Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग शनि 18 मई 2019
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा शनि 18 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 18 मई क्यों?
बुद्ध पूर्णिमा: Khmelnytskyi में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 18 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 18 मई क्यों?
पूर्णिमा: Khmelnytskyi में हर तारीख़18 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 18 मई
- 04:16–04:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:25 से
- 07:28–09:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:37–13:39अभिजीत मुहूर्त
- 15:04–17:00लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:20–16:53अमृत कालविशाखा मेंयमगण्ड में
- 17:00–18:56अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:52 के बाद
- 20:52–21:56लाभ चौघड़िया
- 23:00–00:04 रविशुभ चौघड़िया
- 00:04–01:08 रविअमृत चौघड़िया
- 04:19–05:23 रविलाभ चौघड़िया
- 04:15–04:49 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:25–07:21कालअशुभ
- 07:21–09:16शुभ
- 09:16–11:12रोगअशुभ
- 11:12–13:08उद्वेगअशुभ
- 13:08–15:04चरसामान्य
- 15:04–17:00लाभयमगण्ड में
- 17:00–18:56अमृतशुभ
- 18:56–20:52कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:52–21:56लाभशुभ
- 21:56–23:00उद्वेगअशुभ
- 23:00–00:04 रविशुभ
- 00:04–01:08 रविअमृतशुभ
- 01:08–02:12 रविचरसामान्य
- 02:12–03:16 रविरोगअशुभ
- 03:16–04:19 रविकालअशुभ
- 04:19–05:23 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 18 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:16–04:50, शुभ
- काल, अशुभ, 05:25–07:21
- शुभ, 07:21–09:16
- रोग, अशुभ, 09:16–11:12
- उद्वेग, अशुभ, 11:12–13:08
- चर, सामान्य, 13:08–15:04
- लाभ, शुभ, 15:04–17:00
- अमृत, शुभ, 17:00–18:56
- काल, अशुभ, 18:56–20:52
- लाभ, शुभ, 20:52–21:56
- उद्वेग, अशुभ, 21:56–23:00
- शुभ, 23:00–00:04 रवि
- अमृत, शुभ, 00:04–01:08 रवि
- चर, सामान्य, 01:08–02:12 रवि
- रोग, अशुभ, 02:12–03:16 रवि
- काल, अशुभ, 03:16–04:19 रवि
- लाभ, शुभ, 04:19–05:23 रवि
- गुलिक काल, 05:25–07:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:25–06:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:26–07:28, अशुभ
- राहु काल, 09:16–11:12, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:37–13:39, शुभ
- यमगण्ड, 15:04–17:00, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–04:49 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Khmelnytskyi में बुद्ध पूर्णिमा शनि 18 मई को क्यों है?
बुद्ध पूर्णिमा शनि 18 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
बुद्ध पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 18 मई को 01:41 से रवि 19 मई को 00:11 तक है, इसलिए वह केवल शनि 18 मई के सूर्योदय (05:25) पर है। बुद्ध पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Khmelnytskyi में पूर्णिमा शनि 18 मई को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 18 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 18 मई को 01:41 से रवि 19 मई को 00:11 तक है, इसलिए वह केवल शनि 18 मई के सूर्योदय (05:25) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 18 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 170° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:25। चतुर्दशी उससे पहले 01:41 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 00:11 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 5 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 18 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:16–04:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:16–04:50।
शुक्र 17 मई की रात सूर्यास्त 20:51 शुक्र से सूर्योदय 05:25 तक थी, 8 घं 34 मि। इसे 34 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 18 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:37–13:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:37–13:39।
शनि 18 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:25–06:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:25–06:26 और 06:26–07:28।
शनि 18 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:26–07:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:25–06:26 और 06:26–07:28।
यहाँ दिन, 05:25 से 20:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 1 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:25–06:26 और 06:26–07:28।
शनि 18 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:25–07:21 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:25 से 20:52, 1 घं 55 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:52 से 05:23 रवि, 1 घं 3 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 18 मई को राहुकाल कब है? 09:16–11:12
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–11:12।
शनि 18 मई को यमगंड कब है? 15:04–17:00
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:04–17:00।
शनि 18 मई को गुलिक काल कब है? 05:25–07:21
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:25–07:21।
यहाँ दिन 05:25 से 20:52 तक है, 15 घं 27 मि। इसे 1 घं 55 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 18 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 20:52, 15 घं 27 मि का दिन।
शनि 18 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 20:52, 15 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 18 मई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 202.8° पर था: विशाखा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 23:51 को निकलेगा, अनुराधा में।
शनि 18 मई को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 235.6° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 32.8° + 202.8° = 235.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 12:39 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
शनि 18 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 170° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 12:52 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 00:11 रवि तक।
शनि 18 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:25, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:25 से 05:23 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 18 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 5 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 3 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 18 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
शनि 18 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941
विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 11:50 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 41.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 18 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:18
चंद्रमा यहाँ 20:18 पर उदय होता है।
शनि 18 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:31
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:31 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:18 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय दिन में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:31 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:18 पर उदय होगा।