Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग गुरु 25 जुलाई 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
कृष्ण पक्ष · 07:32 शुक्र तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें25 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 25 जुलाई
- 04:25–04:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:34 से
- 05:34–07:30शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
07:30–08:19अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · कृत्तिका में
- 12:47–13:49अभिजीत मुहूर्त
- 13:18–15:14लाभ चौघड़िया
- 15:14–17:10अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 19:06–21:02शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:02 के बाद
- 21:02–22:06अमृत चौघड़िया
- 01:18–02:22 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:27–04:31 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:31–05:35 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:26–05:01 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:34–07:30शुभयमगण्ड में
- 07:30–09:26रोगअशुभ
- 09:26–11:22उद्वेगअशुभ
- 11:22–13:18चरसामान्य
- 13:18–15:14लाभशुभ
- 15:14–17:10अमृतराहु काल में
- 17:10–19:06कालअशुभ
- 19:06–21:02शुभ
रात का चौघड़िया
- 21:02–22:06अमृतशुभ
- 22:06–23:10चरसामान्य
- 23:10–00:14 शुक्ररोगअशुभ
- 00:14–01:18 शुक्रकालअशुभ
- 01:18–02:22 शुक्रलाभशुभ
- 02:22–03:27 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:27–04:31 शुक्रशुभ
- 04:31–05:35 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 25 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–04:59, शुभ
- शुभ, 05:34–07:30
- रोग, अशुभ, 07:30–09:26
- उद्वेग, अशुभ, 09:26–11:22
- चर, सामान्य, 11:22–13:18
- लाभ, शुभ, 13:18–15:14
- अमृत, शुभ, 15:14–17:10
- काल, अशुभ, 17:10–19:06
- शुभ, 19:06–21:02
- अमृत, शुभ, 21:02–22:06
- चर, सामान्य, 22:06–23:10
- रोग, अशुभ, 23:10–00:14 शुक्र
- काल, अशुभ, 00:14–01:18 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:18–02:22 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:22–03:27 शुक्र
- शुभ, 03:27–04:31 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:31–05:35 शुक्र
- यमगण्ड, 05:34–07:30, अशुभ
- गुलिक काल, 09:26–11:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:43–11:45, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:47–13:49, शुभ
- राहु काल, 15:14–17:10, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:54–17:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:01 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 25 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 300.3° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:34। दशमी उससे पहले 05:00 पर समाप्त हुई। एकादशी 07:32 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 15 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
एकादशी यहाँ गुरु 25 और शुक्र 26 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 05:00 को, सूर्योदय 05:34 से पहले, शुरू हुई और 07:32 शुक्र को, अगले सूर्योदय 05:35 शुक्र के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Khmelnytskyi में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:38, दशमी की समाप्ति 07:30 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।
Khmelnytskyi · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 05:34, दशमी की समाप्ति 05:00 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
गुरु 25 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–04:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–04:59।
बुध 24 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:03 बुध से सूर्योदय 05:34 तक थी, 8 घं 31 मि। इसे 34 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 25 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:47–13:49
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:47–13:49।
गुरु 25 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:43–11:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:43–11:45 और 16:54–17:56।
गुरु 25 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:54–17:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:43–11:45 और 16:54–17:56।
यहाँ दिन, 05:34 से 21:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 1 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:43–11:45 और 16:54–17:56।
गुरु 25 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:34–07:30 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:34 से 21:02, 1 घं 56 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:02 से 05:35 शुक्र, 1 घं 4 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 25 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:14–17:10
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:14–17:10।
गुरु 25 जुलाई को यमगंड कब है? 05:34–07:30
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:34–07:30।
गुरु 25 जुलाई को गुलिक काल कब है? 09:26–11:22
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:26–11:22।
यहाँ दिन 05:34 से 21:02 तक है, 15 घं 28 मि। इसे 1 घं 56 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 25 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 21:02, 15 घं 28 मि का दिन।
गुरु 25 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:34, सूर्यास्त 21:02, 15 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 38.2° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:13 को निकलेगा, रोहिणी में।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 136.1° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 97.9° + 38.2° = 136.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 01:21 शुक्र को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 300.3° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:17 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 07:32 शुक्र तक।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:34, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:34 से 05:35 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 1 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
गुरु 25 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 01:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 109° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 25 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:45 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 01:45 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 25 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:18
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:18 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:45 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:18 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:45 शुक्र पर उदय होगा।