tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 30 नवंबर 2089

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 00:17 गुरु तक

फिर अमावस्या · 00:13 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:40⁠–⁠00:23 गुरु
निशीथ काल 23:40⁠–⁠00:23 गुरु

मासिक शिवरात्रि बुध 30 नवंबर को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं। बुध 30 नवंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:01 05:28 18:34अगला सूर्योदय 05:28 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:28–07:06लाभशुभ
  • 07:06–08:45अमृतयमगण्ड में
  • 08:45–10:23कालअशुभ
  • 10:23–12:01शुभगुलिक काल में
  • 12:01–13:40रोगअशुभ
  • 13:40–15:18उद्वेगअशुभ
  • 15:18–16:56चरसामान्य
  • 16:56–18:34लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:34–19:56उद्वेगअशुभ
  • 19:56–21:18शुभ
  • 21:18–22:40अमृतशुभ
  • 22:40–00:01 गुरुचरसामान्य
  • 00:01–01:23 गुरुरोगअशुभ
  • 01:23–02:45 गुरुकालअशुभ
  • 02:45–04:06 गुरुलाभशुभ
  • 04:06–05:28 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 30 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:44, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:28–07:06
  • अमृत, शुभ, 07:06–08:45
  • काल, अशुभ, 08:45–10:23
  • शुभ, 10:23–12:01
  • रोग, अशुभ, 12:01–13:40
  • उद्वेग, अशुभ, 13:40–15:18
  • चर, सामान्य, 15:18–16:56
  • लाभ, शुभ, 16:56–18:34
  • उद्वेग, अशुभ, 18:34–19:56
  • शुभ, 19:56–21:18
  • अमृत, शुभ, 21:18–22:40
  • चर, सामान्य, 22:40–00:01 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:01–01:23 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:23–02:45 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:45–04:06 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:06–05:28 गुरु
  • यमगण्ड, 07:06–08:45, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:23–12:01, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:35–12:27, अशुभ
  • राहु काल, 12:01–13:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में मासिक शिवरात्रि बुध 30 नवंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि बुध 30 नवंबर को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी चतुर्दशी 00:46 22:00 23:00 00:00 02:00 मंगल 29 नवंबर निशीथ काल 23:39–00:23 बुध
त्रयोदशी चतुर्दशी 00:46 22:00 23:00 00:00 02:00 मंगल 29 नवंबर निशीथ काल 23:39–00:23 बुध
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 30 नवंबर को 00:46 से गुरु 1 दिसंबर को 00:17 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार की रात के निशीथ काल (23:40–00:23 गुरु) को छूती है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

बुध 30 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 338.4° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 338.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 338.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। त्रयोदशी उससे पहले 00:46 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 00:17 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 18 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या बुध 30 नवंबर सुबह गुरु 1 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:16 00:46 08:47 00:17 06:55 त्रयोदशी 06:56 चतुर्दशी 05:28 चतुर्दशी 05:28 अमावस्या
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या बुध 30 नवंबर सुबह गुरु 1 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:16 00:46 08:47 00:17 06:55 त्रयोदशी 06:56 चतुर्दशी 05:28 चतुर्दशी 05:28 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:55, त्रयोदशी की समाप्ति 09:16 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:28, त्रयोदशी की समाप्ति 00:46 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

बुध 30 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:44।

सूर्यास्त 18:34 मंगल सूर्योदय 05:28 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:34 मंगल सूर्योदय 05:28 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 29 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:34 मंगल से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 54 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 30 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:35–12:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:35–12:27।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:35–12:27: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 30 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:28–07:06 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:34, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:34 से 05:28 गुरु, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 30 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:01–13:40

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:01–13:40।

बुध 30 नवंबर को यमगंड कब है? 07:06–08:45

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:06–08:45।

बुध 30 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:23–12:01

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:23–12:01।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:28 से 18:34 तक है, 13 घं 6 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 30 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:34, 13 घं 6 मि का दिन।

बुध 30 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:34, 13 घं 6 मि का दिन।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:19 चंद्रोदय 05:04 गुरु
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:19 चंद्रोदय 05:04 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 30 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 202.2° पर था: विशाखा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 202.2° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 202.2° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:44 गुरु को निकलेगा, अनुराधा में।

बुध 30 नवंबर को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 425.9° थे, एक चक्कर और 65.9°: शोभन।

सूर्य 223.7° + चंद्रमा 202.2° = 425.9° एक चक्कर + 65.9° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 223.7° + चंद्रमा 202.2° = 425.9° एक चक्कर + 65.9° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 223.7° + 202.2° = 425.9°, एक पूरा चक्कर और 65.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 06:44 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

बुध 30 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 338.4° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 338.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 338.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 12:29 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 00:17 गुरु तक।

बुध 30 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 30 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 2 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 2 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

बुध 30 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल बुध 30 नवंबर अमावस्या 2 नव॰ पूर्णिमा 18 नव॰ अमावस्या 2 दिस॰ पूर्णिमा 17 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल बुध 30 नवंबर अमावस्या 2 नव॰ पूर्णिमा 18 नव॰ अमावस्या 2 दिस॰ पूर्णिमा 17 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

बुध 30 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2146 · शक 2011

विक्रम संवत 2146 10 अप्रैल 2089 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2089 19:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 नवंबर सूर्य 223.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2089 19:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 नवंबर सूर्य 223.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2089, 19:47 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 227° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2146 गिनता है; शक संवत 2011।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 30 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:04 गुरु

चंद्रमा यहाँ 05:04 गुरु पर उदय होता है।

बुध 30 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:19

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:19 चंद्रोदय 05:04 गुरु
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:34 सूर्योदय 05:28 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:19 चंद्रोदय 05:04 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:04 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:04 गुरु पर उदय होगा।