tithika
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Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग शनि 2 नवंबर 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 16:52 तक

फिर द्वितीया · 18:35 रवि तक

त्योहार

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा मुहूर्त
07:02⁠–⁠08:59
प्रातःकाल 07:02⁠–⁠08:59

गोवर्धन पूजा शनि 2 नवंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। शनि 2 नवंबर क्यों?

गोवर्धन पूजा: Khmelnytskyi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:08 07:02 16:48अगला सूर्योदय 07:03 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:02–08:15कालअशुभ
  • 08:15–09:28शुभ
  • 09:28–10:42रोगअशुभ
  • 10:42–11:55उद्वेगअशुभ
  • 11:55–13:08चरसामान्य
  • 13:08–14:21लाभयमगण्ड में
  • 14:21–15:34अमृतशुभ
  • 15:34–16:48कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:48–18:35लाभशुभ
  • 18:35–20:22उद्वेगअशुभ
  • 20:22–22:09शुभ
  • 22:09–23:56अमृतशुभ
  • 23:56–01:43 रविचरसामान्य
  • 01:43–03:29 रविरोगअशुभ
  • 03:29–05:16 रविकालअशुभ
  • 05:16–07:03 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 2 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–06:05, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:02–08:15
  • शुभ, 08:15–09:28
  • रोग, अशुभ, 09:28–10:42
  • उद्वेग, अशुभ, 10:42–11:55
  • चर, सामान्य, 11:55–13:08
  • लाभ, शुभ, 13:08–14:21
  • अमृत, शुभ, 14:21–15:34
  • काल, अशुभ, 15:34–16:48
  • लाभ, शुभ, 16:48–18:35
  • उद्वेग, अशुभ, 18:35–20:22
  • शुभ, 20:22–22:09
  • अमृत, शुभ, 22:09–23:56
  • चर, सामान्य, 23:56–01:43 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:43–03:29 रवि
  • काल, अशुभ, 03:29–05:16 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:16–07:03 रवि
  • गुलिक काल, 07:02–08:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:02–07:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:41–08:20, अशुभ
  • राहु काल, 09:28–10:42, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:14, शुभ
  • यमगण्ड, 13:08–14:21, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–06:06 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Khmelnytskyi में गोवर्धन पूजा शनि 2 नवंबर को क्यों है?

गोवर्धन पूजा शनि 2 नवंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या 07:00 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 शुक्र 1 नवंबर प्रातःकाल 07:00–08:58
अमावस्या 07:00 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 शुक्र 1 नवंबर प्रातःकाल 07:00–08:58
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शुक्र 1 नवंबर को 14:47 से शनि 2 नवंबर को 16:52 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रातःकाल (07:02–08:59) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

गोवर्धन पूजा: Khmelnytskyi में हर तारीख़

शनि 2 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 7.5° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 7.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 7.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:02। अमावस्या उससे पहले 14:47 शुक्र पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 16:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 1 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 2 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:08–06:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:08–06:05।

सूर्यास्त 16:49 शुक्र सूर्योदय 07:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 1 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:49 शुक्र सूर्योदय 07:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 1 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 1 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:49 शुक्र से सूर्योदय 07:02 तक थी, 14 घं 13 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 2 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:14

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:14।

शनि 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:02–07:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:02–07:41 और 07:41–08:20।

शनि 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:41–08:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:02–07:41 और 07:41–08:20।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:02 से 16:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:02–07:41 और 07:41–08:20।

शनि 2 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:02–08:15 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:02 से 16:48, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:48 से 07:03 रवि, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 2 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:28–10:42

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:28–10:42।

शनि 2 नवंबर को यमगंड कब है? 13:08–14:21

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:08–14:21।

शनि 2 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:02–08:15

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:02–08:15।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:02 से 16:48 तक है, 9 घं 46 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 2 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 16:48, 9 घं 46 मि का दिन।

शनि 2 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:48

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 16:48, 9 घं 46 मि का दिन।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:45 चंद्रोदय 08:07
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:45 चंद्रोदय 08:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 203.5° पर था: विशाखा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 203.5° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 203.5° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 02:28 रवि को निकलेगा, अनुराधा में।

शनि 2 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 399.6° थे, एक चक्कर और 39.6°: आयुष्मान्।

सूर्य 196.1° + चंद्रमा 203.5° = 399.6° एक चक्कर + 39.6° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 196.1° + चंद्रमा 203.5° = 399.6° एक चक्कर + 39.6° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 196.1° + 203.5° = 399.6°, एक पूरा चक्कर और 39.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 07:47 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

शनि 2 नवंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 7.5° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 7.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 7.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 03:52 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 16:52 तक है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:02, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:02 से 07:03 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 1 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 2 नवंबर पूर्णिमा 17 अक्टू॰ अमावस्या 1 नव॰ पूर्णिमा 15 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 2 नवंबर पूर्णिमा 17 अक्टू॰ अमावस्या 1 नव॰ पूर्णिमा 15 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

शनि 2 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 21:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 2 नवंबर सूर्य 196.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 21:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 2 नवंबर सूर्य 196.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 21:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 200.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 2 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:07

चंद्रमा यहाँ 08:07 पर उदय होता है।

शनि 2 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:45

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:45 चंद्रोदय 08:07
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:48 सूर्योदय 07:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:45 चंद्रोदय 08:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:07 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 16:45 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:07 पर उदय हुआ; वह फिर 16:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त दिन में पड़ता है।