Mapleton, यूटाह, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग सोम 28 नवंबर 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या सोम 28 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 28 नवंबर क्यों?
अमावस्या: Mapleton में हर तारीख़28 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 28 नवंबर
- 05:31–06:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:26 से
- 07:26–08:38अमृत चौघड़िया
- 09:50–11:02शुभ चौघड़िया
- 12:14–12:33अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:07–15:50लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 15:50–17:02अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:02 के बाद
- 22:26–00:14 मंगललाभ चौघड़िया
-
23:47–01:34 मंगलअमृत कालअनुराधा में
- 02:03–03:51 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:51–05:39 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:32–06:30 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:26–08:38अमृतशुभ
- 08:38–09:50कालअशुभ
- 09:50–11:02शुभ
- 11:02–12:14रोगअशुभ
- 12:14–13:26उद्वेगअशुभ
- 13:26–14:38चरसामान्य
- 14:38–15:50लाभशुभ
- 15:50–17:02अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:02–18:50चरसामान्य
- 18:50–20:38रोगअशुभ
- 20:38–22:26कालअशुभ
- 22:26–00:14 मंगललाभशुभ
- 00:14–02:03 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:03–03:51 मंगलशुभ
- 03:51–05:39 मंगलअमृतशुभ
- 05:39–07:27 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 28 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:31–06:29, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:26–08:38
- काल, अशुभ, 08:38–09:50
- शुभ, 09:50–11:02
- रोग, अशुभ, 11:02–12:14
- उद्वेग, अशुभ, 12:14–13:26
- चर, सामान्य, 13:26–14:38
- लाभ, शुभ, 14:38–15:50
- अमृत, शुभ, 15:50–17:02
- चर, सामान्य, 17:02–18:50
- रोग, अशुभ, 18:50–20:38
- काल, अशुभ, 20:38–22:26
- लाभ, शुभ, 22:26–00:14 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:14–02:03 मंगल
- शुभ, 02:03–03:51 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:51–05:39 मंगल
- चर, सामान्य, 05:39–07:27 मंगल
- राहु काल, 08:38–09:50, अशुभ
- यमगण्ड, 11:02–12:14, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:33, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:33–13:12, अशुभ
- गुलिक काल, 13:26–14:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:28–15:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:30 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Mapleton में अमावस्या सोम 28 नवंबर को क्यों है?
अमावस्या सोम 28 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 28 नवंबर को 02:50 से मंगल 29 नवंबर को 05:18 तक है, इसलिए वह केवल सोम 28 नवंबर के सूर्योदय (07:26) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 28 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.1° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:26। चतुर्दशी उससे पहले 02:50 पर समाप्त हुई। अमावस्या 05:18 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 14 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Mapleton में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:54, चतुर्दशी की समाप्ति 15:20 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Mapleton · UTC−7
यहाँ सूर्योदय, 07:26, चतुर्दशी की समाप्ति 02:50 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
सोम 28 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:31–06:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:31–06:29।
रवि 27 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:02 रवि से सूर्योदय 07:26 तक थी, 14 घं 24 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 28 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:33।
सोम 28 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:33–13:12
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:33–13:12 और 14:28–15:07।
सोम 28 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:28–15:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:33–13:12 और 14:28–15:07।
यहाँ दिन, 07:26 से 17:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:33–13:12 और 14:28–15:07।
सोम 28 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:26–08:38 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:26 से 17:02, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:02 से 07:27 मंगल, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 28 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:38–09:50
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:38–09:50।
सोम 28 नवंबर को यमगंड कब है? 11:02–12:14
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:02–12:14।
सोम 28 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:26–14:38
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:26–14:38।
यहाँ दिन 07:26 से 17:02 तक है, 9 घं 36 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 28 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:26, सूर्यास्त 17:02, 9 घं 36 मि का दिन।
सोम 28 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:26, सूर्यास्त 17:02, 9 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 28 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 212.8° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:33 को निकलेगा, अनुराधा में।
सोम 28 नवंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 435.5° थे, एक चक्कर और 75.5°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 222.7° + 212.8° = 435.5°, एक पूरा चक्कर और 75.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 15:51 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
सोम 28 नवंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 350.1° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 16:05 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 05:18 मंगल तक।
सोम 28 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:26, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:26 से 07:27 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 28 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 30 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 29 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 28 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
सोम 28 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 05:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 228.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 28 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:21 मंगल
चंद्रमा यहाँ 07:21 मंगल पर उदय होता है।
सोम 28 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:00
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:00 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:21 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:00 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:21 मंगल पर उदय होगा।