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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 31 जुलाई 2088

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:57 06:39 17:59अगला सूर्योदय 06:38 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:39–08:04कालअशुभ
  • 08:04–09:29शुभ
  • 09:29–10:54रोगअशुभ
  • 10:54–12:19उद्वेगअशुभ
  • 12:19–13:44चरसामान्य
  • 13:44–15:09लाभयमगण्ड में
  • 15:09–16:34अमृतशुभ
  • 16:34–17:59कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:59–19:34लाभशुभ
  • 19:34–21:09उद्वेगअशुभ
  • 21:09–22:44शुभ
  • 22:44–00:19 रविअमृतशुभ
  • 00:19–01:54 रविचरसामान्य
  • 01:54–03:29 रविरोगअशुभ
  • 03:29–05:03 रविकालअशुभ
  • 05:03–06:38 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 31 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:48, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:39–08:04
  • शुभ, 08:04–09:29
  • रोग, अशुभ, 09:29–10:54
  • उद्वेग, अशुभ, 10:54–12:19
  • चर, सामान्य, 12:19–13:44
  • लाभ, शुभ, 13:44–15:09
  • अमृत, शुभ, 15:09–16:34
  • काल, अशुभ, 16:34–17:59
  • लाभ, शुभ, 17:59–19:34
  • उद्वेग, अशुभ, 19:34–21:09
  • शुभ, 21:09–22:44
  • अमृत, शुभ, 22:44–00:19 रवि
  • चर, सामान्य, 00:19–01:54 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:54–03:29 रवि
  • काल, अशुभ, 03:29–05:03 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:03–06:38 रवि
  • गुलिक काल, 06:39–08:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:39–07:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:24–08:09, अशुभ
  • राहु काल, 09:29–10:54, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:42, शुभ
  • यमगण्ड, 13:44–15:09, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:48 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 31 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 155.7° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 155.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। द्वादशी उससे पहले 04:59 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 07:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 18 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

त्रयोदशी यहाँ शुक्र 30 और शनि 31 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 30 जुलाई सुबह शनि 31 जुलाई सुबह Ipameri UTC−3 04:59 07:12 06:39 त्रयोदशी 06:39 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी शुक्र 30 जुलाई सुबह शनि 31 जुलाई सुबह Ipameri UTC−3 04:59 07:12 06:39 त्रयोदशी 06:39 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 04:59 शुक्र को, सूर्योदय 06:39 शुक्र से पहले, शुरू हुई और 07:12 को, अगले सूर्योदय 06:39 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

शनि 31 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:57–05:48

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:57–05:48।

सूर्यास्त 17:59 शुक्र सूर्योदय 06:39 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:59 शुक्र सूर्योदय 06:39 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 30 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:59 शुक्र से सूर्योदय 06:39 तक थी, 12 घं 40 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 31 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:42

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:42।

शनि 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:39–07:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:39–07:24 और 07:24–08:09।

शनि 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:24–08:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:39–07:24 और 07:24–08:09।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:39 से 17:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:39–07:24 और 07:24–08:09।

शनि 31 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:39–08:04 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:39 से 17:59, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:59 से 06:38 रवि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 31 जुलाई को राहुकाल कब है? 09:29–10:54

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:29–10:54।

शनि 31 जुलाई को यमगंड कब है? 13:44–15:09

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:44–15:09।

शनि 31 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:39–08:04

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:39–08:04।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:39 से 17:59 तक है, 11 घं 20 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 31 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 20 मि का दिन।

शनि 31 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 20 मि का दिन।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:39 रवि चंद्रोदय 16:32
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:39 रवि चंद्रोदय 16:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 31 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 259.8° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 259.8° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 259.8° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:16 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

शनि 31 जुलाई को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 363.9° थे, एक चक्कर और 3.9°: विष्कम्भ।

सूर्य 104.1° + चंद्रमा 259.8° = 363.9° एक चक्कर + 3.9° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 104.1° + चंद्रमा 259.8° = 363.9° एक चक्कर + 3.9° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 104.1° + 259.8° = 363.9°, एक पूरा चक्कर और 3.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 00:01 रवि को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

शनि 31 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 155.7° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 155.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 155.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° तैतिल 150°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 18:07 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 07:12 तक है।

शनि 31 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:38 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)

18 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 जुलाई 05:40 रवि से 16 अगस्त 13:16 सोम तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 20:57 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।

शनि 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।

अमान्त श्रावण (अधिक) पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 31 जुलाई पूर्णिमा 3 जुल॰ अमावस्या 18 जुल॰ पूर्णिमा 2 अग॰ अमावस्या 16 अग॰
अमान्त श्रावण (अधिक) पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 31 जुलाई पूर्णिमा 3 जुल॰ अमावस्या 18 जुल॰ पूर्णिमा 2 अग॰ अमावस्या 16 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।

शनि 31 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2145 · शक 2010

विक्रम संवत 2145 22 मार्च 2088 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2088 21:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 31 जुलाई सूर्य 104.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2088 21:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 31 जुलाई सूर्य 104.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2088, 21:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 125.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2145 गिनता है; शक संवत 2010।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 31 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:32

चंद्रमा यहाँ 16:32 पर उदय होता है।

शनि 31 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:39 रवि

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:39 रवि चंद्रोदय 16:32
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 17:59 सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:39 रवि चंद्रोदय 16:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:39 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:32 पर उदय हुआ; वह फिर 05:39 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।