Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 25 सितंबर 1925
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
1970 से पहले के समय UTC+1:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी शुक्र 25 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है। शुक्र 25 सितंबर क्यों?
दुर्गा अष्टमी: Myjava में हर तारीख़25 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 25 सितंबर
- 04:04–04:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:39 से
- 07:09–08:40लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:52–10:10अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:40–12:05अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:40–12:05शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:53–13:11शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
14:02–14:41अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · मूल में
- सूर्यास्त 17:42 के बाद
- 20:42–22:11लाभ चौघड़िया
- 23:41–01:11 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:11–02:41 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:05–04:52 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:39–07:09चरसामान्य
- 07:09–08:40लाभगुलिक काल में
- 08:40–10:10अमृतशुभ
- 10:10–11:40कालअशुभ
- 11:40–13:11शुभ
- 13:11–14:41रोगअशुभ
- 14:41–16:12उद्वेगअशुभ
- 16:12–17:42चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:42–19:12रोगअशुभ
- 19:12–20:42कालअशुभ
- 20:42–22:11लाभशुभ
- 22:11–23:41उद्वेगअशुभ
- 23:41–01:11 शनिशुभ
- 01:11–02:41 शनिअमृतशुभ
- 02:41–04:11 शनिचरसामान्य
- 04:11–05:40 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 25 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:51, शुभ
- चर, सामान्य, 05:39–07:09
- लाभ, शुभ, 07:09–08:40
- अमृत, शुभ, 08:40–10:10
- काल, अशुभ, 10:10–11:40
- शुभ, 11:40–13:11
- रोग, अशुभ, 13:11–14:41
- उद्वेग, अशुभ, 14:41–16:12
- चर, सामान्य, 16:12–17:42
- रोग, अशुभ, 17:42–19:12
- काल, अशुभ, 19:12–20:42
- लाभ, शुभ, 20:42–22:11
- उद्वेग, अशुभ, 22:11–23:41
- शुभ, 23:41–01:11 शनि
- अमृत, शुभ, 01:11–02:41 शनि
- चर, सामान्य, 02:41–04:11 शनि
- रोग, अशुभ, 04:11–05:40 शनि
- गुलिक काल, 07:09–08:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:03–08:52, अशुभ
- राहु काल, 10:10–11:40, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:16–12:05, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:05–12:53, अशुभ
- यमगण्ड, 14:41–16:12, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:52 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में दुर्गा अष्टमी शुक्र 25 सितंबर को क्यों है?
दुर्गा अष्टमी शुक्र 25 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है।
दुर्गा अष्टमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अष्टमी शुक्र 25 सितंबर को 01:44 से शुक्र 25 सितंबर को 23:52 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 25 सितंबर के सूर्योदय (05:39) पर है। दुर्गा अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 86.1° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:39। सप्तमी उससे पहले 01:44 पर समाप्त हुई। अष्टमी 23:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 18 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?
नई दिल्ली में सप्तमी है, Myjava में अष्टमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:10, सप्तमी की समाप्ति 06:14 से पहले हुआ: यह दिन सप्तमी है। अष्टमी अगले सूर्योदय से पहले, 04:22 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:39, सप्तमी की समाप्ति 01:44 के बाद हुआ: यह दिन अष्टमी है।
शुक्र 25 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:04–04:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:04–04:51।
गुरु 24 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:44 गुरु से सूर्योदय 05:39 तक थी, 11 घं 55 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 25 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:16–12:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:16–12:05।
शुक्र 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:03–08:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:03–08:52 और 12:05–12:53।
शुक्र 25 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:05–12:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:03–08:52 और 12:05–12:53।
यहाँ दिन, 05:39 से 17:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:03–08:52 और 12:05–12:53।
शुक्र 25 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:39–07:09 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:39 से 17:42, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:42 से 05:40 शनि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 25 सितंबर को राहुकाल कब है? 10:10–11:40
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:10–11:40।
शुक्र 25 सितंबर को यमगंड कब है? 14:41–16:12
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:41–16:12।
शुक्र 25 सितंबर को गुलिक काल कब है? 07:09–08:40
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:09–08:40।
यहाँ दिन 05:39 से 17:42 तक है, 12 घं 3 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 25 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 17:42, 12 घं 3 मि का दिन।
शुक्र 25 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 17:42, 12 घं 3 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 244.9° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:08 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 403.7° थे, एक चक्कर और 43.7°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 158.8° + 244.9° = 403.7°, एक पूरा चक्कर और 43.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 21:09 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 86.1° थी: अष्टमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 12:50 तक है, जब बढ़त 90° होगी; बव 23:52 तक।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:39, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:39 से 05:40 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 18 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
शुक्र 25 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847
विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 15:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 178.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 25 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:28
चंद्रमा यहाँ 13:28 पर उदय होता है।
शुक्र 25 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:19
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:28 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:19 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:28 पर उदय हुआ; वह फिर 22:19 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।