Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग मंगल 3 जून 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 3 जून को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। मंगल 3 जून क्यों?
प्रदोष व्रत: Khmelnytskyi में हर तारीख़3 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 3 जून
- 04:05–04:37ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:09 से
-
05:18–06:48अमृत कालस्वाती में
- 11:10–13:10लाभ चौघड़िया
- 12:38–13:10अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:10–15:10अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:10–19:11शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 21:11 के बाद
- 22:10–23:10लाभ चौघड़िया
- 00:54–01:10 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:10–02:09 बुधअमृत चौघड़िया
-
03:28–04:56 बुधअमृत कालविशाखा में
- 04:05–04:37 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:09–07:09रोगअशुभ
- 07:09–09:10उद्वेगअशुभ
- 09:10–11:10चरसामान्य
- 11:10–13:10लाभशुभ
- 13:10–15:10अमृतगुलिक काल में
- 15:10–17:10कालअशुभ
- 17:10–19:11शुभराहु काल में
- 19:11–21:11रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:11–22:10कालअशुभ
- 22:10–23:10लाभशुभ
- 23:10–00:10 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:10–01:10 बुधशुभ
- 01:10–02:09 बुधअमृतशुभ
- 02:09–03:09 बुधचरसामान्य
- 03:09–04:09 बुधरोगअशुभ
- 04:09–05:08 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 3 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:37, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:09–07:09
- उद्वेग, अशुभ, 07:09–09:10
- चर, सामान्य, 09:10–11:10
- लाभ, शुभ, 11:10–13:10
- अमृत, शुभ, 13:10–15:10
- काल, अशुभ, 15:10–17:10
- शुभ, 17:10–19:11
- रोग, अशुभ, 19:11–21:11
- काल, अशुभ, 21:11–22:10
- लाभ, शुभ, 22:10–23:10
- उद्वेग, अशुभ, 23:10–00:10 बुध
- शुभ, 00:10–01:10 बुध
- अमृत, शुभ, 01:10–02:09 बुध
- चर, सामान्य, 02:09–03:09 बुध
- रोग, अशुभ, 03:09–04:09 बुध
- काल, अशुभ, 04:09–05:08 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:21–09:26, अशुभ
- यमगण्ड, 09:10–11:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:38–13:42, शुभ
- गुलिक काल, 13:10–15:10, अशुभ
- राहु काल, 17:10–19:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:22–00:54 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:37 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Khmelnytskyi में प्रदोष व्रत मंगल 3 जून को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 3 जून को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 2 जून को 23:51 से मंगल 3 जून को 21:21 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रदोष काल (21:11–22:46) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 3 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 146.9° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:09। द्वादशी उससे पहले 23:51 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 21:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 21 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 3 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:37
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:37।
सोम 2 जून की रात सूर्यास्त 21:10 सोम से सूर्योदय 05:09 तक थी, 7 घं 59 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 3 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:38–13:42
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:38–13:42।
मंगल 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:21–09:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:21–09:26, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:22 बुध–00:54 बुध।
मंगल 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 00:22–00:54 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:21–09:26, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:22 बुध–00:54 बुध।
यहाँ दिन, 05:09 से 21:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:21–09:26 और 00:22 बुध–00:54 बुध।
मंगल 3 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:09–07:09 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:09 से 21:11, 2 घं 0 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:11 से 05:08 बुध, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 3 जून को राहुकाल कब है? 17:10–19:11
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:10–19:11।
मंगल 3 जून को यमगंड कब है? 09:10–11:10
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:10–11:10।
मंगल 3 जून को गुलिक काल कब है? 13:10–15:10
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:10–15:10।
यहाँ दिन 05:09 से 21:11 तक है, 16 घं 2 मि। इसे 2 घं 0 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 3 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:09, सूर्यास्त 21:11, 16 घं 2 मि का दिन।
मंगल 3 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:09, सूर्यास्त 21:11, 16 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 3 जून को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 195° पर था: स्वाती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:34 को निकलेगा, विशाखा में।
मंगल 3 जून को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 243.1° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 48.1° + 195° = 243.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 21:16 को समाप्त होता है, फिर शिव।
मंगल 3 जून को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 146.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 10:40 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 21:21 तक।
मंगल 3 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:09, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:09 से 05:08 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 21 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 20 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
मंगल 3 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 05:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 70.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 3 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:53
चंद्रमा यहाँ 18:53 पर उदय होता है।
मंगल 3 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:09 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:53 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:09 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:53 पर उदय हुआ; वह फिर 04:09 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।