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Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग गुरु 22 जून 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:04 05:05 21:22अगला सूर्योदय 05:06 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:05–07:08शुभयमगण्ड में
  • 07:08–09:10रोगअशुभ
  • 09:10–11:12उद्वेगअशुभ
  • 11:12–13:14चरसामान्य
  • 13:14–15:16लाभशुभ
  • 15:16–17:18अमृतराहु काल में
  • 17:18–19:20कालअशुभ
  • 19:20–21:22शुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:22–22:20अमृतशुभ
  • 22:20–23:18चरसामान्य
  • 23:18–00:16 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:16–01:14 शुक्रकालअशुभ
  • 01:14–02:12 शुक्रलाभशुभ
  • 02:12–03:10 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:10–04:08 शुक्रशुभ
  • 04:08–05:06 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 22 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:35, शुभ
  • शुभ, 05:05–07:08
  • रोग, अशुभ, 07:08–09:10
  • उद्वेग, अशुभ, 09:10–11:12
  • चर, सामान्य, 11:12–13:14
  • लाभ, शुभ, 13:14–15:16
  • अमृत, शुभ, 15:16–17:18
  • काल, अशुभ, 17:18–19:20
  • शुभ, 19:20–21:22
  • अमृत, शुभ, 21:22–22:20
  • चर, सामान्य, 22:20–23:18
  • रोग, अशुभ, 23:18–00:16 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:16–01:14 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:14–02:12 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:12–03:10 शुक्र
  • शुभ, 03:10–04:08 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:08–05:06 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:05–07:08, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:10–11:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:31–11:36, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:41–13:46, शुभ
  • राहु काल, 15:16–17:18, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:01–18:06, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:35 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 22 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 72.7° आगे था: शुक्ल सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 72.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 72.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:05। षष्ठी उससे पहले 03:42 पर समाप्त हुई। सप्तमी 04:47 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?

नई दिल्ली में षष्ठी है, Khmelnytskyi में सप्तमी।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी गुरु 22 जून सुबह शुक्र 23 जून सुबह नई दिल्ली IST Khmelnytskyi UTC+3 06:12 03:42 07:17 04:47 05:24 षष्ठी 05:24 सप्तमी 05:05 सप्तमी 05:06 अष्टमी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी गुरु 22 जून सुबह शुक्र 23 जून सुबह नई दिल्ली IST Khmelnytskyi UTC+3 06:12 03:42 07:17 04:47 05:24 षष्ठी 05:24 सप्तमी 05:05 सप्तमी 05:06 अष्टमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:24, षष्ठी की समाप्ति 06:12 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।

Khmelnytskyi · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 05:05, षष्ठी की समाप्ति 03:42 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।

गुरु 22 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:04–04:35

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:04–04:35।

सूर्यास्त 21:21 बुध सूर्योदय 05:05 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 21 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:21 बुध सूर्योदय 05:05 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 21 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 21 जून की रात सूर्यास्त 21:21 बुध से सूर्योदय 05:05 तक थी, 7 घं 44 मि। इसे 30 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 22 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:41–13:46

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:41–13:46।

गुरु 22 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:31–11:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:31–11:36 और 17:01–18:06।

गुरु 22 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:01–18:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:31–11:36 और 17:01–18:06।

सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:05 से 21:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 5 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:31–11:36 और 17:01–18:06।

गुरु 22 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:05–07:08 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:05 से 21:22, 2 घं 2 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:22 से 05:06 शुक्र, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 22 जून को राहुकाल कब है? 15:16–17:18

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:16–17:18।

गुरु 22 जून को यमगंड कब है? 05:05–07:08

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:05–07:08।

गुरु 22 जून को गुलिक काल कब है? 09:10–11:12

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:10–11:12।

सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:05 से 21:22 तक है, 16 घं 17 मि। इसे 2 घं 2 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 22 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:05, सूर्यास्त 21:22, 16 घं 17 मि का दिन।

गुरु 22 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:05, सूर्यास्त 21:22, 16 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:53 शुक्र चंद्रोदय 12:01
सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:53 शुक्र चंद्रोदय 12:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 22 जून को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 139.1° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 139.1° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 139.1° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 136°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:37 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

गुरु 22 जून को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 205.5° थे: सिद्धि।

सूर्य 66.4° + चंद्रमा 139.1° = 205.5° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 66.4° + चंद्रमा 139.1° = 205.5° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 66.4° + 139.1° = 205.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 19:00 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

गुरु 22 जून को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 72.7° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 72.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° गर 72°–78° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 72.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° गर 72°–78° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:09 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 04:47 शुक्र तक।

गुरु 22 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:05, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:05 से 05:06 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 22 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 13:25 शुक्र से 15 जुलाई 21:15 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 22:17 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

गुरु 22 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 22 जून पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 22 जून पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।

गुरु 22 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 12:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 22 जून सूर्य 66.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 12:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 22 जून सूर्य 66.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 12:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 90.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 22 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:01

चंद्रमा यहाँ 12:01 पर उदय होता है।

गुरु 22 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:53 शुक्र

सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:53 शुक्र चंद्रोदय 12:01
सूर्योदय 05:05 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 05:06 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:53 शुक्र चंद्रोदय 12:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:53 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:01 पर उदय हुआ; वह फिर 00:53 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।