 30 जून को राहुकाल कब है? 09:52–11:52
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 09:52–11:52।
शुक्र 30 जून को यमगंड कब है? 15:54–17:55
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:54–17:55।
शुक्र 30 जून को गुलिक काल कब है? 05:50–07:51
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 05:50–07:51।
यहाँ दिन 03:49 से 19:56 तक है, 16 घं 7 मि। इसे 2 घं 0 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 30 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 03:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:49, सूर्यास्त 19:56, 16 घं 7 मि का दिन।
शुक्र 30 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:49, सूर्यास्त 19:56, 16 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 30 जून को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 15.6° पर था: भरणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 13°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:23 शनि को निकलेगा, कृत्तिका में।
शुक्र 30 जून को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 90° थे: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.4° + 15.6° = 90°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 09:50 को समाप्त होता है, फिर धृति।
शुक्र 30 जून को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 301.1° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 14:00 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 02:41 शनि तक।
शुक्र 30 जून को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 03:49, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:49 से 03:50 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 5 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शुक्र 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
शुक्र 30 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2035 · शक 1900
विक्रम संवत 2035 7 अप्रैल 1978 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1978, 16:15 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 80.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2035 गिनता है; शक संवत 1900।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 30 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:23 शनि
चंद्रमा यहाँ 01:23 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 30 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:11
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:23 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:23 शनि पर उदय होगा।