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Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग मंगल 3 मई 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

तृतीया

शुक्ल पक्ष · 05:03 बुध तक

फिर चतुर्थी · 07:31 गुरु तक

त्योहार

अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त
05:47⁠–⁠13:09
पूर्वाह्न 05:47⁠–⁠13:09

अक्षय तृतीया मंगल 3 मई को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 3 मई क्यों?

अक्षय तृतीया: Khmelnytskyi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:32 05:47 20:31अगला सूर्योदय 05:45 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:47–07:37रोगअशुभ
  • 07:37–09:28उद्वेगअशुभ
  • 09:28–11:18चरसामान्य
  • 11:18–13:09लाभशुभ
  • 13:09–14:59अमृतगुलिक काल में
  • 14:59–16:50कालअशुभ
  • 16:50–18:41शुभराहु काल में
  • 18:41–20:31रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:31–21:40कालअशुभ
  • 21:40–22:50लाभशुभ
  • 22:50–23:59उद्वेगअशुभ
  • 23:59–01:08 बुधशुभ
  • 01:08–02:17 बुधअमृतशुभ
  • 02:17–03:26 बुधचरसामान्य
  • 03:26–04:36 बुधरोगअशुभ
  • 04:36–05:45 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 3 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:09, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:47–07:37
  • उद्वेग, अशुभ, 07:37–09:28
  • चर, सामान्य, 09:28–11:18
  • लाभ, शुभ, 11:18–13:09
  • अमृत, शुभ, 13:09–14:59
  • काल, अशुभ, 14:59–16:50
  • शुभ, 16:50–18:41
  • रोग, अशुभ, 18:41–20:31
  • काल, अशुभ, 20:31–21:40
  • लाभ, शुभ, 21:40–22:50
  • उद्वेग, अशुभ, 22:50–23:59
  • शुभ, 23:59–01:08 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:08–02:17 बुध
  • चर, सामान्य, 02:17–03:26 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:26–04:36 बुध
  • काल, अशुभ, 04:36–05:45 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:43–09:42, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:28–11:18, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:39–13:38, शुभ
  • गुलिक काल, 13:09–14:59, अशुभ
  • राहु काल, 16:50–18:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:13–00:50 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:08 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Khmelnytskyi में अक्षय तृतीया मंगल 3 मई को क्यों है?

अक्षय तृतीया मंगल 3 मई को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं।

तृतीया 05:47 04:00 06:00 08:00 10:00 12:00 14:00 मंगल 3 मई स्मार्त · वैष्णव पूर्वाह्न 05:47–13:09
तृतीया 05:47 04:00 07:00 10:00 13:00 मंगल 3 मई स्मार्त · वैष्णव पूर्वाह्न 05:47–13:09
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: पूर्वाह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अक्षय तृतीया की पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। तृतीया मंगल 3 मई को 02:49 से बुध 4 मई को 05:03 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का पूर्वाह्न (05:47–13:09) उसके भीतर है।

अक्षय तृतीया: Khmelnytskyi में हर तारीख़

मंगल 3 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 25.4° आगे था: शुक्ल तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 25.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 25.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:47। द्वितीया उससे पहले 02:49 पर समाप्त हुई। तृतीया 05:03 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 30 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 3 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:09।

सूर्यास्त 20:30 सोम सूर्योदय 05:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 2 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:30 सोम सूर्योदय 05:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 2 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 2 मई की रात सूर्यास्त 20:30 सोम से सूर्योदय 05:47 तक थी, 9 घं 17 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 3 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:39–13:38

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:39–13:38।

मंगल 3 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:43–09:42, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:13 बुध–00:50 बुध।

मंगल 3 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 00:13–00:50 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:43–09:42, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:13 बुध–00:50 बुध।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:47 से 20:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:43–09:42 और 00:13 बुध–00:50 बुध।

मंगल 3 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:47–07:37 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:47 से 20:31, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:31 से 05:45 बुध, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 3 मई को राहुकाल कब है? 16:50–18:41

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:50–18:41।

मंगल 3 मई को यमगंड कब है? 09:28–11:18

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:28–11:18।

मंगल 3 मई को गुलिक काल कब है? 13:09–14:59

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:09–14:59।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:47 से 20:31 तक है, 14 घं 44 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 3 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 20:31, 14 घं 44 मि का दिन।

मंगल 3 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 20:31, 14 घं 44 मि का दिन।

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:38 चंद्रोदय 06:55
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:38 चंद्रोदय 06:55
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 3 मई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 43.9° पर था: रोहिणी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 43.9° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 43.9° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 43°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:47 बुध को निकलेगा, मृगशिरा में।

मंगल 3 मई को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 62.4° थे: शोभन।

सूर्य 18.5° + चंद्रमा 43.9° = 62.4° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 18.5° + चंद्रमा 43.9° = 62.4° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 18.5° + 43.9° = 62.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 13:44 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

मंगल 3 मई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 25.4° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 25.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° तैतिल 24°–30° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 25.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° तैतिल 24°–30° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 15:54 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 05:03 बुध तक।

मंगल 3 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:47, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:47 से 05:45 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 3 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 30 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

मंगल 3 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 3 मई पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 30 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल मंगल 3 मई पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 30 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

मंगल 3 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 09:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 3 मई सूर्य 18.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 09:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 3 मई सूर्य 18.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 09:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 31.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 3 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:55

चंद्रमा यहाँ 06:55 पर उदय होता है।

मंगल 3 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:38

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:38 चंद्रोदय 06:55
सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 20:31 सूर्योदय 05:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:38 चंद्रोदय 06:55
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:55 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:38 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:55 पर उदय हुआ; वह फिर 23:38 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।