Mapleton, यूटाह, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग मंगल 22 जनवरी 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MST में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी मंगल 22 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 22 जनवरी क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Mapleton में हर तारीख़22 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 जनवरी
- 05:49–06:46ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:42 से
- 11:24–12:38लाभ चौघड़िया
- 12:18–12:38अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:38–13:52अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:05–16:19शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:33 के बाद
- 19:19–21:05लाभ चौघड़िया
-
22:21–23:13अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 22:51–23:13शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:09–00:37 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:37–02:23 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:49–06:45 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:42–08:56रोगअशुभ
- 08:56–10:10उद्वेगअशुभ
- 10:10–11:24चरसामान्य
- 11:24–12:38लाभशुभ
- 12:38–13:52अमृतगुलिक काल में
- 13:52–15:05कालअशुभ
- 15:05–16:19शुभराहु काल में
- 16:19–17:33रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:33–19:19कालअशुभ
- 19:19–21:05लाभशुभ
- 21:05–22:51उद्वेगअशुभ
- 22:51–00:37 बुधशुभ
- 00:37–02:23 बुधअमृतशुभ
- 02:23–04:10 बुधचरसामान्य
- 04:10–05:56 बुधरोगअशुभ
- 05:56–07:42 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:46, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:42–08:56
- उद्वेग, अशुभ, 08:56–10:10
- चर, सामान्य, 10:10–11:24
- लाभ, शुभ, 11:24–12:38
- अमृत, शुभ, 12:38–13:52
- काल, अशुभ, 13:52–15:05
- शुभ, 15:05–16:19
- रोग, अशुभ, 16:19–17:33
- काल, अशुभ, 17:33–19:19
- लाभ, शुभ, 19:19–21:05
- उद्वेग, अशुभ, 21:05–22:51
- शुभ, 22:51–00:37 बुध
- अमृत, शुभ, 00:37–02:23 बुध
- चर, सामान्य, 02:23–04:10 बुध
- रोग, अशुभ, 04:10–05:56 बुध
- काल, अशुभ, 05:56–07:42 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:41–10:20, अशुभ
- यमगण्ड, 10:10–11:24, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:18–12:57, शुभ
- गुलिक काल, 12:38–13:52, अशुभ
- राहु काल, 15:05–16:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:13–00:09 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:45 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Mapleton में संकष्टी चतुर्थी मंगल 22 जनवरी को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी मंगल 22 जनवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 22 जनवरी को 06:58 से बुध 23 जनवरी को 05:35 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 22 जनवरी को है, 21:18 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 22 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.4° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:42। तृतीया उससे पहले 06:58 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 05:35 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 19 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Mapleton में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:13, द्वितीया की समाप्ति 20:32 सोम के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।
Mapleton · UTC−7
यहाँ सूर्योदय, 07:42, तृतीया की समाप्ति 06:58 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
मंगल 22 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:46
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:46।
सोम 21 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:32 सोम से सूर्योदय 07:42 तक थी, 14 घं 10 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 22 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:18–12:57
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:18–12:57।
मंगल 22 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:41–10:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:41–10:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:13–00:09 बुध।
मंगल 22 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:13–00:09 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:41–10:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:13–00:09 बुध।
यहाँ दिन, 07:42 से 17:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:41–10:20 और 23:13–00:09 बुध।
मंगल 22 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:42–08:56 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:42 से 17:33, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:33 से 07:42 बुध, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 22 जनवरी को राहुकाल कब है? 15:05–16:19
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:05–16:19।
मंगल 22 जनवरी को यमगंड कब है? 10:10–11:24
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:10–11:24।
मंगल 22 जनवरी को गुलिक काल कब है? 12:38–13:52
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:38–13:52।
यहाँ दिन 07:42 से 17:33 तक है, 9 घं 51 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 22 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 17:33, 9 घं 51 मि का दिन।
मंगल 22 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 17:33, 9 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 134.7° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 133°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:33 बुध को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 413° थे, एक चक्कर और 53°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 278.3° + 134.7° = 413°, एक पूरा चक्कर और 53°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 08:09 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.4° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:19 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 05:35 बुध तक।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:42, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:42 से 07:42 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 3 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 2 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
मंगल 22 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 14 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 2029, 22:19 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 307.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 22 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:18
चंद्रमा यहाँ 21:18 पर उदय होता है।
मंगल 22 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:06
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:18 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:18 पर उदय होगा।