Mapleton, यूटाह, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग बुध 4 फ़रवरी 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MST में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी बुध 4 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 4 फ़रवरी क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Mapleton में हर तारीख़4 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 फ़रवरी
- 05:42–06:36ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:31 से
- 07:31–08:49लाभ चौघड़िया
- 08:49–10:06अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:23–12:40शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:32–17:49लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:49 के बाद
- 19:31–21:14शुभ चौघड़िया
- 21:14–22:57अमृत चौघड़िया
-
03:02–04:41 गुरुअमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- 04:05–05:48 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:41–06:36 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:31–08:49लाभशुभ
- 08:49–10:06अमृतयमगण्ड में
- 10:06–11:23कालअशुभ
- 11:23–12:40शुभगुलिक काल में
- 12:40–13:57रोगअशुभ
- 13:57–15:14उद्वेगअशुभ
- 15:14–16:32चरसामान्य
- 16:32–17:49लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:49–19:31उद्वेगअशुभ
- 19:31–21:14शुभ
- 21:14–22:57अमृतशुभ
- 22:57–00:40 गुरुचरसामान्य
- 00:40–02:22 गुरुरोगअशुभ
- 02:22–04:05 गुरुकालअशुभ
- 04:05–05:48 गुरुलाभशुभ
- 05:48–07:30 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:36, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:31–08:49
- अमृत, शुभ, 08:49–10:06
- काल, अशुभ, 10:06–11:23
- शुभ, 11:23–12:40
- रोग, अशुभ, 12:40–13:57
- उद्वेग, अशुभ, 13:57–15:14
- चर, सामान्य, 15:14–16:32
- लाभ, शुभ, 16:32–17:49
- उद्वेग, अशुभ, 17:49–19:31
- शुभ, 19:31–21:14
- अमृत, शुभ, 21:14–22:57
- चर, सामान्य, 22:57–00:40 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:40–02:22 गुरु
- काल, अशुभ, 02:22–04:05 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:05–05:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:48–07:30 गुरु
- यमगण्ड, 08:49–10:06, अशुभ
- गुलिक काल, 11:23–12:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:19–13:01, अशुभ
- राहु काल, 12:40–13:57, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:36 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Mapleton में संकष्टी चतुर्थी बुध 4 फ़रवरी को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी बुध 4 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 4 फ़रवरी को 11:40 से गुरु 5 फ़रवरी को 11:52 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 4 फ़रवरी को है, 21:13 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 213.9° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:31। द्वितीया उससे पहले 12:11 मंगल पर समाप्त हुई। तृतीया 11:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 1 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 4 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:42–06:36
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:42–06:36।
मंगल 3 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:47 मंगल से सूर्योदय 07:31 तक थी, 13 घं 44 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 4 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:19–13:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:19–13:01।
यहाँ दिन, 07:31 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:19–13:01: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 4 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:31–08:49 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:31 से 17:49, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:49 से 07:30 गुरु, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 4 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:40–13:57
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:40–13:57।
बुध 4 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:49–10:06
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:49–10:06।
बुध 4 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 11:23–12:40
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:23–12:40।
यहाँ दिन 07:31 से 17:49 तक है, 10 घं 18 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 4 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:31, सूर्यास्त 17:49, 10 घं 18 मि का दिन।
बुध 4 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:31, सूर्यास्त 17:49, 10 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 145.5° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 143°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:42 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 437.1° थे, एक चक्कर और 77.1°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 291.6° + 145.5° = 437.1°, एक पूरा चक्कर और 77.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 12:34 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 213.9° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 23:50 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 11:40 तक है।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:31, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:31 से 07:30 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 18 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 17 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
बुध 4 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 04:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 306.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 4 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:13
चंद्रमा यहाँ 21:13 पर उदय होता है।
बुध 4 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:59
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:13 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:13 पर उदय होगा।