Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग मंगल 30 सितंबर 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी मंगल 30 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है। मंगल 30 सितंबर क्यों?
दुर्गा अष्टमी: Khmelnytskyi में हर तारीख़30 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 सितंबर
- 05:32–06:21ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:10 से
- 11:33–13:01लाभ चौघड़िया
- 12:38–13:01अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:01–14:29अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:57–17:24शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:52 के बाद
- 20:25–21:57लाभ चौघड़िया
- 23:29–23:48शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:37–01:02 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:37–02:09 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 01:02–02:34 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:33–06:22 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:10–08:38रोगअशुभ
- 08:38–10:05उद्वेगअशुभ
- 10:05–11:33चरसामान्य
- 11:33–13:01लाभशुभ
- 13:01–14:29अमृतगुलिक काल में
- 14:29–15:57कालअशुभ
- 15:57–17:24शुभराहु काल में
- 17:24–18:52रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:52–20:25कालअशुभ
- 20:25–21:57लाभशुभ
- 21:57–23:29उद्वेगअशुभ
- 23:29–01:02 बुधशुभ
- 01:02–02:34 बुधअमृतशुभ
- 02:34–04:07 बुधचरसामान्य
- 04:07–05:39 बुधरोगअशुभ
- 05:39–07:11 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:21, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:10–08:38
- उद्वेग, अशुभ, 08:38–10:05
- चर, सामान्य, 10:05–11:33
- लाभ, शुभ, 11:33–13:01
- अमृत, शुभ, 13:01–14:29
- काल, अशुभ, 14:29–15:57
- शुभ, 15:57–17:24
- रोग, अशुभ, 17:24–18:52
- काल, अशुभ, 18:52–20:25
- लाभ, शुभ, 20:25–21:57
- उद्वेग, अशुभ, 21:57–23:29
- शुभ, 23:29–01:02 बुध
- अमृत, शुभ, 01:02–02:34 बुध
- चर, सामान्य, 02:34–04:07 बुध
- रोग, अशुभ, 04:07–05:39 बुध
- काल, अशुभ, 05:39–07:11 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:30–10:17, अशुभ
- यमगण्ड, 10:05–11:33, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:38–13:24, शुभ
- गुलिक काल, 13:01–14:29, अशुभ
- राहु काल, 15:57–17:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:48–00:37 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:22 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Khmelnytskyi में दुर्गा अष्टमी मंगल 30 सितंबर को क्यों है?
दुर्गा अष्टमी मंगल 30 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है।
दुर्गा अष्टमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अष्टमी सोम 29 सितंबर को 14:02 से मंगल 30 सितंबर को 15:36 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 30 सितंबर के सूर्योदय (07:10) पर है। दुर्गा अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 92° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:10। सप्तमी उससे पहले 14:02 सोम पर समाप्त हुई। अष्टमी 15:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 21 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 30 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:32–06:21
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:32–06:21।
सोम 29 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:54 सोम से सूर्योदय 07:10 तक थी, 12 घं 16 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 30 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:38–13:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:38–13:24।
मंगल 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:30–10:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:30–10:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:48–00:37 बुध।
मंगल 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:48–00:37 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:30–10:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:48–00:37 बुध।
यहाँ दिन, 07:10 से 18:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:30–10:17 और 23:48–00:37 बुध।
मंगल 30 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:10–08:38 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:10 से 18:52, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:52 से 07:11 बुध, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 30 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:57–17:24
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:57–17:24।
मंगल 30 सितंबर को यमगंड कब है? 10:05–11:33
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:05–11:33।
मंगल 30 सितंबर को गुलिक काल कब है? 13:01–14:29
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:01–14:29।
यहाँ दिन 07:10 से 18:52 तक है, 11 घं 42 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 30 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 18:52, 11 घं 42 मि का दिन।
मंगल 30 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 18:52, 11 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 255.1° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:36 बुध को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 418.1° थे, एक चक्कर और 58.1°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 163° + 255.1° = 418.1°, एक पूरा चक्कर और 58.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 22:33 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 92° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 02:53 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 15:36 तक है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:10, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:10 से 07:11 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 21 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 12:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 178.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 30 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:06
चंद्रमा यहाँ 16:06 पर उदय होता है।
मंगल 30 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:26
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:06 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:26 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:06 पर उदय हुआ; वह फिर 23:26 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।