Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 1 अप्रैल 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
1970 से पहले के समय UTC+1:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना बुध 1 अप्रैल को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। बुध 1 अप्रैल क्यों?
चैत्र नवरात्रि: Myjava में हर तारीख़त्योहार
नव संवत्सर
नव संवत्सर बुध 1 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 1965 आरंभ होता है। बुध 1 अप्रैल क्यों?
नव संवत्सर: Myjava में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 1 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 1 अप्रैल क्यों?
अमावस्या: Myjava में हर तारीख़1 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 अप्रैल
- 03:59–04:43ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:28 से
- 05:28–07:04लाभ चौघड़िया
- 07:04–08:41अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:17–11:54शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:43–18:19लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:19 के बाद
- 19:43–21:06शुभ चौघड़िया
- 21:06–22:29अमृत चौघड़िया
-
23:07–00:37 गुरुअमृत कालरेवती में
- 02:39–04:03 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:57–04:42 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:28–07:04लाभशुभ
- 07:04–08:41अमृतयमगण्ड में
- 08:41–10:17कालअशुभ
- 10:17–11:54शुभगुलिक काल में
- 11:54–13:30रोगअशुभ
- 13:30–15:06उद्वेगअशुभ
- 15:06–16:43चरसामान्य
- 16:43–18:19लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:19–19:43उद्वेगअशुभ
- 19:43–21:06शुभ
- 21:06–22:29अमृतशुभ
- 22:29–23:53चरसामान्य
- 23:53–01:16 गुरुरोगअशुभ
- 01:16–02:39 गुरुकालअशुभ
- 02:39–04:03 गुरुलाभशुभ
- 04:03–05:26 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 03:59–04:43, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:28–07:04
- अमृत, शुभ, 07:04–08:41
- काल, अशुभ, 08:41–10:17
- शुभ, 10:17–11:54
- रोग, अशुभ, 11:54–13:30
- उद्वेग, अशुभ, 13:30–15:06
- चर, सामान्य, 15:06–16:43
- लाभ, शुभ, 16:43–18:19
- उद्वेग, अशुभ, 18:19–19:43
- शुभ, 19:43–21:06
- अमृत, शुभ, 21:06–22:29
- चर, सामान्य, 22:29–23:53
- रोग, अशुभ, 23:53–01:16 गुरु
- काल, अशुभ, 01:16–02:39 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:39–04:03 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:03–05:26 गुरु
- यमगण्ड, 07:04–08:41, अशुभ
- गुलिक काल, 10:17–11:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:28–12:19, अशुभ
- राहु काल, 11:54–13:30, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:57–04:42 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में चैत्र नवरात्रि बुध 1 अप्रैल को क्यों है?
चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना बुध 1 अप्रैल को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 1 अप्रैल को 06:02 से गुरु 2 अप्रैल को 03:44 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार के प्रातःकाल (05:28–08:02) को छूती है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
Myjava में नव संवत्सर बुध 1 अप्रैल को क्यों है?
नव संवत्सर बुध 1 अप्रैल को है: उस दिन विक्रम संवत् 1965 आरंभ होता है।
विक्रम संवत् 1965 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। यहाँ प्रतिपदा किसी सूर्योदय पर नहीं है, इसलिए वर्ष उसी दिन आरंभ होता है जिस दिन वह चलती है: बुध 1 अप्रैल।
Myjava में अमावस्या बुध 1 अप्रैल को क्यों है?
अमावस्या बुध 1 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 31 मार्च को 08:42 से बुध 1 अप्रैल को 06:02 तक है, इसलिए वह केवल बुध 1 अप्रैल के सूर्योदय (05:28) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 1 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। चतुर्दशी उससे पहले 08:42 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 06:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 18 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 06:02 को शुरू हुई और 03:44 गुरु को समाप्त, 05:28 और 05:26 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को अमावस्या है और गुरुवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 1 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:59–04:43
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:59–04:43।
मंगल 31 मार्च की रात सूर्यास्त 18:18 मंगल से सूर्योदय 05:28 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 1 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 11:28–12:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:28–12:19।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:28–12:19: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 1 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:28–07:04 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:19, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:19 से 05:26 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 1 अप्रैल को राहुकाल कब है? 11:54–13:30
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:54–13:30।
बुध 1 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:04–08:41
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:04–08:41।
बुध 1 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:17–11:54
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:17–11:54।
यहाँ दिन 05:28 से 18:19 तक है, 12 घं 51 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 1 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 51 मि का दिन।
बुध 1 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 348.2° पर था: रेवती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:22 गुरु को निकलेगा, अश्विनी में।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 696.7° थे, एक चक्कर और 336.7°: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 348.5° + 348.2° = 696.7°, एक पूरा चक्कर और 336.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 21:12 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 359.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 19:20 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 06:02 तक है।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:26 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 2 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 1 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
बुध 1 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830
विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 06:02। तब से सूर्य तारों के बीच 0° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 1 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:03
चंद्रमा यहाँ 06:03 पर उदय होता है।
बुध 1 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:38
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:03 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:38 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:03 पर उदय हुआ; वह फिर 18:38 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।