Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 10 सितंबर 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
1970 से पहले के समय UTC+1:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ गुरु 10 सितंबर को है: उस दिन प्रतिपदा अपराह्न को छूती है, और किसी दिन नहीं। गुरु 10 सितंबर क्यों?
पितृ पक्ष आरंभ: Myjava में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा गुरु 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 10 सितंबर क्यों?
पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़10 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 सितंबर
- 03:49–04:33ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:18 से
- 05:18–06:55शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:20–12:12अभिजीत मुहूर्त
- 11:46–13:23लाभ चौघड़िया
- 13:23–15:00अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:37–18:14शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:14 के बाद
- 18:14–19:37अमृत चौघड़िया
-
19:51–21:15अमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- 23:46–01:10 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:33–03:56 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 03:56–05:19 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 03:50–04:35 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:18–06:55शुभयमगण्ड में
- 06:55–08:32रोगअशुभ
- 08:32–10:09उद्वेगअशुभ
- 10:09–11:46चरसामान्य
- 11:46–13:23लाभशुभ
- 13:23–15:00अमृतराहु काल में
- 15:00–16:37कालअशुभ
- 16:37–18:14शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:14–19:37अमृतशुभ
- 19:37–21:00चरसामान्य
- 21:00–22:23रोगअशुभ
- 22:23–23:46कालअशुभ
- 23:46–01:10 शुक्रलाभशुभ
- 01:10–02:33 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:33–03:56 शुक्रशुभ
- 03:56–05:19 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 03:49–04:33, शुभ
- शुभ, 05:18–06:55
- रोग, अशुभ, 06:55–08:32
- उद्वेग, अशुभ, 08:32–10:09
- चर, सामान्य, 10:09–11:46
- लाभ, शुभ, 11:46–13:23
- अमृत, शुभ, 13:23–15:00
- काल, अशुभ, 15:00–16:37
- शुभ, 16:37–18:14
- अमृत, शुभ, 18:14–19:37
- चर, सामान्य, 19:37–21:00
- रोग, अशुभ, 21:00–22:23
- काल, अशुभ, 22:23–23:46
- लाभ, शुभ, 23:46–01:10 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:10–02:33 शुक्र
- शुभ, 02:33–03:56 शुक्र
- अमृत, शुभ, 03:56–05:19 शुक्र
- यमगण्ड, 05:18–06:55, अशुभ
- गुलिक काल, 08:32–10:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:36–10:28, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:20–12:12, शुभ
- राहु काल, 13:23–15:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:47–15:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:50–04:35 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में पितृ पक्ष आरंभ गुरु 10 सितंबर को क्यों है?
पितृ पक्ष आरंभ गुरु 10 सितंबर को है: उस दिन प्रतिपदा अपराह्न को छूती है, और किसी दिन नहीं।
पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 10 सितंबर को 13:23 से शुक्र 11 सितंबर को 09:39 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के अपराह्न (13:03–15:38) को छूती है। पितृ पक्ष आरंभ का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Myjava में पूर्णिमा गुरु 10 सितंबर को क्यों है?
पूर्णिमा गुरु 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 9 सितंबर को 17:13 से गुरु 10 सितंबर को 13:23 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 10 सितंबर के सूर्योदय (05:18) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 10 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 175.2° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:18। चतुर्दशी उससे पहले 17:13 बुध पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 13:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 26 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 10 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:49–04:33
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:49–04:33।
बुध 9 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:16 बुध से सूर्योदय 05:18 तक थी, 11 घं 2 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 10 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:20–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:20–12:12।
गुरु 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:36–10:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:36–10:28 और 14:47–15:38।
गुरु 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:47–15:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:36–10:28 और 14:47–15:38।
यहाँ दिन, 05:18 से 18:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:36–10:28 और 14:47–15:38।
गुरु 10 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:18–06:55 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:18 से 18:14, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:14 से 05:19 शुक्र, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 10 सितंबर को राहुकाल कब है? 13:23–15:00
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:23–15:00।
गुरु 10 सितंबर को यमगंड कब है? 05:18–06:55
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:18–06:55।
गुरु 10 सितंबर को गुलिक काल कब है? 08:32–10:09
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:32–10:09।
यहाँ दिन 05:18 से 18:14 तक है, 12 घं 56 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 10 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:18, सूर्यास्त 18:14, 12 घं 56 मि का दिन।
गुरु 10 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:18, सूर्यास्त 18:14, 12 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 319.7° पर था: शतभिषा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 316°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 05:50 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 464.2° थे, एक चक्कर और 104.2°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 144.5° + 319.7° = 464.2°, एक पूरा चक्कर और 104.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 09:04 को समाप्त होता है, फिर शूल।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 175.2° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 03:18 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 13:23 तक है।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:18, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:18 से 05:19 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 26 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 15 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 25 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
गुरु 10 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830
विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 06:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 156° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 10 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:45
चंद्रमा यहाँ 18:45 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:45 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।