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English

Khmelnytskyi, यूक्रेन का पंचांग रवि 17 अप्रैल 2016

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 22:36 तक

फिर द्वादशी · 00:49 मंगल तक

व्रत

कामदा एकादशी

पारण समय
06:13⁠–⁠20:09 सोम
सोम 18 अप्रैल
व्रत आरंभ
06:15

कामदा एकादशी रवि 17 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 17 अप्रैल क्यों?

कामदा एकादशी: Khmelnytskyi में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:54 06:15 20:08अगला सूर्योदय 06:13 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:59उद्वेगअशुभ
  • 07:59–09:43चरसामान्य
  • 09:43–11:27लाभशुभ
  • 11:27–13:12अमृतशुभ
  • 13:12–14:56कालअशुभ
  • 14:56–16:40शुभ
  • 16:40–18:24रोगअशुभ
  • 18:24–20:08उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:08–21:23शुभ
  • 21:23–22:39अमृतशुभ
  • 22:39–23:55चरसामान्य
  • 23:55–01:11 सोमरोगअशुभ
  • 01:11–02:26 सोमकालअशुभ
  • 02:26–03:42 सोमलाभशुभ
  • 03:42–04:58 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:58–06:13 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 17 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:35, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:15–07:59
  • चर, सामान्य, 07:59–09:43
  • लाभ, शुभ, 09:43–11:27
  • अमृत, शुभ, 11:27–13:12
  • काल, अशुभ, 13:12–14:56
  • शुभ, 14:56–16:40
  • रोग, अशुभ, 16:40–18:24
  • उद्वेग, अशुभ, 18:24–20:08
  • शुभ, 20:08–21:23
  • अमृत, शुभ, 21:23–22:39
  • चर, सामान्य, 22:39–23:55
  • रोग, अशुभ, 23:55–01:11 सोम
  • काल, अशुभ, 01:11–02:26 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:26–03:42 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:42–04:58 सोम
  • शुभ, 04:58–06:13 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:44–13:39, शुभ
  • यमगण्ड, 13:12–14:56, अशुभ
  • गुलिक काल, 16:40–18:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 18:17–19:12, अशुभ
  • राहु काल, 18:24–20:08, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:33 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Khmelnytskyi में कामदा एकादशी रवि 17 अप्रैल को क्यों है?

कामदा एकादशी रवि 17 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 06:15 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 रवि 17 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:39–06:15
एकादशी 06:15 03:00 05:00 07:00 रवि 17 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:39–06:15
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 17 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:15: रवि 17 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:48 शनि पर, उससे (04:39–06:15) पहले, समाप्त हुई।

कामदा एकादशी: Khmelnytskyi में हर तारीख़

रवि 17 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 124.4° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 124.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 124.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। दशमी उससे पहले 20:48 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 22:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 7 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 17 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:54–05:35

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:54–05:35।

सूर्यास्त 20:06 शनि सूर्योदय 06:15 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 16 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:06 शनि सूर्योदय 06:15 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 16 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 16 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:06 शनि से सूर्योदय 06:15 तक थी, 10 घं 9 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 17 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:44–13:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:44–13:39।

रवि 17 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 18:17–19:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:17–19:12।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:15 से 20:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:17–19:12।

रवि 17 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:59 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 20:08, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:08 से 06:13 सोम, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 17 अप्रैल को राहुकाल कब है? 18:24–20:08

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:24–20:08।

रवि 17 अप्रैल को यमगंड कब है? 13:12–14:56

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:12–14:56।

रवि 17 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 16:40–18:24

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:40–18:24।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:15 से 20:08 तक है, 13 घं 53 मि। इसे 1 घं 44 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 17 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 20:08, 13 घं 53 मि का दिन।

रवि 17 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 20:08, 13 घं 53 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:49 सोम चंद्रोदय 15:22
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:49 सोम चंद्रोदय 15:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 127.9° पर था: मघा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 127.9° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 127.9° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:02 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 131.4° थे: गण्ड।

सूर्य 3.5° + चंद्रमा 127.9° = 131.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 3.5° + चंद्रमा 127.9° = 131.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 3.5° + 127.9° = 131.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 09:52 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 124.4° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 124.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 124.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 09:38 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 22:36 तक।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:13 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 7 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 6 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल रवि 17 अप्रैल पूर्णिमा 23 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 22 अप्रैल अमावस्या 6 मई
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल रवि 17 अप्रैल पूर्णिमा 23 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 22 अप्रैल अमावस्या 6 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

रवि 17 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 17 अप्रैल सूर्य 3.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 17 अप्रैल सूर्य 3.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 9.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 17 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:22

चंद्रमा यहाँ 15:22 पर उदय होता है।

रवि 17 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:49 सोम

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:49 सोम चंद्रोदय 15:22
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 20:08 सूर्योदय 06:13 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:49 सोम चंद्रोदय 15:22
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:22 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:49 सोम पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:22 पर उदय हुआ; वह फिर 04:49 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।