tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 3 मई 2094

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 08:07 तक

फिर चतुर्थी · 06:35 मंगल तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:39

संकष्टी चतुर्थी सोम 3 मई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 3 मई क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:26 17:52अगला सूर्योदय 06:27 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:26–07:52अमृतशुभ
  • 07:52–09:18कालअशुभ
  • 09:18–10:43शुभ
  • 10:43–12:09रोगअशुभ
  • 12:09–13:35उद्वेगअशुभ
  • 13:35–15:00चरसामान्य
  • 15:00–16:26लाभशुभ
  • 16:26–17:52अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:52–19:26चरसामान्य
  • 19:26–21:01रोगअशुभ
  • 21:01–22:35कालअशुभ
  • 22:35–00:09 मंगललाभशुभ
  • 00:09–01:44 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:44–03:18 मंगलशुभ
  • 03:18–04:52 मंगलअमृतशुभ
  • 04:52–06:27 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 3 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:36, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:26–07:52
  • काल, अशुभ, 07:52–09:18
  • शुभ, 09:18–10:43
  • रोग, अशुभ, 10:43–12:09
  • उद्वेग, अशुभ, 12:09–13:35
  • चर, सामान्य, 13:35–15:00
  • लाभ, शुभ, 15:00–16:26
  • अमृत, शुभ, 16:26–17:52
  • चर, सामान्य, 17:52–19:26
  • रोग, अशुभ, 19:26–21:01
  • काल, अशुभ, 21:01–22:35
  • लाभ, शुभ, 22:35–00:09 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:09–01:44 मंगल
  • शुभ, 01:44–03:18 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:18–04:52 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:52–06:27 मंगल
  • राहु काल, 07:52–09:18, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:43–12:09, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:32, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:32–13:18, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:35–15:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:49–15:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:36 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में संकष्टी चतुर्थी सोम 3 मई को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी सोम 3 मई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 रवि 2 मई चंद्रोदय 19:46
तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 रवि 2 मई चंद्रोदय 19:46
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 3 मई को 08:07 से मंगल 4 मई को 06:35 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 3 मई को है, 20:39 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़

सोम 3 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215.1° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 215.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:26। द्वितीया उससे पहले 09:23 रवि पर समाप्त हुई। तृतीया 08:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 30 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 3 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:36।

सूर्यास्त 17:52 रवि सूर्योदय 06:26 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 2 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:52 रवि सूर्योदय 06:26 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 2 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 2 मई की रात सूर्यास्त 17:52 रवि से सूर्योदय 06:26 तक थी, 12 घं 34 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 3 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:32।

सोम 3 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:32–13:18

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:32–13:18 और 14:49–15:35।

सोम 3 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:32–13:18 और 14:49–15:35।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:26 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:32–13:18 और 14:49–15:35।

सोम 3 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:26–07:52 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:26 से 17:52, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:52 से 06:27 मंगल, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 3 मई को राहुकाल कब है? 07:52–09:18

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:52–09:18।

सोम 3 मई को यमगंड कब है? 10:43–12:09

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:43–12:09।

सोम 3 मई को गुलिक काल कब है? 13:35–15:00

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:35–15:00।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:26 से 17:52 तक है, 11 घं 26 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 3 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:26

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:52, 11 घं 26 मि का दिन।

सोम 3 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:52, 11 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:11 चंद्रोदय 20:39
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:11 चंद्रोदय 20:39
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 3 मई को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 233.4° पर था: ज्येष्ठा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 233.4° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 233.4° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 233°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:53 को निकलेगा, मूल में।

सोम 3 मई को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 251.7° थे: परिघ।

सूर्य 18.3° + चंद्रमा 233.4° = 251.7° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 18.3° + चंद्रमा 233.4° = 251.7° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 18.3° + 233.4° = 251.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 09:00 को समाप्त होता है, फिर शिव।

सोम 3 मई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 215.1° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 215.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:47 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 08:07 तक है।

सोम 3 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:26, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:26 से 06:27 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 3 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)

14 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 अप्रैल 22:39 बुध से 14 मई 09:11 शुक्र तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 15 मई 07:58 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।

सोम 3 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।

अमान्त वैशाख (अधिक) पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 3 मई अमावस्या 14 अप्रैल पूर्णिमा 30 अप्रैल अमावस्या 14 मई पूर्णिमा 29 मई
अमान्त वैशाख (अधिक) पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 3 मई अमावस्या 14 अप्रैल पूर्णिमा 30 अप्रैल अमावस्या 14 मई पूर्णिमा 29 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।

सोम 3 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2151 · शक 2016

विक्रम संवत 2151 16 मार्च 2094 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 2094 12:46 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 3 मई सूर्य 18.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 2094 12:46 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 3 मई सूर्य 18.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2094, 12:46 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 46.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2151 गिनता है; शक संवत 2016।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 3 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:39

चंद्रमा यहाँ 20:39 पर उदय होता है।

सोम 3 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:11

सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:11 चंद्रोदय 20:39
सूर्योदय 06:26 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:27 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:11 चंद्रोदय 20:39
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:39 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:39 पर उदय होगा।