tithika
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Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग बुध 20 मार्च 2019

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 07:15 तक

फिर पूर्णिमा · 03:42 गुरु तक

यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानें

त्योहार

होलिका दहन

होलिका दहन मुहूर्त
18:24⁠–⁠20:46
प्रदोष काल 18:24⁠–⁠20:46

होलिका दहन बुध 20 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में पूर्णिमा है, और किसी शाम नहीं। बुध 20 मार्च क्यों?

होलिका दहन: Khmelnytskyi में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा बुध 20 मार्च को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 20 मार्च क्यों?

पूर्णिमा: Khmelnytskyi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:40 06:15 18:24अगला सूर्योदय 06:13 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:46लाभशुभ
  • 07:46–09:17अमृतयमगण्ड में
  • 09:17–10:49कालअशुभ
  • 10:49–12:20शुभगुलिक काल में
  • 12:20–13:51रोगअशुभ
  • 13:51–15:22उद्वेगअशुभ
  • 15:22–16:53चरसामान्य
  • 16:53–18:24लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:24–19:52उद्वेगअशुभ
  • 19:52–21:21शुभ
  • 21:21–22:50अमृतशुभ
  • 22:50–00:18 गुरुचरसामान्य
  • 00:18–01:47 गुरुरोगअशुभ
  • 01:47–03:16 गुरुकालअशुभ
  • 03:16–04:45 गुरुलाभशुभ
  • 04:45–06:13 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 20 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:28, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:15–07:46
  • अमृत, शुभ, 07:46–09:17
  • काल, अशुभ, 09:17–10:49
  • शुभ, 10:49–12:20
  • रोग, अशुभ, 12:20–13:51
  • उद्वेग, अशुभ, 13:51–15:22
  • चर, सामान्य, 15:22–16:53
  • लाभ, शुभ, 16:53–18:24
  • उद्वेग, अशुभ, 18:24–19:52
  • शुभ, 19:52–21:21
  • अमृत, शुभ, 21:21–22:50
  • चर, सामान्य, 22:50–00:18 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:18–01:47 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:47–03:16 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:16–04:45 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:45–06:13 गुरु
  • यमगण्ड, 07:46–09:17, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:49–12:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:55–12:44, अशुभ
  • राहु काल, 12:20–13:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:26 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Khmelnytskyi में होलिका दहन बुध 20 मार्च को क्यों है?

होलिका दहन बुध 20 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में पूर्णिमा है, और किसी शाम नहीं।

चतुर्दशी 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 मंगल 19 मार्च प्रदोष काल 18:22–20:45
चतुर्दशी 17:00 19:00 21:00 मंगल 19 मार्च प्रदोष काल 18:22–20:45
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा बुध 20 मार्च को 07:15 से गुरु 21 मार्च को 03:42 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (18:24–20:46) उसके भीतर है।

होलिका दहन: Khmelnytskyi में हर तारीख़

Khmelnytskyi में पूर्णिमा बुध 20 मार्च को क्यों है?

पूर्णिमा बुध 20 मार्च को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी पूर्णिमा 07:15 05:00 06:00 08:00 बुध 20 मार्च स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:15
चतुर्दशी पूर्णिमा 07:15 05:00 06:00 08:00 बुध 20 मार्च स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:15
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 20 मार्च को 07:15 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 21 मार्च को 03:42 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 20 मार्च। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Khmelnytskyi में हर तारीख़

बुध 20 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.4° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 167.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 167.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। त्रयोदशी उससे पहले 10:48 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:15 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 6 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा क्षय क्यों है?

पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 20 मार्च सुबह गुरु 21 मार्च सुबह Khmelnytskyi UTC+2 07:15 03:42 06:15 चतुर्दशी 06:13 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 20 मार्च सुबह गुरु 21 मार्च सुबह Khmelnytskyi UTC+2 07:15 03:42 06:15 चतुर्दशी 06:13 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:15 को शुरू हुई और 03:42 गुरु को समाप्त, 06:15 और 06:13 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्दशी है और गुरुवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 20 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:40–05:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:40–05:28।

सूर्यास्त 18:22 मंगल सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 19 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:22 मंगल सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 19 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 19 मार्च की रात सूर्यास्त 18:22 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 53 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 20 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:55–12:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:55–12:44।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:55–12:44: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 20 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:46 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:24, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:24 से 06:13 गुरु, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 20 मार्च को राहुकाल कब है? 12:20–13:51

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:20–13:51।

बुध 20 मार्च को यमगंड कब है? 07:46–09:17

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:46–09:17।

बुध 20 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:49–12:20

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:20।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:15 से 18:24 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 20 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 9 मि का दिन।

बुध 20 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:20 चंद्रोदय 17:35
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:20 चंद्रोदय 17:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 20 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 142.6° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 142.6° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 142.6° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 12:47 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

बुध 20 मार्च को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 477.7° थे, एक चक्कर और 117.7°: शूल।

सूर्य 335.1° + चंद्रमा 142.6° = 477.7° एक चक्कर + 117.7° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 335.1° + चंद्रमा 142.6° = 477.7° एक चक्कर + 117.7° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 335.1° + 142.6° = 477.7°, एक पूरा चक्कर और 117.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 09:40 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

बुध 20 मार्च को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 167.4° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 167.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 167.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:02 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:15 तक है।

बुध 20 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:13 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 20 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 6 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 5 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

बुध 20 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल बुध 20 मार्च पूर्णिमा 19 फ़र॰ अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 21 मार्च अमावस्या 5 अप्रैल
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल बुध 20 मार्च पूर्णिमा 19 फ़र॰ अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 21 मार्च अमावस्या 5 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

बुध 20 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 15:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 20 मार्च सूर्य 335.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 15:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 20 मार्च सूर्य 335.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 15:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 362.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 20 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:35

चंद्रमा यहाँ 17:35 पर उदय होता है।

बुध 20 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:20

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:20 चंद्रोदय 17:35
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 06:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:20 चंद्रोदय 17:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:20 पर अस्त हुआ; वह फिर 17:35 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय दिन में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:20 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 17:35 पर उदय होगा।