Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग गुरु 8 अक्टूबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 8 अक्टूबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का बुध 7 अक्टूबर से अधिक भाग घेरती है। गुरु 8 अक्टूबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Khmelnytskyi में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि गुरु 8 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 8 अक्टूबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Khmelnytskyi में हर तारीख़8 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 8 अक्टूबर
- 05:40–06:31ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:22 से
- 07:22–08:46शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
12:31–14:06अमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 12:36–13:21अभिजीत मुहूर्त
- 12:59–14:23लाभ चौघड़िया
- 14:23–15:47अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:11–18:36शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 18:36–20:12अमृत चौघड़िया
- 00:59–02:35 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:11–05:47 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:47–07:23 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:41–06:32 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:22–08:46शुभयमगण्ड में
- 08:46–10:10रोगअशुभ
- 10:10–11:34उद्वेगअशुभ
- 11:34–12:59चरसामान्य
- 12:59–14:23लाभशुभ
- 14:23–15:47अमृतराहु काल में
- 15:47–17:11कालअशुभ
- 17:11–18:36शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–20:12अमृतशुभ
- 20:12–21:48चरसामान्य
- 21:48–23:24रोगअशुभ
- 23:24–00:59 शुक्रकालअशुभ
- 00:59–02:35 शुक्रलाभशुभ
- 02:35–04:11 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:11–05:47 शुक्रशुभ
- 05:47–07:23 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 8 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:40–06:31, शुभ
- शुभ, 07:22–08:46
- रोग, अशुभ, 08:46–10:10
- उद्वेग, अशुभ, 10:10–11:34
- चर, सामान्य, 11:34–12:59
- लाभ, शुभ, 12:59–14:23
- अमृत, शुभ, 14:23–15:47
- काल, अशुभ, 15:47–17:11
- शुभ, 17:11–18:36
- अमृत, शुभ, 18:36–20:12
- चर, सामान्य, 20:12–21:48
- रोग, अशुभ, 21:48–23:24
- काल, अशुभ, 23:24–00:59 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:59–02:35 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:35–04:11 शुक्र
- शुभ, 04:11–05:47 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:47–07:23 शुक्र
- यमगण्ड, 07:22–08:46, अशुभ
- गुलिक काल, 10:10–11:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:06–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:36–13:21, शुभ
- राहु काल, 14:23–15:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:36–16:21, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:32 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Khmelnytskyi में प्रदोष व्रत गुरु 8 अक्टूबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 8 अक्टूबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का बुध 7 अक्टूबर से अधिक भाग घेरती है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 7 अक्टूबर को 20:47 से गुरु 8 अक्टूबर को 19:46 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: गुरु 8 अक्टूबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Khmelnytskyi में मासिक शिवरात्रि गुरु 8 अक्टूबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि गुरु 8 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 8 अक्टूबर को 19:46 से शुक्र 9 अक्टूबर को 19:06 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (00:34 शुक्र–01:25 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 329.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:22। द्वादशी उससे पहले 20:47 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 19:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 26 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 8 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:40–06:31
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:40–06:31।
बुध 7 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:38 बुध से सूर्योदय 07:22 तक थी, 12 घं 44 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 8 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:36–13:21
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:36–13:21।
गुरु 8 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:06–11:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:06–11:51 और 15:36–16:21।
गुरु 8 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:36–16:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:06–11:51 और 15:36–16:21।
यहाँ दिन, 07:22 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:06–11:51 और 15:36–16:21।
गुरु 8 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:22–08:46 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:22 से 18:36, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 07:23 शुक्र, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 8 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:23–15:47
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:23–15:47।
गुरु 8 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:22–08:46
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:22–08:46।
गुरु 8 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:10–11:34
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:10–11:34।
यहाँ दिन 07:22 से 18:36 तक है, 11 घं 14 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 8 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 18:36, 11 घं 14 मि का दिन।
गुरु 8 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 18:36, 11 घं 14 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 140.2° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 18:50 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 310.9° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 170.7° + 140.2° = 310.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 22:28 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 329.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 08:14 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 19:46 तक।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:22, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:22 से 07:23 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 11 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 10 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
गुरु 8 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 03:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 196.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 8 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:52 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 05:52 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 8 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:33
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:33 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:52 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:33 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:52 शुक्र पर उदय होगा।