Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग सोम 3 अप्रैल 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
राम नवमी
राम नवमी सोम 3 अप्रैल को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में नवमी है, और किसी दिन नहीं। सोम 3 अप्रैल क्यों?
राम नवमी: Khmelnytskyi में हर तारीख़3 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 अप्रैल
- 05:16–06:00ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:44 से
- 06:44–08:22अमृत चौघड़िया
- 09:59–11:37शुभ चौघड़िया
- 13:15–13:41अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:10–18:09लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:09–19:47अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:47 के बाद
-
20:12–21:44अमृत कालपुनर्वसु में
- 23:52–01:14 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:36–03:58 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:58–05:20 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:14–05:58 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:44–08:22अमृतशुभ
- 08:22–09:59कालअशुभ
- 09:59–11:37शुभ
- 11:37–13:15रोगअशुभ
- 13:15–14:53उद्वेगअशुभ
- 14:53–16:31चरसामान्य
- 16:31–18:09लाभशुभ
- 18:09–19:47अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:47–21:08चरसामान्य
- 21:08–22:30रोगअशुभ
- 22:30–23:52कालअशुभ
- 23:52–01:14 मंगललाभशुभ
- 01:14–02:36 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:36–03:58 मंगलशुभ
- 03:58–05:20 मंगलअमृतशुभ
- 05:20–06:42 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–06:00, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:44–08:22
- काल, अशुभ, 08:22–09:59
- शुभ, 09:59–11:37
- रोग, अशुभ, 11:37–13:15
- उद्वेग, अशुभ, 13:15–14:53
- चर, सामान्य, 14:53–16:31
- लाभ, शुभ, 16:31–18:09
- अमृत, शुभ, 18:09–19:47
- चर, सामान्य, 19:47–21:08
- रोग, अशुभ, 21:08–22:30
- काल, अशुभ, 22:30–23:52
- लाभ, शुभ, 23:52–01:14 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:14–02:36 मंगल
- शुभ, 02:36–03:58 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:58–05:20 मंगल
- चर, सामान्य, 05:20–06:42 मंगल
- राहु काल, 08:22–09:59, अशुभ
- यमगण्ड, 11:37–13:15, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:49–13:41, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:41–14:33, अशुभ
- गुलिक काल, 14:53–16:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:18–17:10, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–05:58 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Khmelnytskyi में राम नवमी सोम 3 अप्रैल को क्यों है?
राम नवमी सोम 3 अप्रैल को है: उस दिन पूरे मध्याह्न में नवमी है, और किसी दिन नहीं।
राम जन्म मध्याह्न में मनाया जाता है, दिन का बीच का पाँचवाँ भाग। नवमी सोम 3 अप्रैल को 09:30 से मंगल 4 अप्रैल को 07:37 तक है, इसलिए केवल सोमवार का मध्याह्न (11:57–14:33) उसके भीतर है।
सोम 3 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 94.5° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। सप्तमी उससे पहले 10:52 रवि पर समाप्त हुई। अष्टमी 09:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 26 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 3 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:16–06:00
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:16–06:00।
रवि 2 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:45 रवि से सूर्योदय 06:44 तक थी, 10 घं 59 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 3 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:49–13:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:49–13:41।
सोम 3 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:41–14:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:41–14:33 और 16:18–17:10।
सोम 3 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:18–17:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:41–14:33 और 16:18–17:10।
यहाँ दिन, 06:44 से 19:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:41–14:33 और 16:18–17:10।
सोम 3 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:44–08:22 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:44 से 19:47, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:47 से 06:42 मंगल, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 3 अप्रैल को राहुकाल कब है? 08:22–09:59
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:22–09:59।
सोम 3 अप्रैल को यमगंड कब है? 11:37–13:15
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:37–13:15।
सोम 3 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 14:53–16:31
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:53–16:31।
यहाँ दिन 06:44 से 19:47 तक है, 13 घं 3 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 3 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 19:47, 13 घं 3 मि का दिन।
सोम 3 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 19:47, 13 घं 3 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 84.2° पर था: पुनर्वसु, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:30 को निकलेगा, पुष्य में।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 433.9° थे, एक चक्कर और 73.9°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 349.7° + 84.2° = 433.9°, एक पूरा चक्कर और 73.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 16:40 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 94.5° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 22:15 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 09:30 तक है।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:42 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 26 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 24 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
सोम 3 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 07:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 7.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 3 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:02
चंद्रमा यहाँ 12:02 पर उदय होता है।
सोम 3 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:11 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:11 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:02 पर उदय हुआ; वह फिर 04:11 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।