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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 13 जुलाई 1920

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

1970 से पहले के समय UTC+1:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 08:23 तक

फिर त्रयोदशी · 04:53 बुध तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:50⁠–⁠21:28
प्रदोष काल 19:50⁠–⁠21:28

प्रदोष व्रत मंगल 13 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 13 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण मंगल 13 जुलाई, 03:59⁠–⁠08:23
कामिका एकादशी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

02:54 03:59 19:50अगला सूर्योदय 04:00 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 03:59–05:58रोगअशुभ
  • 05:58–07:57उद्वेगअशुभ
  • 07:57–09:55चरसामान्य
  • 09:55–11:54लाभशुभ
  • 11:54–13:53अमृतगुलिक काल में
  • 13:53–15:52कालअशुभ
  • 15:52–17:51शुभराहु काल में
  • 17:51–19:50रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:50–20:51कालअशुभ
  • 20:51–21:52लाभशुभ
  • 21:52–22:54उद्वेगअशुभ
  • 22:54–23:55शुभ
  • 23:55–00:56 बुधअमृतशुभ
  • 00:56–01:57 बुधचरसामान्य
  • 01:57–02:59 बुधरोगअशुभ
  • 02:59–04:00 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 13 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 02:54–03:26, शुभ
  • रोग, अशुभ, 03:59–05:58
  • उद्वेग, अशुभ, 05:58–07:57
  • चर, सामान्य, 07:57–09:55
  • लाभ, शुभ, 09:55–11:54
  • अमृत, शुभ, 11:54–13:53
  • काल, अशुभ, 13:53–15:52
  • शुभ, 15:52–17:51
  • रोग, अशुभ, 17:51–19:50
  • काल, अशुभ, 19:50–20:51
  • लाभ, शुभ, 20:51–21:52
  • उद्वेग, अशुभ, 21:52–22:54
  • शुभ, 22:54–23:55
  • अमृत, शुभ, 23:55–00:56 बुध
  • चर, सामान्य, 00:56–01:57 बुध
  • रोग, अशुभ, 01:57–02:59 बुध
  • काल, अशुभ, 02:59–04:00 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 07:09–08:13, अशुभ
  • यमगण्ड, 07:57–09:55, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:26, शुभ
  • गुलिक काल, 11:54–13:53, अशुभ
  • राहु काल, 15:52–17:51, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:06–23:38, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:55–03:27 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में प्रदोष व्रत मंगल 13 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 13 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 सोम 12 जुलाई प्रदोष काल 19:50–21:28
द्वादशी 18:00 20:00 22:00 सोम 12 जुलाई प्रदोष काल 19:50–21:28
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 13 जुलाई को 08:23 से बुध 14 जुलाई को 04:53 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (19:50–21:28) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़

मंगल 13 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 321.4° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 321.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 321.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:59। एकादशी उससे पहले 11:31 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 08:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 1 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 13 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:54–03:26

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:54–03:26।

सूर्यास्त 19:50 सोम सूर्योदय 03:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 12 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:50 सोम सूर्योदय 03:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 12 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 12 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:50 सोम से सूर्योदय 03:59 तक थी, 8 घं 9 मि। इसे 32 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 13 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:26।

मंगल 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:09–08:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:09–08:13, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:06–23:38।

मंगल 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:06–23:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:09–08:13, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:06–23:38।

सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 03:59 से 19:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 3 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:09–08:13 और 23:06–23:38।

मंगल 13 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

03:59–05:58 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 03:59 से 19:50, 1 घं 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:50 से 04:00 बुध, 1 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 13 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:52–17:51

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:52–17:51।

मंगल 13 जुलाई को यमगंड कब है? 07:57–09:55

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 07:57–09:55।

मंगल 13 जुलाई को गुलिक काल कब है? 11:54–13:53

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:54–13:53।

सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 03:59 से 19:50 तक है, 15 घं 51 मि। इसे 1 घं 58 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 13 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 03:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:59, सूर्यास्त 19:50, 15 घं 51 मि का दिन।

मंगल 13 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:59, सूर्यास्त 19:50, 15 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:20 चंद्रोदय 02:28 बुध
सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:20 चंद्रोदय 02:28 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 49.1° पर था: रोहिणी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 49.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 49.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 10:50 को निकलेगा, मृगशिरा में।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 136.7° थे: वृद्धि।

सूर्य 87.6° + चंद्रमा 49.1° = 136.7° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 87.6° + चंद्रमा 49.1° = 136.7° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 87.6° + 49.1° = 136.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 19:00 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 321.4° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 321.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 321.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 22:00 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 08:23 तक है।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 03:59, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:59 से 04:00 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 16 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 15 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 15 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 13 जुलाई अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 13 जुलाई अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

मंगल 13 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1977 · शक 1842

विक्रम संवत 1977 20 मार्च 1920 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1920 11:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 13 जुलाई सूर्य 87.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1920 11:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 13 जुलाई सूर्य 87.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1920, 11:55 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 110.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1977 गिनता है; शक संवत 1842।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 13 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:28 बुध

चंद्रमा यहाँ 02:28 बुध पर उदय होता है।

मंगल 13 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:20

सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:20 चंद्रोदय 02:28 बुध
सूर्योदय 03:59 सूर्यास्त 19:50 सूर्योदय 04:00 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:20 चंद्रोदय 02:28 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:20 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:28 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:20 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:28 बुध पर उदय होगा।