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Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग बुध 4 जुलाई 2035

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:09 05:11 21:20अगला सूर्योदय 05:12 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:11–07:12लाभशुभ
  • 07:12–09:14अमृतयमगण्ड में
  • 09:14–11:15कालअशुभ
  • 11:15–13:16शुभगुलिक काल में
  • 13:16–15:17रोगअशुभ
  • 15:17–17:18उद्वेगअशुभ
  • 17:18–19:19चरसामान्य
  • 19:19–21:20लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:20–22:19उद्वेगअशुभ
  • 22:19–23:18शुभ
  • 23:18–00:17 गुरुअमृतशुभ
  • 00:17–01:16 गुरुचरसामान्य
  • 01:16–02:15 गुरुरोगअशुभ
  • 02:15–03:14 गुरुकालअशुभ
  • 03:14–04:13 गुरुलाभशुभ
  • 04:13–05:12 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 4 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:40, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:11–07:12
  • अमृत, शुभ, 07:12–09:14
  • काल, अशुभ, 09:14–11:15
  • शुभ, 11:15–13:16
  • रोग, अशुभ, 13:16–15:17
  • उद्वेग, अशुभ, 15:17–17:18
  • चर, सामान्य, 17:18–19:19
  • लाभ, शुभ, 19:19–21:20
  • उद्वेग, अशुभ, 21:20–22:19
  • शुभ, 22:19–23:18
  • अमृत, शुभ, 23:18–00:17 गुरु
  • चर, सामान्य, 00:17–01:16 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:16–02:15 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:15–03:14 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:14–04:13 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:13–05:12 गुरु
  • यमगण्ड, 07:12–09:14, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:15–13:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:43–13:48, अशुभ
  • राहु काल, 13:16–15:17, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:41 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 4 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 341.1° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 341.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 341.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:11। त्रयोदशी उससे पहले 20:39 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 16:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 20 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 4 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:40

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:40।

सूर्यास्त 21:21 मंगल सूर्योदय 05:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 3 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:21 मंगल सूर्योदय 05:11 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 3 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 3 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:21 मंगल से सूर्योदय 05:11 तक थी, 7 घं 50 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 4 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:43–13:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:43–13:48।

सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:11 से 21:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:43–13:48: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 4 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:11–07:12 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:11 से 21:20, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:20 से 05:12 गुरु, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 4 जुलाई को राहुकाल कब है? 13:16–15:17

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:16–15:17।

बुध 4 जुलाई को यमगंड कब है? 07:12–09:14

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:12–09:14।

बुध 4 जुलाई को गुलिक काल कब है? 11:15–13:16

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:15–13:16।

सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:11 से 21:20 तक है, 16 घं 9 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 4 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:11, सूर्यास्त 21:20, 16 घं 9 मि का दिन।

बुध 4 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:11, सूर्यास्त 21:20, 16 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04
सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 4 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 58.7° पर था: मृगशिरा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 58.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 58.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 56°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:44 को निकलेगा, आर्द्रा में।

बुध 4 जुलाई को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 136.3° थे: वृद्धि।

सूर्य 77.6° + चंद्रमा 58.7° = 136.3° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 77.6° + चंद्रमा 58.7° = 136.3° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 77.6° + 58.7° = 136.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 20:30 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

बुध 4 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 341.1° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 341.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 341.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 06:46 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 16:50 तक।

बुध 4 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:11, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:11 से 05:12 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 4 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 6 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

बुध 4 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल बुध 4 जुलाई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 20 जून अमावस्या 5 जुल॰ पूर्णिमा 20 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल बुध 4 जुलाई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 20 जून अमावस्या 5 जुल॰ पूर्णिमा 20 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

बुध 4 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957

विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 13:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 4 जुलाई सूर्य 77.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 13:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 4 जुलाई सूर्य 77.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 13:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 83.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 4 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:04

चंद्रमा यहाँ 20:04 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04
सूर्योदय 05:11 सूर्यास्त 21:20 सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 20:04 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।