Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग बुध 4 अगस्त 2032
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
कृष्ण पक्ष · 06:00 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें चतुर्दशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 4 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। बुध 4 अगस्त क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Khmelnytskyi में हर तारीख़4 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 अगस्त
- 04:36–05:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:48 से
- 05:48–07:40लाभ चौघड़िया
- 07:40–09:32अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:25–13:17शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:54–20:47लाभ चौघड़िया
-
20:08–21:54अमृत कालपुनर्वसु में
- सूर्यास्त 20:47 के बाद
- 21:54–23:02शुभ चौघड़िया
- 23:02–00:10 गुरुअमृत चौघड़िया
- 03:33–04:41 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:37–05:13 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:48–07:40लाभशुभ
- 07:40–09:32अमृतयमगण्ड में
- 09:32–11:25कालअशुभ
- 11:25–13:17शुभगुलिक काल में
- 13:17–15:09रोगअशुभ
- 15:09–17:02उद्वेगअशुभ
- 17:02–18:54चरसामान्य
- 18:54–20:47लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:47–21:54उद्वेगअशुभ
- 21:54–23:02शुभ
- 23:02–00:10 गुरुअमृतशुभ
- 00:10–01:18 गुरुचरसामान्य
- 01:18–02:26 गुरुरोगअशुभ
- 02:26–03:33 गुरुकालअशुभ
- 03:33–04:41 गुरुलाभशुभ
- 04:41–05:49 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:12, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:48–07:40
- अमृत, शुभ, 07:40–09:32
- काल, अशुभ, 09:32–11:25
- शुभ, 11:25–13:17
- रोग, अशुभ, 13:17–15:09
- उद्वेग, अशुभ, 15:09–17:02
- चर, सामान्य, 17:02–18:54
- लाभ, शुभ, 18:54–20:47
- उद्वेग, अशुभ, 20:47–21:54
- शुभ, 21:54–23:02
- अमृत, शुभ, 23:02–00:10 गुरु
- चर, सामान्य, 00:10–01:18 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:18–02:26 गुरु
- काल, अशुभ, 02:26–03:33 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:33–04:41 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:41–05:49 गुरु
- यमगण्ड, 07:40–09:32, अशुभ
- गुलिक काल, 11:25–13:17, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:47–13:47, अशुभ
- राहु काल, 13:17–15:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:13 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Khmelnytskyi में मासिक शिवरात्रि बुध 4 अगस्त को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 4 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 4 अगस्त को 04:03 से गुरु 5 अगस्त को 06:00 तक है, इसलिए केवल बुधवार की रात का निशीथ काल (01:00 गुरु–01:36 गुरु) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 4 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 336.8° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:48। त्रयोदशी उससे पहले 04:03 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:00 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 22 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्दशी यहाँ बुध 4 और गुरु 5 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 04:03 को, सूर्योदय 05:48 से पहले, शुरू हुई और 06:00 गुरु को, अगले सूर्योदय 05:49 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्दशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Khmelnytskyi में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:44, त्रयोदशी की समाप्ति 06:33 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Khmelnytskyi · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 05:48, त्रयोदशी की समाप्ति 04:03 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
बुध 4 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:12।
मंगल 3 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:48 मंगल से सूर्योदय 05:48 तक थी, 9 घं 0 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:47–13:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:47–13:47।
यहाँ दिन, 05:48 से 20:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:47–13:47: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 4 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:48–07:40 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:48 से 20:47, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:47 से 05:49 गुरु, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 4 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:17–15:09
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:17–15:09।
बुध 4 अगस्त को यमगंड कब है? 07:40–09:32
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:40–09:32।
बुध 4 अगस्त को गुलिक काल कब है? 11:25–13:17
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:25–13:17।
यहाँ दिन 05:48 से 20:47 तक है, 14 घं 59 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 4 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 20:47, 14 घं 59 मि का दिन।
बुध 4 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 20:47, 14 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 84.8° पर था: पुनर्वसु, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:47 को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 4 अगस्त को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 192.8° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 108° + 84.8° = 192.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 19:06 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
बुध 4 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 336.8° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 16:59 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 06:00 गुरु तक।
बुध 4 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:48, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:48 से 05:49 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 7 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 6 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
बुध 4 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 05:39 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 111.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 4 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:10 गुरु
चंद्रमा यहाँ 05:10 गुरु पर उदय होता है।
बुध 4 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:22
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:22 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:10 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:22 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:10 गुरु पर उदय होगा।