Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 27 नवंबर 1925
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
1970 से पहले के समय UTC+1:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत शुक्र 27 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 27 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़व्रत का पारण
मोक्षदा एकादशी
27 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 27 नवंबर
- 05:13–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:15 से
- 08:20–09:26लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:34–10:31अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:36–11:54अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:36–11:54शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:29–12:42शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
15:41–17:17अमृत कालअश्विनी में
- सूर्यास्त 15:58 के बाद
- 19:48–21:42लाभ चौघड़िया
- 23:37–01:32 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:32–03:27 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:14–06:15 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:15–08:20चरसामान्य
- 08:20–09:26लाभगुलिक काल में
- 09:26–10:31अमृतशुभ
- 10:31–11:36कालअशुभ
- 11:36–12:42शुभ
- 12:42–13:47रोगअशुभ
- 13:47–14:53उद्वेगअशुभ
- 14:53–15:58चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 15:58–17:53रोगअशुभ
- 17:53–19:48कालअशुभ
- 19:48–21:42लाभशुभ
- 21:42–23:37उद्वेगअशुभ
- 23:37–01:32 शनिशुभ
- 01:32–03:27 शनिअमृतशुभ
- 03:27–05:22 शनिचरसामान्य
- 05:22–07:16 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 27 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–06:14, शुभ
- चर, सामान्य, 07:15–08:20
- लाभ, शुभ, 08:20–09:26
- अमृत, शुभ, 09:26–10:31
- काल, अशुभ, 10:31–11:36
- शुभ, 11:36–12:42
- रोग, अशुभ, 12:42–13:47
- उद्वेग, अशुभ, 13:47–14:53
- चर, सामान्य, 14:53–15:58
- रोग, अशुभ, 15:58–17:53
- काल, अशुभ, 17:53–19:48
- लाभ, शुभ, 19:48–21:42
- उद्वेग, अशुभ, 21:42–23:37
- शुभ, 23:37–01:32 शनि
- अमृत, शुभ, 01:32–03:27 शनि
- चर, सामान्य, 03:27–05:22 शनि
- रोग, अशुभ, 05:22–07:16 शनि
- गुलिक काल, 08:20–09:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:00–09:34, अशुभ
- राहु काल, 10:31–11:36, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:19–11:54, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:54–12:29, अशुभ
- यमगण्ड, 13:47–14:53, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:15 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में प्रदोष व्रत शुक्र 27 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत शुक्र 27 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 27 नवंबर को 09:12 से शनि 28 नवंबर को 08:45 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (15:58–19:02) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:15। एकादशी उससे पहले 10:01 गुरु पर समाप्त हुई। द्वादशी 09:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 16 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 27 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:13–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:13–06:14।
गुरु 26 नवंबर की रात सूर्यास्त 15:59 गुरु से सूर्योदय 07:15 तक थी, 15 घं 16 मि। इसे 1 घं 1 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 27 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:19–11:54
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:19–11:54।
शुक्र 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:00–09:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:00–09:34 और 11:54–12:29।
शुक्र 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:54–12:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:00–09:34 और 11:54–12:29।
यहाँ दिन, 07:15 से 15:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 34 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:00–09:34 और 11:54–12:29।
शुक्र 27 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:15–08:20 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:15 से 15:58, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 15:58 से 07:16 शनि, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 27 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:31–11:36
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:31–11:36।
शुक्र 27 नवंबर को यमगंड कब है? 13:47–14:53
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 13:47–14:53।
शुक्र 27 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:20–09:26
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:20–09:26।
यहाँ दिन 07:15 से 15:58 तक है, 8 घं 43 मि। इसे 1 घं 5 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 27 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:15, सूर्यास्त 15:58, 8 घं 43 मि का दिन।
शुक्र 27 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 15:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:15, सूर्यास्त 15:58, 8 घं 43 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 4.7° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:53 को निकलेगा, भरणी में।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 226.4° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 221.7° + 4.7° = 226.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 07:46 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 143° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:34 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 09:12 तक है।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:15, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:15 से 07:16 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 16 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 15 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
शुक्र 27 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847
विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 15:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 241.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 27 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:58
चंद्रमा यहाँ 14:58 पर उदय होता है।
शुक्र 27 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:42 शनि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:58 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:42 शनि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:58 पर उदय हुआ; वह फिर 04:42 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।